एक तरफा प्यार करने वाले हजारों लड़का का 'लव एंथम' था 33 साल पुराना गाना, आज भी सुनने पर दिल में बज उठेगी 'गिटार'
आज से 33 साल पहले शाह रुख खान का एक गाना आया था जो हर एकतरफा प्यार करने वाले आशिकों के लिए बेहद खास था। आज भी ये कल्ट क्लासिक बना हुआ है। ...और पढ़ें
-1783510984212_m.webp)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। प्यार में डूबे या फिर दिल टूटे आशिकों के लिए बॉलीवुड में कई गानें हैं। कोई आपको प्यार करना सिखाता है, तो कोई इजहार करना लेकिन इस बात को तो मानना पड़ेगा कि यहां हर एक इमोशन के लिए उससे जुड़ा गाना मौजूद है।
आज हम आपको ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने वाले हैं जिसमें काजोल (Kajol) और शाह रुख खान (Shah Rukh) की शानदार केमिस्ट्री देखने को मिली थी। हम बात कर रहे हैं फिल्म 'बाजीगर' (Baazigar) के रोमांटिक गाने 'छुपाना भी नहीं आता, जताना भी नहीं आता की'।
यह भी पढ़ें- 30 साल पुराना ये हिट गाना, हीरो को फ्रीज करके कपड़े बदलने जाती थी हीरोइन; आज भी थिरकने पर मजबूर करता है सॉन्ग
33 साल पहले आया था बेदह दर्दभरा गीत
इस गाने को गाया था विनोद राठौड़ ने और म्यूजिक दिया था अनु मलिक ने। इस गाने में एक लाइन है - 'हथेली पर तुम्हारा नाम, लिखते हैं मिटाते हैं' बहुत ही गहरी थी। स्क्रीन पर जब-जब सिद्धार्थ आए उनकी आंखों में वो दर्द साफ देखने को मिला। कई रिपोर्ट्स में तो ये तक कहां गया कि उन्होंने इस रोल को इतनी खूबसूरती से निभाया कि बिना बोले सारी बात दर्शकों के दिल में उतर गई।
-1783511310747.jpg)
सिद्धार्थ रे ने फिल्म में इंस्पेक्टर करण सक्सेना का किरदार निभाया था। वह फिल्म में काजोल के दोस्त और एक पुलिस अधिकारी के रूप में नजर आए थे, जो मन ही मन उनसे प्यार करता था। उन्हीं पर ये गाना 'छुपाना भी नहीं आता' फिल्माया गया था। 90 के दशक में ये गाना हर दिल टूट आशिक के दर्द का सहारा बना था। स्कूल-कॉलेजों के लड़के इसे अपना एंथम मानते थे।
खबरें और भी
दिल की बात कहता है गाना
करण (सिद्धार्थ रे) के सामने उसकी मोहब्बत खड़ी है लेकिन फिर भी वो उसे अपने दिल की बात नहीं बता पा रहा। कश्मकश और मासूम मोहब्बत को ये गाना बखूबी बयां करता है। इतने सालों बाद भी आज यह गाना हर उस शख्स की पहली पसंदीद रहता है जो अपनी मोहब्बत का इजहार करने के लिए शब्दों की तलाश कर रहा होता है।