यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'मैं इसकी हकदार नहीं', डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर बोलीं Shabana Azmi, शंकर महादेवन ने जताई खुशी
हिंदी सिनेमा में अपने उम्दा अभिनय करियर के लिए जानी जाने वालीं अदाकारा शबाना आजमी (Shabana Azmi) और म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज गायक शंकर महादेवन (Sha ...और पढ़ें

HighLights
- 50 साल से इंडस्ट्री में हैं शबाना आजमी
- सालों से इंडस्ट्री में गाना बना रहे शंकर
- डॉक्टरेट मिलने पर स्टार्स ने बयां कीं फीलिंग्स
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। शबाना आजमी (Shabana Azmi) और शंकर महादेवन (Shankar Mahadevan) को किसी पहचान की जरूरत नहीं है। शबाना ने 50 साल के करियर में हिंदी सिनेमा में अपनी अदाकारी से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है, वहीं शंकर ने अपने शब्दों और आवाज से लोकप्रियता हासिल की। अपनी-अपनी फील्ड में बेहतरीन काम के लिए बीते दिन उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
शबाना आजमी और शंकर महादेवन के साथ पूर्व टेनिस प्लेयर लिएंडर पेस को कोलकाता के टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतिष्ठित समारोह में डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। उपाधि मिलने के बाद शबाना और शंकर ने अपनी खुशी जाहिर की।
शंकर महादेवन ने बयां की खुशी
शंकर महादेवन ने टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी में डॉक्टरेट की उपाधि मिलने के बाद लक्ष्य मूवी का गाना गाया और फिर अपने दिल की बात कही। एएनआई संग बातचीत में संगीतकार ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत खास दिन है। प्रतिष्ठित ऑर्गनाइजेशन टेक्नो इंडिया से डॉक्टरेट की उपाधि पाकर मैं पूरी तरह से धन्य और सम्मानित महसूस कर रहा।"
शंकर ने आगे कहा, "मैंने जिन लोगों के साथ यह उपाधि प्राप्त की है, उनके चलते मैं और धन्य महसूस कर रहा हूं। यह सम्मान देने के लिए आपका शुक्रिया। म्यूजिक फील्ड में और भी मेहनत करने के लिए यह एक जिम्मेदारी है, साथ ही संगीत को मानवता की भलाई के लिए उपयोग करना है।"
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उपाधि मिलने पर बोलीं शबाना आजमी
शबाना आजमी ने भी उपाधि मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की और उन्होंने भी इसे एक जिम्मेदारी कहा। शबाना ने कहा, "मैं टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट मिलने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं क्योंकि उपाधि पाने वाले दूसरों का कद इतना ऊंचा था कि मुझे नहीं लगता कि मैं इस सम्मान की हकदार हूं। अब जब मुझे यह सम्मान मिल गया है तो यह मुझ पर एक जिम्मेदारी भी डालता है। मुझे लगता है कि कला का उपयोग सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में किया जा सकता है और यही मैंने अपने तरीके से करने की कोशिश की है।"