Sharad Kelkar ने Taskaree के किरदार को बताया अमिताभ बच्चन से प्रेरित, एंग्री मैन लुक में नजर आए एक्टर
अभिनेता शरद केलकर ने बताया कि वे टाइपकास्टिंग से बचने के लिए कई भूमिकाओं को 'ना' कहते हैं, भले ही इससे लोग नाराज हों। उनका मानना है कि कलाकारों को हमे ...और पढ़ें
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तस्करी सीरीज में नजर आए इमरान हाशमी (फोटो-इंस्टाग्राम)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रियंका सिंह, मुंबई। जब कलाकार को किसी एक छवि में न बांधा जाए, तो उसे अलग रोल करने के मौके मिलते हैं। हालांकि ऐसा करना कठिन इसलिए हैं, क्योंकि जब कोई एक रोल में हिट हो जाता है, तो उसे वैसे ही रोल आफर होते हैं। ऐसे में मना करना कारगर हो सकता है। अभिनेता शरद केलकर ऐसा करते हैं, जिससे उनसे कई लोग नाराज भी हो जाते हैं। हाल ही में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज तस्करी:द स्मगलर्स वेब में निगेटिव रोल में दिखे शरद कहते हैं कि मेरे काम में टाइपकास्टिंग इसलिए नहीं दिख रही है, क्योंकि मैंने बहुत लोगों को ना कहा है।
एक्टर्स को कर दिया जाता है टाइपकास्ट
शरद केलकर ने आगे बताया कि इस कारण कई लोग उनसे बहुत नाराज भी हुए होंगे, लेकिन वह ना कहना बहुत जरूरी है। टाइपकास्टिंग को मैं ईजी (आसान) कास्टिंग कहता हूं, क्योंकि एक समय था जब ऐसा सोचा जाता था कि यह फलां तरीके का दिखता है, तो इसे ऐसे कास्ट कर लो। बतौर एक्टर आप ऐसी सोच से परेशान हो जाते हैं कि ठीक है सफलता मिली है, लोगों ने बहुत प्यार दिया है, लेकिन मुझे खुद के लिए कुछ नया करना है। जब आप अपने लिए खड़े होते हैं और लोगों को ना कहते हैं, तो करियर में बदलाव आता है।
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हमेशा सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए
लगातार सीखते रहना जरूरी अलग-अलग पात्र मिलने लगते हैं। उनमें से एक या दो किरदार चल गए, तो फिर आपके पास अलग काम आना शुरू हो जाता है। सफलता मिलने के बाद उसे कायम रखने के लिए किन बातों का ख्याल शरद रखते हैं? इस पर वह कहते हैं कि हमारा पेशा ऐसा है, जहां अगर यह कहना शुरू कर दिया कि मुझे सब आता है, तो आप उस दिन खत्म हो जाओगे। आपको लगातार सीखते रहना पड़ता है। खुद को नए अंदाज में लाते रहना पड़ता है। सफल कलाकार को लिए लोग कहते हैं कि वह पिछली सफलता के बैगेज (बोझ) के साथ आते हैं, मैं उसे अनुभव कहता हूं, जिसका प्रयोग आप अपने काम में कर सकते हैं कि कौन सा काम चुनना है कौन सा नहीं। लेकिन काम का चुनाव भी एक सुरक्षा के साथ आता है?
दिमाग में अच्छा प्लान होना जरूरी
इस पर आगे शरद कहते हैं कि देखिए दो तरह की सिक्योरिटी एक कलाकर अपने करियर में चाहता है। एक आर्थिक स्थिरता, दूसरा बतौर एक्टर आप सिक्योर हों। अच्छा काम मिलता रहे या आप दिमाग में तय कर लें कि अच्छा ही काम करूंगा, तो सिक्योर कलाकार बनने के साथ आर्थिक स्थिरता आ जाएगी। समय-समय की बात है और वह समय सबका आता है, किसी का आज, किसी का कल, तो किसी का देर से आता है। ऐसे में धैर्य रखना जरूरी है।
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धैर्य रखना जरूरी
मैंने पिछले 20 साल में धैर्य ही रखा था। जब साल 2013 में मैं टीवी से ओटीटी और फिल्मों में शिफ्ट हुआ था, तब भी मैंने कहा था धैर्य रखना जरूरी है। तब तो टीवी कलाकारों के लिए दूसरे माध्यम में जगह बनाना भी आसान नहीं था। मैंने तभी इस पर आवाज भी उठाई थी कि ऐसा क्यों है, थिएटर का एक्टर हो, टीवी का या फिल्म का, एक्टर तो एक्टर होता है। अभिनय उसका पेशा है, उसका क्राफ्ट, उसकी कला उसकी पहचान है। माध्यम कोई भी हो सकता है। कोई सिनेमा के साथ अगर ओटीटी पर कर रहा है, तो क्या ओटीटी वाला कलाकार छोटा हो गया? नहीं हुआ ना, तो एक ही कला के भीतर लोग इतना अंतर कैसे कर सकते हैं।
शरद ने खुद को बताया अमिताभ बच्चन का फैन
अभिनय के साथ हम माध्यम के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकते हैं। कलाकार, केवल कलाकार होता है। तस्करी सीरीज में शरद का पात्र पिछली सदी के आठवें दशक की फिल्मों में एंग्री यंग मैन के नाम से पहचान रखने वाले अमिताभ बच्चन के पात्र विजय प्रेरित है। उनके उन पात्रों का शरद का कैसा प्रभाव रहा है? इस पर शरद हंसते हुए कहते है कि बच्चन साहब का कौन फैन नहीं रहा है। वह कमाल के कलाकार हैं। बड़े होकर तो नहीं, लेकिन बचपन में उनका मुझ पर बहुत प्रभाव रहा है। मैं उन्हीं की तरह अपने बाल बनाता था। खैर, इस शो में उस स्वैग के अलावा भी बहुत कुछ है। शो में मेरी जो बैकस्टोरी चलती है वह उस दशक की है, जो मिस्टर बच्चन का एंग्री यंग मैन वाला ही दौर था। मेरा पात्र शो में उनका फैन होता हैं, जब बाल कटाने जाता है, तो बच्चन साहब की फोटो सामने लगी होती है कि ऐसा हेयरस्टाइल करो। वह स्वैग कहानी का छोटा सा हिस्सा जरूर है।