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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shekhar Kapur की नारजगी के बाद Bandit Queen पर आया हंसल मेहता का रिएक्शन, सीन काटने को बताया गलत

    By Anu Singh Edited By: Anu Singh
    Updated: Wed, 19 Mar 2025 05:04 PM (IST)

    शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन (Bandit Queen) की गिनती भारतीय फिल्म जगत की कल्ट फिल्मों में की जाती है। हाल ही में इसे ओटीटी पर रिलीज करने की खबर साम ...और पढ़ें

    हंसल मेहता ने दिया निर्देशक शेखर कपूर का साथ (Photo Credit- X)
    हंसल मेहता ने दिया निर्देशक शेखर कपूर का साथ (Photo Credit- X)

    HighLights

    1. ओटीटी पर स्ट्रीम हो रही बैंडिट क्वीन
    2. फिल्म से हटाए गए कई सारे सीन्स
    3. अब फिल्म निर्देशक का फूटा गुस्सा

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। शेखर कपूर ने साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म बैंडिट क्वीन का निर्देशन किया था। जब से इसे ओटीटी पर रिलीज करने का फैसला लिया गया है तब से ही मूवी को लेकर काफी विवाद हो रहा है। फैंस को उम्मीद थी कि फिल्म को कई साल बाद ओटीटी पर उतारने से वो फिल्म की यादें ताजा कर पाएंगे। अब जब ये ओटीटी पर स्ट्रीम हो गई है तो इसमें कई सारे बदलाव कर दिए गए हैं जिससे शेखर खुश नजर नहीं आ रहे हैं। आइए आपको बताएं क्या बोले शेखर और हंसल मेहता ने उनके सपोर्ट में क्या कहा है...

    ओटीटी कट्स से खुश नहीं हैं शेखर

    डायरेक्टर शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए डायरेक्टर और एडिटर की मेहनत पर बात की है। पोस्ट में उन बातों का जिक्र किया जो एक फिल्म को बनाते हुए ध्यान में रखी जाती हैं। अपने ट्वीट में शेखर लिखते हैं,

    "जब एक फिल्म बनती है तो डायरेक्टर और एडिटर कई बार उसे देखते हैं और उसकी कमियां दूर करते हैं। दोनों मिलकर दिन-रात काम करते हैं और एडिटिंग पर लड़ाइयां भी करते हैं। मुझे याद है कि मैंने रेनू सलूजा के साथ कैसे महीनों तक बैंडिट क्वीन पर काम किया है और उसके बाद एक रैंडम इंसान आकर इसे ओटीटी के लिए एडिट कर देता है।"

    Photo Credit- Instagram

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    डायरेक्टर और एडिटर के काम को नुकसान

    इतना ही नहीं वो इस पर भी जोर देते हैं कि फिल्म बनाने के लिए पूरी टीम को कई दिनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, "क्या तुम्हें अंदाजा है कि तुम्हारी खराब एडिटिंग की वजह से नुसरत फतेह अली खान साहब की जादूगरी को कितना नुकसान हुआ है? और फिल्म में काम करने वाले एक्टर्स को कितना नुकसान हुआ है? तुम 50 डिग्री में खुद को तपा नहीं रहे थे।

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    Photo Credit- X

    जब हम ये फिल्म शूट कर रहे थे इसलिए तुम्हें उस दर्द का अहसास नहीं होगा, जो हम कर रहे हैं।" बताते चलें कि शेखर कपूर द्वारा निर्देशित ‘बैंडिट क्वीन’ फूलन देवी के जीवन पर आधारित फिल्म थी। फिल्म में सीमा बिस्वास ने फूलन देवी का किरदार निभाया था।

    हंसल मेहता ने भी किया शेखर का सपोर्ट

    सीन्स को काटे जाने पर फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर निर्देशक हंसल मेहता ने भी शेखर का पक्ष लिया है। हंसल ने शेखर के पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, "बहुत दुख होता है जब ऐसी फिल्में जो हमेशा भारत का गौरव होनी चाहिए, उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, लेकिन फिर इसमें नया क्या है? हम वेस्ट के गुलामों की तरह व्यवहार किए जाने के इतने आदी हो गए हैं। कोई विरोध नहीं। पूरी तरह से समर्पण।

    Photo Credit- X

    क्योंकि वे हम पर एहसान कर रहे हैं। कलाकार के रूप में हमारी ईमानदारी ना तो सुरक्षित है। और ना ही किसी गिल्ड द्वारा जो संभावित रूप से हमारी रक्षा कर सकती है। तथाकथित 'एसोसिएशन' एक राजनीतिक पार्टी की तरह व्यवहार करने या विभाजनकारी प्रचार करने में व्यस्त है। इस बीच निर्देशक पॉवरलेस हो गए हैं और किसी भी सहायता प्रणाली से आजाद नहीं हैं।"

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