विजय की Jana Nayagan विवाद के बीच वायरल हुआ 'स्पिरिट' डायरेक्टर का बयान, CBFC के कंट्रोल को लेकर दी थी नसीहत
थलापति विजय की 'जन नायगन' रिलीज से पहले विवादों में घिरी हुई है। सेंसर बोर्ड ने इसमें हिंसक सीन की वजह से फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेट नहीं दिया है। मद् ...और पढ़ें

जन नायगन मेकर्स और सेंसर विवाद के बीच 'रेड्डी' का बयान वायरल/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया से राजनीति की दुनिया में कदम रख चुके थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायगन' को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है, जिसमें अब कई सितारे भी एक्टर के सपोर्ट में उतर आए हैं और सेंसर बोर्ड के फैसलों पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। थलापति विजय की आखिरी फिल्म 9 जनवरी को प्रभास की मूवी 'द राजा साब' से सिनेमाघरों में टक्कर लेने वाली थी। इस फिल्म ने चंद दिनों में ही एडवांस बुकिंग में 50 से 60 करोड़ के आसपास वर्ल्डवाइड और 10 करोड़ के आसपास इंडियन में पैसा कमा लिया था।
हालांकि, इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से 9 तारीख को रिलीज के लिए हरी झंडी नहीं मिली, जिसकी वजह से मेकर्स को सभी का पैसा रिफंड करना पड़ा। जन नायगन और सेंसर बोर्ड के विवाद के बीच अब 'स्पिरिट' के डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने ये सलाह दी थी कि CBFC की टीम में किस तरह के लोगों को शामिल किया जाना चाहिए।
किन लोगों के हाथों में जानी चाहिए सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी?
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड एनालिस्ट कोमल नहाटा से बातचीत करते हुए 'एनिमल' के डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने एक्सप्रेस किया था कि उनके अनुसार किन लोगों को ये जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। वांगा ने कहा था, "मुझे लगता है कि सेंसर बोर्ड का कंट्रोल सीनियर डायरेक्टर्स, रिटायर्ड डायरेक्टर्स और फिल्म के डायरेक्टर को दी जानी चाहिए। या फिर उन्हें दो जो फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं, न कि ऐसे व्यक्ति को जिन्हें फिल्म निर्माण की बारीकियों के बारे में कुछ नहीं पता।"
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संदीप रेड्डी वांगा के बयान के अलावा राम गोपाल वर्मा ने सेंसर बोर्ड की महत्वता पर सवाल उठाया था। उन्होंने एक्स अकाउंट पर लिखाथा, "मैं ये सिर्फ एक्टर विजय की जन नायगन के सेंसर बोर्ड संग इशू पर नहीं कह रहा हूं, लेकिन ये कहना कि सेंसर बोर्ड आज के समय में भी रेलेवेंट है, ये कहना बिल्कुल ही मुर्खता है। इसका उद्देश्य बहुत पहले ही खत्म हो चुका है, लेकिन इसकी महत्वता को जिंदा रखने के लिए इस पर अभी भी बात हो रही है, जिसके लिए पूरी फिल्म इंडस्ट्री जिम्मेदार है।"
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CENSOR BOARD is OUTDATED
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) January 9, 2026
Not in the context of just @Actor_Vijay ‘s #JanaNayagan ‘s censor issues but in an overall manner, it is truly foolish to think that the censor board is still relevant today
It has long outlived it’s purpose, but it’s being kept alive out of laziness…
मद्रास हाईकोर्ट ने 21 तारीख तक लगाई रिलीज पर रोक
आपको बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट ने फिलहाल थलापति विजय की फिल्म पर 21 जनवरी तक रिलीज को लेकर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का मानना है कि सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने से पहले अपना पक्ष रखने का पूरा समय नहीं दिया गया था।
सेंसर बोर्ड का कहना था कि फिल्म में कई ऐसे सीन और राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग किया गया है, जिसके लिए एक्सपर्ट की राय बेहद जरूरी है।