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देहाती अंदाज और देसी मिजाज का है 63 साल पुराना ये गाना, लता-मुकेश ने दी आवाज; कल्ट सॉन्ग आज भी है सुपरहिट

Published: Fri, 24 Jul 2026 07:51 PM (IST)

साल 1967 में एक फिल्म आई जिसका देहाती और देसी अंदाज में बना गाना आज भी यूपी-बिहार के लोगों की पहली पसंद है।

यूपी-बिहार लोगों की पहली पसंद है यह गाना   (फोटो- अल्ट्रा/Youtube)

यूपी-बिहार लोगों की पहली पसंद है यह गाना (फोटो- अल्ट्रा/Youtube)

HighLights

  1. साल 1967 में आया यह कल्ट गाना

  2. लता मंगेशकर और मुकेश ने दी थी आवाज

  3. सुनील दत्त और नूतन पर फिल्माया गया यह देसी मिजाज का गाना

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हिंदी फिल्मों में कुछ गाने ऐसे बने हैं, जिन्हें सुनने के बाद मानो मन को शांति मिल जाती है। भले ही आज की युवा पीढ़ी नए गानों को सुनती हो, लेकिन पुराने गानों (Old Classic Songs) का भी एक अलग और खास दौर रहा है। आज हम आपको एक ऐसे ही देसी गाने की कहानी बताने जा रहे हैं, जो आज उतना ही ताजा है, जितना सालों पहले था।

कौन सा है वह गाना?

अब बॉलीवुड में देसी अंदाज और देसी ठाठ-बाट वाले गाने बनने बंद हो चुके हैं। हालांकि एक वक्त था जब फिल्मों में ज्यादातर कहानियां घर-गांव से ही जुड़ी होती थीं। ऐसा ही एक गाना आया साल 1967 में आई फिल्म मिलन (Milan Movie) में, जिसमें फिल्म के लीड हीरो थे सुनती दत्त (Sunil Dutt) और उनकी हीरोइन थीं नूतन (Nutan)।

इन दोनों पर फिल्माया गया गाना सावन का महीना पवन करे शोर...(Sawan Ka Mahina Pawan Kare Shor) आज भी कानों में रस घोलता है। गाने को लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और मुकेश (Mukesh) ने आवाज दी थी। वहीं इस गाने का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था और गाने को आनंद बक्शी ने लिखा था। गाना सालों बाद भी उतना ही कल्ट क्लासिक है।

sunil nutan

देसी मिजाज का गाना आज भी है हिट

इस गाने में सुनीत दत्त और नूतन नदी के बीच में रोमांस करते हुए नजर आ रहे हैं। गाने में नूतन की सादगी और सुनील दत्त साहब का भोलापन दिल ही जीत ले जाता है। गाने में पूर्वी यूपी/देहाती भाषा का इस्तेमाल किया गया है। गाना एक नदी के किनारे नाव में और प्रकृति की गोद में फिल्माया गया है।

Lata mukesh

फिल्म में सुनील दत्त एक सादे, देहाती मल्लाह यानि नाव चलाने वाले का किरदार निभाते हैं और नूतन एक शहरी लड़की बनी हैं। सुनील दत्त का किरदार को नूतन गाना गाना सिखाती हैं। गाने के बोल में एक शब्द आता है,शोर।

अब क्योंकि सुनील दत्त का किरदार एक अनपढ़, देहाती गांव का लड़का था, जो शुद्ध 'श' नहीं बोल पाता था और उसे 'स' उच्चारण करता था, इसलिए सिंगर मुकेश इसे सोर कहते हैं और फिर उन्हें इस पर लता जी यानि नूतन उन्हें टोकते हुए सही उच्चारण सिखाती हैं, जो कहती हैं कि सोर नहीं शोर।

देसी अंदाज और देहाती मिजाज में बना यह गाना सालों बाद भी खूब सुना जाता है। सिनेप्रेमियों के लिए यह गाना सावन के महीने में तो और भी ज्यादा खुश कर जाता है। फिल्म मिलन तमिल मूवी मूगा मनसुलू की हिंदी रीमेक थी, जिसे अदुरथी सुब्बा राव ने डायरेक्ट किया था।

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