5000 के साथ आए मुंबई....खाने के पड़े थे लाले, Awarapan 2 ने बदली एक्टर की किस्मत; 50 की उम्र में बना स्टार
आवारापन 2 से ओवरनाइट सेंसेशन बनकर सबका दिल जीत चुका यह अभिनेता 5 हजार के साथ मुंबई आया था और कभी उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे थे।

5 हजार लेकर मुंबई आया था एक्टर/ Photo- Instagram
HighLights
50 की उम्र में एक्टर को मिली फिल्मों में पहचान
5 हजार के साथ एक वक्त की रोटी निकालना था मुश्किल
आवारापन 2 बना ओवरनाइट सेंसेशन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। माया नगरी मुंबई में लाखों लोग आंखों में एक्टर बनने का ख्वाब लेकर ही आते हैं। हालांकि, स्टार वाला बड़ा स्टारडम बहुत ही कम लोगों को मिल पाता है। बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के संघर्ष में कुछ लोग हार जाते हैं और वापस अपने घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं, लेकिन इंडस्ट्री में एक बड़ा मुकाम हासिल करने का ख्वाब लिया एक शख्स ऐसा भी है, जिसने बॉलीवुड का बड़ा एक्टर कहलाने के लिए खूब पापड़ बेले।
आखिरकार 50 की उम्र में आवारापन-2 से उसे वह मुकाम मिल ही गया जिसकी उसे चाहत थी। कौन है आवारापन-2 से तहलका मचाने वाला वह एक्टर, पढ़ें उनका दिलचस्प किस्सा।
5 हजार लेकर आए था मुंबई
मुंबई जैसे शहर में 5 हजार के साथ सर्वाइव करना कितना मुश्किल है, ये तो हम सब जानते हैं। हालांकि, आवारापन 2 ओवरनाइट सेंसेशन बनने वाले एक्टर सुविंदर विक्की की हालत ऐसी ही थी। नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आए सुविंदर ने एक्टर बनने का सपना बहुत ही कम उम्र में देख लिया था। उन्होंने पंजाब के एक इंस्टीट्युट से ही एक्टिंग भी सीखी और कई न्यूकमर्स की तरह वह भी इंडस्ट्री में अपना नाम बनाने के लिए आ गए।
सुविंदर ने इंटरव्यू में उन पलों को याद किया, जब उन्होंने थिएटर में प्ले करके 5 हजार रुपये मिले और उन्हीं पैसों से अभिनेता ने एक्टिंग का सपना पूरा करने के लिए मुंबई में स्ट्रगल किया। हालांकि, उनके पास पैसा एक महीने में ही खत्म हौ गया, जिसके बाद सुविंदर को अपने घर पंजाब लौटना पड़ा। उन्होंने उस पल को भी याद किया जब मुंबई में उनके पास एक वक्त के सर्वाइवल के लिए पैसे भी नहीं होते थे।

फिल्मों में किए छोटे-छोटे रोल
पंजाब लौटने के बाद सुविंदर ने फिल्मों में छोटे-छोटे रोल भी किए। एक्टर ने साल 2004 में फिल्म देस होया परदेस के साथ डेब्यू किया था। उसके बाद वह शाहिद की फिल्म उड़ता पंजाब से पहले पंजाबी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल्स करते रहे। अक्षय कुमार की फिल्म केसरी में भी सुविंदर विक्की ने कैरेक्टर रोल निभाया। हालांकि, इन फिल्मों से एक्टर को पहचान तो नहीं मिली, लेकिन वह फिल्मों से जुड़े रहे।
हाल ही में फिल्म कम्पैनियन को दिए गए इंटरव्यू में सुविंदर विक्की ने कहा, "एक्टिंग कोई 9 से 5 की नौकरी की तरह नहीं होती है। हमारे परिवार में हमेशा से ये ट्रेंड था कि या तो तुम किसान बनो या फिर रेगुलर नौकरी करो। मेरे पिता की रेगुलर जॉब थी, जिसे वह शौक के रूप में करते थे, वही मेरे अंदर भी आया। मैनें भी वही करने की कोशिश की, लेकिन मैं रेगुलर जॉब चाहता नहीं था। मैं सच कहूं तो मुझे एंग्जायटी होने लगती थी ये सोचकर ही कि मैं एक्टिंग के अलावा कुछ और करूं।"

50 की उम्र में मिला स्टारडम
सुविंदर विक्की ने बताया कि किस तरह से 50 की उम्र पार करने के बाद उन्हें नेटफ्लिक्स की सीरीज कोहरा से स्टारडम मिला। उनका सीरीज में ग्रे शेड कैरेक्टर लोगों को बेहद पसंद आया। कोहरा सुविंदर के करियर में मील का पत्थर साबित हुई। इस सीरीज के बाद ओटीटी के अलावा फिल्मों में भी काफी काम किया। धुरंधर में उन्होंने अर्जुन रामपाल के पिता का किरदार निभाया।
कभी पिता की 9 टू 5 नौकरी करने वाले सुविंदर कौर को 50 की उम्र के बाद वह पहचान मिली, जिसके लिए वह सालों से मेहनत कर रहे थे। इन दिनों सुविंदर फिल्म 'आवारापन-2' को लेकर तारीफ बटोर रहे हैं। इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात वह सफलता दिलाई, जिसका ख्वाब उन्होंने देखा था।
