यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Swatantrya Veer Savarkar को प्रोपेगेंडा फिल्म बताने पर Randeep Hooda ने तोड़ी चुप्पी, कह दी ये बड़ी बात
Randeep Hooda इन दिनों अपनी आपने वाली फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर को लेकर लाइमलाइट में बने हुए हैं। इस मूवी में अभिनेता भारत के क्रांतिकारी स्वतंत्रत ...और पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। इस मूवी में एक्टर सावरकर की भूमिका निभाते हुए दिखाई देने वाले हैं। रणदीप की फिल्म को कुछ लोग प्रोपेगेंडा फिल्म बता रहे हैं। ऐसे में अब खुद अभिनेता ने इस पर चुप्पी तोड़ी है और इसका जवाब दिया है।
सावरकर को दिए गए कई नाम
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जब रणदीप हुड्डा से पूछा गया कि कुछ लोग इसको प्रोपेगेंडा फिल्म भी कह रहे हैं। इस पर अभिनेता जवाब देते हैं कि यह एक 'एंटी-प्रोपेगेंडा' फिल्म है। ये एंटी-प्रोपेगेंडा फिल्म इसलिए है, क्योंकि सावरकर के खिलाफ इतने सालों से जो प्रोपेगेंडा चलाया गया है। उनको न जाने क्या-क्या नाम दिए गए हैं।
उन्हें माफीवीर, कायर ये वो, वह सब जो प्रोपेगेंडा है, ये उस प्रोपेगेंडा को तोड़ने के लिए, असलियत लोगों के सामने लाने के लिए, हमारा जो एक और इतिहास जिसे धुंधला कर दिया गया है। वो लोगों के सामने लाने के लिए ये था। इत्तेफाकन ये फिल्म 22 मार्च को रिलीज हो रही है। मैं तो इसे पिछले 15 अगस्त को रिलीज करने वाला था, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर'।
#WATCH | On his upcoming film 'Swatantrya Veer Savarkar' being called a 'propaganda film', actor lead Randeep Hooda says, "My answer is that it is an 'anti-propaganda' film. The propaganda against Savarkar that has been run for several years now... - this (film) is to bust all… pic.twitter.com/aaWZy1MyMH
— ANI (@ANI) March 4, 2024
जेल में किया था खुद को बंद
कुछ दिनों पहले रणदीप हुड्डा ने सावरकर को श्रद्धांजलि देते हुए बताया था कि उन्होंने इस फिल्म के लिए सावरकर की जिंदगी को करीब से महसूस करने के लिए खुद को कालापानी की जेल में बंद कर लिया था।
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रणदीप हुड्डा ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'आज भारत के महान सपूतों में से एक की पुण्यतिथि है। जो नेता, निडर स्वतंत्रता सेनानी, दार्शनिक और दूरदर्शी हैं। स्वातंत्र्य वीर सावरकर ऐसे व्यक्ति थे, जिनकी प्रचंड बुद्धि और साहस ने अंग्रेजों को डरा दिया कि उन्होंने उन्हें दो जन्मों के लिए कालापानी की इस 7 बाई 11 फुट की जेल में बंद कर दिया था'।
उनकी इस बायोपिक की रेकी के दौरान मैंने खुद को कोठरी के अंदर बंद करने की कोशिश की, ताकि मैं महसूस कर सकूं कि उन पर क्या गुजरी होगी। मैं खुद को 20 मिनट भी बंद नहीं रह सका, जहां उन्हें 11 साल तक एकांत कारावास में बंद रखा गया।