37 साल बाद भी ये कल्ट क्लासिक गाना सीने में लगाता है आग, लिरिक्स सुनकर तड़प उठता है हर आशिक; बहने लगते हैं आंसू
37 साल पहले एक ऐसा गाना आया था, जिसे सुनकर हर प्रेमी को अपनी बिछड़ी प्रेमिका की याद आ जाती है। आज के समय में ये गाना कल्ट क्लासिक बन चुका है। ...और पढ़ें

37 साल बाद ये गाना बन चुका है कल्ट क्लासिक/ फोटो- Youtube
HighLights
1989 में आया यह गाना हुआ था जबरदस्त हिट
एक-एक लाइन से कनेक्ट करता है प्यार में टूटा आशिक
आज भी इस गाने को सुनकर रो पड़ते हैं कई प्रेमी
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। म्यूजिक हर इंसान के दिल में बसता है। कुछ गाने तो ऐसे होते हैं, जिनसे हर इंसान अपने दिल के जज्बातों को कनेक्ट कर पाता है। 37 साल पहले भी एक ऐसा ही गाना आया था, जो आज एक कल्ट सॉन्ग बन चुका है। इस गाने को 37 साल बाद सुनकर भी हर आशिक का दिल तड़प उठता है। कौन सा था, वह गाना, जिसे सुनकर कठोर दिल वालों के भी बह निकले आंसू, नीचे पढ़े डिटेल्स:
एक-एक लाइन दिल को छू जाती है
जब सावन आता है, तो अक्सर प्यार करने वालों के मन में कई ख्याल उमड़ने लगते हैं, उन्हें अपनी प्रेमिका या उस खास इंसान के साथ बिताए पल याद आते हैं, जो कभी उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा थे। जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह भी कुछ ऐसी ही भावनाओं को व्यक्त करता है। गाना साल 1989 में रिलीज हुई फिल्म 'चांदनी' का था, जिसमें श्रीदेवी, ऋषि कपूर और विनोद खन्ना ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
इस फिल्म का गाना 'लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है...वही आग सीने में फिर जल पड़ी है' सिर्फ उस समय ही नहीं, बल्कि आज के दौर में भी काफी पॉपुलर है। यह गाना 'चांदनी' का वह टर्निंग प्वाइंट है, जहां चांदनी (Sridevi) को बारिश में भीगता हुआ देखकर ललित(विनोद खन्ना) को अपनी दिवंगत प्रेमिका देविका( Juhi Chawla) की याद आ जाती है।
दूसरी तरफप्रेमी रोहित(ऋषि कपूर) भी व्हीलचेयर पर बैठे हुए चांदनी की याद में तड़प उठता है।
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सुरेश वाडकर ने गाया था दर्द भरा गीत
यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'चांदनी' में 'लगी आज सावन की..' गाने को सुरेश वाडकर ने आवाज दी थी, जबकि इस गाने में लड़की की आवाज में अलाप अनुपमा देशपांडे ने रिकॉर्ड किए थे। गाने के लिरिक्स आनंद बख्शी ने लिखे थे, जिन्होंने इससे पहले मेरे सपनों की रानी, प्यार दीवाना होता है, ये शाम मस्तानी जैसे गाने लिखे हैं।
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इस फिल्म का संगीत शास्त्रीय संगीत के दिग्गज पंडित पंडित शिवकुमार शर्मा और हरि प्रसाद चौरसिया ने दिया था। गाने को Youtube पर 221 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। आज भी जब भी मॉनसून आता है, लोगों की प्ले लिस्ट में शामिल हो जाता है।