70 साल पहले आया Dev Anand का कल्ट गाना, 'अश्लील शब्द' के चलते हुआ था बैन; कालजयी गीत आज भी है ब्लॉकबस्टर
हिंदी सिनेमा में एक गाना ऐसा आया जो महज एक शब्द के कारण बैन हो गया था। ऑल इंडिया रेडियो ने इसे अश्लील मानकर प्रतिबंधित किया था। ...और पढ़ें

जब महज एक शब्द के चलते बैन हुआ ये हिट गाना (फोटो- एक्स)

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में अच्छे गानों की फेहरिस्त में कुछ ऐसे गाने हैं, जो बने तो मानो सिर्फ कल्ट होने के लिए थे, लेकिन उन गानों को लेकर विवाद भी खूब हुआ। सिनेमा में 70 साल पहले एक ऐसी ही गाना आया था, जिसे आज भी हम सभी सुनते हैं, लेकिन उस गाने ने एक वक्त पर ऐसा जादू किया कि उसे बैन तक करना पड़ा था। आइए जानते हैं कि इसी का ये मजेदार किस्सा...
बैन हुआ था ये आइकोनिक गाना
ये सिनेमा का वो दौर था जब फिल्मों में एक्सपेरिमेंट होने शुरु हो गए थे, तभी एक गाना ऐसा भी था जिसे सिर्फ एक 'बेमतलब' के शब्द की वजह से पूरी फिल्म से काट दिया गया था। जी हां, बात हो रही है साल 1956 की क्लासिक फिल्म 'सीआईडी' (CID) के उस मशहूर गाने की जिसका नाम है, 'जाता कहां है दीवाने' (Jata Kahan Hai Diwane)।
इस गाने को आपने बखूबी सुना होगा और यह गाना जब आया तो खूब हिट भी हुआ, लेकिन इस गाने में एक शब्द ऐसा था जिसकी वजह से इसे बैन कर दिया गया था।
दरअसल 50 के दशक में ऑल इंडिया रेडियो ने कुछ गानों पर प्रतिबंध लगाया था। AIR के मुताबिक, ये गाने वक्त से आगे के थे और कुछ ज्यादा ही आधुनिक थे। हालांकि रेडियो सीलोन पर इन गानों ने रिकॉर्ड्स तक तोड़ डाले थे।
क्यों बैन हुआ था गाना?
इस गाने को बैन करने के पीछे एक की वजह थी गाने में इस्तेमाल किया गया एक शब्द। दरअसल गाने में एक लाइन आती है 'Fifi' (फीफी)। इस लाइन को सुनकर एआईआर को लगा कि, इसका मतलब कुछ डबल मीनिंग है। इसलिए उन्होंने इसे अश्लील तक बता डाला था।
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हालांकि, गाने को लिखने वाले मजरूह सुल्तानपुरी और निर्देशक राज खोसला ने सफाई दी थी कि यह सिर्फ एक बेमतलब का 'फिलर' शब्द है जिसे गाने की लय और धुन को मजेदार बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। लेकिन फिर भी रिलीज के वक्त इसे सिनेमाघरों में फिल्म से हटा दिया गया था।
गीता दत्त ने दी आवाज, ओपी नैय्यर ने दिया संगीत
आपको बता दें कि इस गाने को ओपी नैय्यर (OP Nayyar Songs) ने तैयार किया था। ओपी नैय्यर के संगीत वाले इस गाने में गीता दत्त (Geeta Dutt Songs) ने अपनी आवाज दी थी। इसके अलावा इस गाने को मजरूह सुल्तानपुरी और जान निसार अख्तर ने लिखा था। ये गाना ओपी नैय्यर के करियर के बेस्ट गानों में से एक है, लेकिन उनका ये गाना एक वक्त पर इसी के चलते बैन हुआ था।
वैसे भी ओपी नैय्यर उन संगीतकारों में से एक थे जिन्होंने सिनेमा में संगीत को नए तरीके से पेश किया था। वह अपने गानों वेस्टर्न कल्चर और मॉर्डनिटी को लेकर आए। वहीं ओपी नैय्यर के इस गाने को साल 2015 में निर्देशक अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म 'बॉम्बे वेलवेट' में इसे रीक्रिएट किया था और अनुष्का शर्मा पर गाना फिल्माया गया था।
वहीं फिल्म सीआईडी की बात करें तो फिल्म में देव आनंद (Dev Anand Song) नजर आए थे। इसके अलावा वहीदा रहमान (Waheena Rehman) और शकीला भी फिल्म थे। इस कल्ट फिल्म को आज भी लोग खूब पसंद करते हैं।