44 साल पहले Lata Mangeshkar ने गाया वो गाना, जिसे सुन रोया था पूरा देश; 'विधवा' पर बनी फिल्म का हुआ था विरोध
lata Mangeshkar Songs: लता मंगेशकर ने अपने करियर में कई शानदार गाने गाए, लेकिन कुछ गाने ऐसे भी थे जिन्होंने हर किसी की आंखें नम कर दी थीं। ...और पढ़ें

'दीदी' की आवाज ने जब पूरे देश को रुलाया!

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 80 और 90 के दशक में हिंदी सिनेमा के संगीत में सुरों का नया अंदाज देखने को मिल रहा था। ये वो दौर था, जब संगीतकार गानों के साथ प्रयोग करने से नहीं कतरा रहे थे। कहीं हिप-हॉप का जलवा देखने को मिल रहा था।
कहीं पर्दे पर होने वाले रोमांस की बारिश से हीरो-हीरोइन ही नहीं बल्कि आम दर्शक भी भीग रहे थे, तो कहीं कुछ ऐसे तराने आ रहे थे जिन्होंने आंखों को खूब नम भी किया। लता मंगेशकर की आवाज में इसी बीच एक ऐसा गाना आया, जिसने हर किसी को रुला दिया।
वो गाना जिसे सुनकर रोया पूरा देश
80 और 90 के दशक में कुछ ऐसे इमोशनल गाने (Old Classic Songs) आए, जो बने तो बड़ी जिंदादिली के साथ थे, लेकिन उन तरानों में भावनाओं का ऐसा मिश्रण देखने को मिला कि हर किसी की आंखें नम हो गईं और इसी में एक था साल 1982 में आई फिल्म 'प्रेम रोग' (Prem Rog Songs) का गाना 'ये गलियां ये चौबारा' (Yeh Galiyan Yeh Chaubara)।
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(फोटो- यूट्यूब)
ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) और पद्मिनी कोल्हापुरे पर फिल्माए गए इस गाने को आज भी सुनकर लोगों की आंखें नम हो जाती हैं। गाना मूलरूप से पद्मिनी कोल्हापुरे पर ही फिल्माया गया था। गाना फिल्म के एक ऐसे मोड़ पर आता है जब मनोरमा (Padmini Kolhapure) की शादी हो रही होती है और वह अपने मायके को छोड़कर ससुराल जाने की तैयारी कर रही होती है।
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बिदाई के इस गाने को हर मां-बाप का दिल आज भी बैठ सा जाता है। कहा गया कि ये गाना जब लोगों ने सुना तो इसे सुनकर हर किसी की आंखों में आंसू आ गए थे और आज भी लोग इसे सुन भावुक हो जाते हैं।
लता मंगेशकर की आवाज ने किया अमर
इस गाने को किसी और ने नहीं बल्कि लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपनी आवाज दी थी। लता दीदी की आवाज इस गाने पर ऐसी बैठी कि जैसे वही इस गाने के लिए बनी थीं। आमतौर पर लता दीदी ने अपने करियर में ऐसे ही सुरीले और इमोशनल गाने गाए हैं। उनके गानों में प्यार की परिभाषा दिखी तो दिल के दर्द का एहसास भी नजर आया।
यही वजह थी कि उनकी आवाज में गाया हुआ ये गाना अमर हो गया। इस गाने को संतोष आनंद (Santosh Anand) ने लिखा था। वहीं गाने को संगीत देने वाले लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल (Lakshmikant - Pyarelal) थे। बस इसी तिकड़ी ने इस गाने को हमेशा के लिए ब्लॉकबस्टर बना दिया।
आपको बता दें कि फिल्म 'प्रेम रोग' को राज कपूर (Raj Kapoor) ने डायरेक्ट किया था। ये फिल्म खूब हिट रही थी। फिल्म की कहानी एक बोल्ड विषय पर थी। फिल्म में विधवाओं के विवाह पर लगने वाली पाबंदी पर आधारित थी, जहां एक विधवा को अपनी ससुराल में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। फिल्म के इस विषय पर विवाद भी खूब हुआ था, लेकिन राज कपूर का ये प्रयोग काम आया और फिल्म को खूब पसंद किया गया।