77 साल पहले आया सिनेमा का पहला 'ब्लॉकबस्टर गाना', विश्व युद्ध से बनी धुन; दिलचस्प है कल्ट सॉन्ग के बनने की कहानी
क्या आप जानते हैं कि, हिंदी सिनेमा का पहला 'ब्लॉकबस्टर' गाना कौन था? अगर नहीं तो आज हम आपको उसी की कहानी बताएंगे कि कैसे वो गाना बना और उसका कनेक्शन द ...और पढ़ें

77 साल पहले आया हिंदी सिनेमा का पहला हिट गाना

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आज हिंदी सिनेमा में हर दिन कोई ना कोई गाना आता है, जो हिट होता है लेकिन चार दिन बाद उस गाने की ताजगी चली जाती है, लेकिन क्लासिक सिनेमा के क्लासिक दौर में एक वक्त ऐसा भी था जब कोई गाना बनता था तो वो सालों तक याद रखा जाता था।
आज हम आपको एक ऐसे गाने की कहानी बताएंगे, जिसे हिंदी सिनेमा का पहला ब्लॉकबस्टर गाना कहा जाता है। आज भी वो गाना उतनी ही ताजा और उतना ही नया है। आइए जानते हैं उसी की कहानी...
सिनेमा का पहला हिट गाना
यूं तो हिंदी सिनेमा में 40 और 50 के दशक में कई गाने आए लेकिन हिंदी सिनेमा का पहला हिट गाना कहा जाता है साल 1949 में आई फिल्म पतंगा के गाने 'मेरे पिया गए रंगून' को। जी हां, यकीनन आपने ये गाना जरूर सुना होगा और ये गाना इसीलिए आज भी सुना जाता है क्योंकि इस गाने को ही वो दर्जा मिला है जो किसी और नहीं मिल पाया।
हिंदी सिनेमा के पहले हिट गाने के रूप में 'मेरे पिया गए रंगून' (Mere Piya Gaye Rangoon) को याद किया जाता है। इस गाने को शमशाद बेगम (Shamshad Begum) ने अपनी आवाज से सजाया था। इसके अलावा उनका साथ दिया था सी.रामचंद्र ( C Ramchandra) ने।
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इस गाने का संगीत दिया भी सी.रामचंद्र ने ही दिया था। वहीं इसे राजिंदर कृष्ण ने लिखा था। गाने में अभिनेत्री निगार सुल्ताना और अभिनेता गोप नजर आए थे।
दिलचस्प है गाने के पीछे की कहानी
इस गाने के पीछे की कहानी भी बड़ी दिलचस्प मानी जाती है। कहा जाता है कि इस गाने में रंगून शब्द का अर्थ असल में 40 के दशक में हुए दूसरे विश्व युद्ध (World War II) से आया था। दरअसल 1940 के दशक में ब्रिटिश भारतीय सेना के हजारों जवानों को बर्मा (म्यांमार) की सीमा पर लड़ने के लिए भेजा गया था। उन दिनों बातचीत और संचार का साधन सिर्फ पत्र ही हुआ करते थे। हालांकि उस दौर में टेलीफोन का होना भी एक बहुत बड़ी बात थी।
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फिल्म के गाने में एक लाइन आती है, जिसमें कहा गया है 'वहां से किया है टेलीफून', असल में ये लाइन गाना लिखने वाले राजिंदर कृष्ण ने ही जोड़ी थी और इस संदर्भ में ही जोड़ी थी क्योंकि उस दौर में युद्ध के बाद टेलीफोन का आना मानो किसी बड़ी लग्जरी से कम नहीं था। वहीं गाने में रंगून शब्द का जिक्र असल में म्यामांर के एक शहर से था।
दरअसल रंगून म्यांमार के एक शाहर का नाम था, जिसे बाद में बदलकर यांगून कर दिया गया था। यांगून (रंगून) पहले म्यांमार की राजधानी हुआ करती थी। गाने में आप देख सकते हैं कि कैसे गोप अपनी हीरोइन निगार को फोन कर रहे हैं और फिर निगार कह रही हैं कि मेरे पिया ने रंगून से फोन किया है और उन्हें उनकी याद सता रही है। प्रेमियो के विरह का दर्द और तकनीक के मिलन को गाना लिखने वाले राजिंदर कृष्ण ने इसमें बड़ी खूबसूरती से पिरोया था।
हिट रही थी फिल्म 'पतंगा'
आपको बता दें कि साल 1949 में आई फिल्म 'पतंगा' (Patanga) बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी। ये उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों से एक थी। फिल्म को एचएस रवैल ने डायरेक्ट किया था। फिल्म में निगार सुल्ताना, श्याम, याकूब, गोप, पूर्णिमा, श्यामा समेत कई स्टार्स नजर आए थे।

इस रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म की खूब चर्चा रही थी और फिल्म के गाने खूब हिट रहे और उन्हीं में से एक था 'मेरे पिया गए रंगून' (Mere Piya gaye Rangoon Song)। सी.रामचंद्र ने अपने म्यूजिक में उस दौर में थोड़ा वेस्टर्न का तड़का लगाया और शमशाद बेगम की आवाज ने इसे बेजोड़ हिट बना दिया।
आपको बता दें कि इस गाने के कई रीमेक भी बने, लेकिन जो जादू ओरिजिनल ने किया वह आज भी बरकरार है।
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नोट- गाने में दी गई जानकारी संगीत इतिहासकारों, इंटरव्यूज और C. Ramchandra: His Music and Times से ली गई है।