1 बंगला, 3 सुपरस्टार्स और बर्बादी की दास्तां! कंगाल कर गया बॉलीवुड का ये 'शापित' घर; खौफनाक है मनहूस बंगले की कहानी
सिनेमा का एक 'बंगला' तीन सुपरस्टार्स के लिए अगर लकी बना, तो वही बंगला उनके लिए 'मनहूस' भी बना। पढ़िए तीन स्टार्स की किस्मत बदलने वाले उसी शापित घर की ...और पढ़ें

3 सुपरस्टार्स की किस्मत बदलनमे वाला 'शापित बंगला' (Image- AI)

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में सितारों के स्टारडम और किस्मत की चाबी खुद उन्हीं के पास होती है। कई स्टार्स आए जिन्होंने अपना करियर अपने दम पर बनाया। हालांकि सोचने वाली बात यह है कि क्या ईंट-पत्थरों के घरों में भी कोई रूह बसती है? क्या कोई घर किसी की जिंदगी को तबाह कर सकता है।
बॉलीवुड का एक सबसे मशहूर बंगला आज भले ही वजूद में न हो, लेकिन उसकी कहानियां आज भी रोंगटे खड़े कर देती हैं। उस बंगले ने तीन सुपरस्टार्स की जिंदगी को बर्बाद कर दिया। आइए जानते हैं उसी 'मनहूस' बंगले की दास्तां...
कौन सा है वो मनहूस बंगला?
दरअसल जिस मनहूस बंगले ने बॉलीवुड के 3 सुपरस्टार्स की जिंदगी को तबाह किया, असल में वह बंगला था मुंबई के जुहू में स्थित 'आशीर्वाद' (Ashirwad Bunglow) बंगला। ये वो घर है जिसने राजेंद्र कुमार को 'जुबली कुमार' बनाया, उसी घर ने सुपरस्टार राजेश खन्ना को आखिरी दिनों में तन्हाई के अंधेरे में धकेल दिया, तो इसी बंगले ने भारत भूषण को स्टारडम के शिखर पर बिठाया तो यही बंगला उन्हें अर्श से फर्श पर भी लेकर आया।
आखिर क्यों इस बंगले को 'मनहूस' कहा जाता था? क्या वाकई वहां भूतों का साया था या ये सिर्फ एक संयोग था? दरअसल हाल ही में दिग्गज अभिनेत्री मुमताज ने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि राजेश खन्ना के जाने के बाद उनके दामाद और एक्टर अक्षय कुमार ने इस बंगले को बेच दिया था।
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उन्हें जब इसके बारे में पता चला तो वह काफी दुखी हुईं थीं। मुमताज (Mumtaz) का कहना है कि उन्होंने काका और राजेश खन्ना के साथ रिश्ते में रही अंजु महेंद्रु के साथ यहां अच्छा वक्त बिताया था। लेकिन इस बंगले को लेकर कहानियां दशकों से चली आ रही हैं।
भारत भूषण ने खरीदा था बंगला
इस बंगले का इतिहास सबसे पहले भारत भूषण (Bharat Bhusan) से शुरु होता है। असल में भारत भूषण ही इकलौते पहले एक्टर थे, जिनके पास से आलीशान बंगला आया। जब उन्होंने यह बंगला खरीदा तो उस वक्त वो सफलता के सातवें आसमान पर थे। 50 के दशक में वह बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार थे। फिल्म 'बैजू बावरा' की सफलता के बाद हर तरफ उन्हीं की चर्चा होती थी।

उस समय वह बहुत अमीर थे और उनके पास महंगी कारों और किताबों का शौक था। धीरे-धीरे भारत भूषण की फिल्में फ्लॉप होने लगीं और उन्होंने अपनी सारी जमा-पूंजी फिल्में बनाने में लगा दी और वह कर्ज में डूब गए। लात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना यह बंगला बेचना पड़ा। उन्होंने यह बंगला साल 1960 में राजेंद्र कुमार को करीब 60 हजार में बेच दिया।
राजेंद्र कुमार के लिए अनलकी रहा बंगला
भारत भूषण से यह बंगला राजेंद्र कुमार (Rajendra Kumar) ने खरीदा। उस वक्त राजेंद्र कुमार भी संघर्ष कर रहे थे और उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह एक आलीशान बंगला खरीद सकें। हालांकि उन्होंने जैसे-तैसे यह बंगला खरीद लिया। राजेंद्र कुमार जब यहां आए, तो पड़ोसियों ने उन्हें डराया कि इस घर में 'भूत' रहते हैं, इसलिए भारत भूषण बर्बाद हो गए।
राजेंद्र कुमार ने डर के मारे इसका नाम अपनी बेटी के नाम पर 'डिंपल' रख दिया और एक पंडित से बड़ी शांति पूजा कराई। इसके बाद मानो चमत्कार सा हो गया। बंगले में आते ही राजेंद्र कुमार की किस्मत चमक गई। उनकी हर फिल्म सिल्वर जुबली होने लगी और वह 'जुबली कुमार' बन गए। अब यह बंगला 'मनहूस' से 'लकी' माना जाने लगा।
हालांकि किस्मत ने राजेंद्र कुमार का साथ ज्यादा वक्त तक नहीं दिया। उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं और फिर उनकी आर्थिक परिस्थितियां खराब हो गईं। आखिरकार उन्हें भी यह बंगला बेचना पड़ा।

राजेश खन्ना के दिल के करीब था 'आशीर्वाद'
साल 1969 में राजेश खन्ना ने यह बंगला राजेंद्र कुमार से खरीद लिया। 60 के दशक अंत में में राजेश खन्ना नए-नए स्टार बन रहे थे। वो राजेंद्र कुमार के इस बंगले के पीछे पागल थे। उन्हें लगा कि जो बंगला राजेंद्र कुमार के लिए लकी रहा, वह उन्हें भी सुपरस्टार बना देगा। राजेश खन्ना ने यह बंगला उनसे 3.5 लाख रुपये में खरीदा, जो उस समय बहुत बड़ी रकम थी। राजेश खन्ना ने बंगले का नाम डिंपल से 'आशीर्वाद' कर लिया।
इतिहास ने एक बार फिर से खुद को दोहराया। इस बंगले में आने के बाद राजेश खन्ना की किस्मत चमक गई। उन्होंने बैक टू बैक 15 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड बनाया और इसी के साथ वह सबसे बड़े सुपरस्टार बन गए। अफसोस यह कि जो स्टारडम इस बंगले ने उन्हें दिया अब बारी उसके छिनने की आ गई थी। धीरे-धीरे काका की फिल्में फ्लॉप होने लगीं। लगातार 7 फ्लॉप फिल्में उन्होंने दीं।
इसी बीच दौर अब अमिताभ बच्चन का आ चुका था और रोमांटिक हीरो की इमेज वाले काका अकेले पड़ गए और एंग्रीयंगमैन की इमेज के साथ अमिताभ का सिक्का बॉक्स ऑफिस पर चलने लगा। इधर काका की जिंदगी में तन्हाई आ गई और वह फ्लॉप फिल्मों के चलते शराब के नशे में चूर रहने लगे। वह अक्सर कहते थे कि इस बंगले ने उन्हें सब कुछ दिया और फिर सब कुछ छीन लिया।
साल 2012 में राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के जाने के बाद इस बंगले को बेच दिया गया और यह बंगला करीब 90 करोड़ में बिका था। जहां ये बंगला स्थित था, वहां आज हाईराइज बिल्डिंग है, क्योंकि इस बंगले को तोड़ दिया। सोचिए सिनेमा के तीन सुपरस्टार्स का स्टारडम और डाउनफॉल जिस बंगले से जुड़ा, आज वहां सिवाय धुंधली यादों के कुछ नहीं है। इसीलिए इस बंगले को सिनेमा शापित और मनहूस बंगला कहा गया।