एक कार, खौफनाक रात और भारी बरसात; 62 साल पहले आई कल्ट मूवी का 'असली सच', सन्नाटे और संगीत ने रचा था इतिहास!
क्या आपने कभी सुना है कि किसी फिल्म की सबसे खौफनाक कास्टिंग मुंबई की सड़क पर हुई थी? क्या आपने सुना है कि ऐसी हॉरर-थ्रिलर बनी हो जो बिना डर के भी डराक ...और पढ़ें

62 साल पहले आई थी वो कल्ट क्लासिक फिल्म

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अंकित सिंह तोमर, नई दिल्ली। ये कहानी है उस रात की जब सड़क सूनसान थी.. ना कोई आसपास था और ना ही किसी की आहट थी... वो दिन था 7 फरवरी 1964 का, जब सड़क पर एक सुपरस्टार गाड़ी चला रहा था।
उस रात बादलों की गड़गड़ाहट थी तो बारिश का शोर भी था, लेकिन सन्नाटे को चीरती हुई कार जब फर्राटा भर रही थी तभी अचानक से बीच सड़क पर आ जाती है एक लड़की और फिर जो होता है, वो सिनेमा के इतिहास में दर्ज हो जाता है...
उस रात की सबसे यादगार 'कहानी'
हिंदी सिनेमा में अबतक कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्हें दर्शकों ने कल्ट मूवीज का दर्जा दिया है। ऐसी फिल्म सालों में एक बार आती है और ये फिल्में हमेशा दर्शकों के दिलों में बस जाती है। साल 1964 में एक ऐसी ही फिल्म आई थी, जो हिंदी सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई।
आज हम आपको उसी फिल्म की कहानी बताने जा रहे हैं और जिस फिल्म का हम जिक्र कर रहे हैं, उस फिल्म का नाम है वो कौन थी (Woh Kaun Thi)।
यह भी पढ़ें- सात समंदर पार से आया Kishore Kumar का ये जादूई गाना, 42 साल पहले बप्पी दा के संगीत ने किया था ऐसा जादू
यह फिल्म साल 1964 में 7 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में मनोज कुमार और साधना की जोड़ी नजर आई थी। इस 'सस्पेंस-थ्रिलर' और कल्ट हॉरर फिल्म की कहानी अपने वक्त से काफी आगे की थी और फिल्म का प्लॉट इतना शानदार था कि मानो दर्शक सिनेमाघरों तक इसे देखने के लिए खिंचे चले गए।
खबरें और भी
हॉरर-थ्रिलर का चला था खूब जादू
इस हॉरर फिल्म का जादू बड़े पर्दे पर खूब चला। फिल्म में साधना और मनोज कुमार की जोड़ी इतनी पसंद की गई कि हर कोई दोनों की कैमिस्ट्री को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया। फिल्म को राज खोसला ने निर्देशित किया था और फिल्म में प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra), हेलन (Helen) और के.एन. सिंह भी नजर आए थे।
फिल्म का संगीत मदन मोहन (Madan Mohan) ने तैयार किया था। साधना ने इस फिल्म में डबल रोल किया था। साधना इस फिल्म के बाद 'मिस्ट्री गर्ल' बन गईं। उनके माथे पर गिरने वाले बालों (Sadhana Cut) ने इस फिल्म के रहस्यमय माहौल को और बढ़ा दिया था।
फिल्म को ब्लैक एंड व्हाइट में शूट किया गया था, लेकिन उस दौर में भी इस फिल्म में थ्रिलर और सस्पेंस इतना शानदार था कि कोई भी इस फिल्म का दीवाना हो जाए। उस दौर में यह फिल्म एक सुपरहिट साबित हुई थी।
गजब थी फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी एक डॉक्टर, आनंद (Manoj Kumar) के इर्द-गिर्द घूमती है। एक तूफानी रात में उसे एक रहस्यमयी महिला (Sadhana) मिलती है। महिला से मिलने के बाद आनंद उससे बातचीत करके उसे लिफ्ट देता है। महिला की बातें थोड़ी अजीब लगती हैं लेकिन वह महिला एक कब्रिस्तान के पास उतरकर गायब हो जाती है।
इसके बाद आनंद की जिंदगी में अजीब घटनाएं घटने लगती हैं। उसकी सगाई एक लड़की 'संध्या' से होती है, जो हूबहू उसी रहस्यमयी महिला जैसी दिखती है। फिल्म का सस्पेंस अंत तक बना रहता है कि क्या वह महिला कोई आत्मा है या कोई इंसान। आखिर में राज खुलता है और पता चलता है कि आखिर वो कौन थी।
फिल्म में मनोज कुमार ने 'भिखारिन' को लिया
इस फिल्म मनोज कुमार ने एक ऐसी कास्टिंग की, जिसकी खूब चर्चा हुई थी। कहा जाता है कि, इस फिल्म में मनोज कुमार ने असली भिखारन को रोल दिया था। भीख मांगने वाली इस महिला के काम को फिल्म में काफी पसंद भी किया गया था। दरअसल डायरेक्टर राज खोसला को फिल्म 'वो कौन थी' के लिए बदसूरत बौनी महिला की जरूरत थी जो मिल नहीं रही थी।
इसी बीच मनोज कुमार ने मुंबई के ताज होटल के पास एक महिला को भीख मांगते देखा जिसे देखकर वो डर गए। उन्हें लगा कि पता नहीं ये महिला वो रोल कर पाएगी या नहीं लेकिन मनोज कुमार को वो महिला उस रोल के लिए परफेक्ट लगीं। उन्होंने राज खोसला को इस बारे में बताया। काफी सोच-विचार करने के बाद महिला को फिल्म में लिया गया।
ब्लॉबस्टर थे फिल्म के गाने
इस फिल्म का संगीत खूब हिट रहा। फिल्म का गाना 'लग जा गले' (Lag Jaa Gale) आज भी कल्ट गाना है। इस गाने को लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने आवाज दी थी। ये गाना आज भी सुपरहिट है और उतना ही फ्रेश है। इसके अलावा फिल्म का एक और गाना 'रैना बरसे रिमझिम रिमझिम' (Naina Barse Rimjhim Rimjhim) भी खूब हिट हुआ था। इसके अलावा फिल्म के बाकी गाने भी खूब पसंद किए गए थे।
सालों बाद भी ये फिल्म आज उतनी ही फ्रेश लगती है। मनोज कुमार से पहले ये फिल्म कई एक्टर्स को ऑफर हुई थी लेकिन सबने मना कर दिया था और फिर ये फिल्म मनोज कुमार के पास आई और कल्ट मूवी बन गई।
यह फिल्म इसलिए कल्ट बनी क्योंकि इसने हॉरर दिखाने के लिए भयानक चेहरों का नहीं, बल्कि खामोशी और शानदार संगीत का सहारा लिया। इसकी सफलता के बाद ही राज खोसला ने 'मेरा साया' और 'अनिता' जैसी सस्पेंस फिल्में बनाईं। आज भी इन फिल्मों को दर्शक याद करते हैं।