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    62 साल पहले आया वो हिट गाना, जिसे Lata Mangeshkar ने कहा 'अश्लील'; कल्ट सॉन्ग के लिए Raj Kapoor से हुई थी बहस

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 08:08 PM (IST)

    Lata Mangeshkar Songs: हिंदी सिनेमा में लता मंगेशकर की आवाज वो जादू रही है, जिसका सुरूर वक्त के साथ बढ़ता जा रहा है। हालांकि लता दीदी अपने गानों को ले ...और पढ़ें

    'अश्लील' गाने को लेकर राज कपूर से भिड़ीं थी लता दीदी

    'अश्लील' गाने को लेकर राज कपूर से भिड़ीं थी लता दीदी

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा में सदियां बीत जाएंगीं लेकिन जो जादू लता मंगेशकर की आवाज ने किया, वो शायद मुश्किल ही हो पाए। लता दीदी ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक गाने गाए। राज कपूर से लेकर करीना कपूर तक को उन्होंने अपनी आवाज दी।

    मधुबाला से लेकर माधुरी को भी उन्होंने अपनी आवाज दी। हालांकि लता दीदी के करियर में कुछ गाने ऐसे भी रहे जिन्हें उन्होंने गाने से सीधे तौर पर मना किया था और बाद में वही गाने ब्लॉबस्टर रहे। आज बात उसी एक गाने की...

    गाना गाने से लता दीदी ने किया था इंकार

    आज जिस गाने की हम बात कर रहे हैं जिसे लता मंगेशकर ने गाने से इंकार किया था, असल में वह गाना कोई नहीं बल्कि साल 1964 में आई फिल्म 'संगम' (Sangam) का गाना "मैं क्या करूं राम मुझे बुड्ढा मिल गया" (Main Kya Karoon Ram Mujhe Buddha Mil Gaya) है। इस गाने को यूं तो लता जी ने अपनी आवाज से सजाया था, लेकिन इस गाने को पहले उन्होंने गाने से मना किया था।

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    दरअसल लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) हमेशा से ही ऐसे गानों के खिलाफ रही थीं, जिनमें कोई अश्लील शब्द या थोड़ा सा भी अल्हड़पन हो। वो नहीं चाहती थीं कि वो कोई भी ऐसा गाना गाएं जो उन्हें थोड़ा सा भी शर्मिंदगी महसूस कराए। संगम का ये गाना जब उनके पास आया तो उन्होंने इसे गाने से इंकार कर दिया, क्योंकि गाने के बोल डबल मीनिंग लगे थे। हालांकि बाद में संगीतकार शंकर-जयकिशन और राज कपूर (Raj Kapoor) के लाख समझाने के बाद वह राजी हुईं।

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    (फोटो सोर्स- एआई)

    राज कपूर से हुई थी खूब बहस

    कहा जाता है कि इस गाने को राज कपूर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar Songs) से ही गवाना चाहते थे। लता जी और राज कपूर के बीच कई ऐसे गानों को लेकर तीखी बहस दौर में होती थी और इसके किस्से भी खूब मशहूर हैं। एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने बताया था कि, जब यह गाना उनके पासा आया तो उन्होंने सुनते ही कहा कि,

    "राज साहब, मैं ऐसे गाने नहीं गाती।" राज कपूर, अपनी फिल्म के संगीत के साथ कोई बदलाव नहीं चाहते थे और वो भी जिद पर अड़ गए। राज कपूर और लता जी के बीच काफी देर तक इसी पर बहस हुई।

    लता जी का तर्क था कि उनकी आवाज और छवि इस तरह के 'चुलबुले और शरारती' गानों के लिए कतई नहीं है। वो इस गाने को फूहड़ और डबल मीनिंग मान रही थीं।

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    चालाकी से गाना गवाया और फिर हुआ रिलीज

    राज कपूर जानते थे कि लता जी को मनाना आसान नहीं है। इसके बाद उन्होंने नाराज होने का नाटक किया। उन्होंने लता जी से बात करना बंद कर दिया। आखिर में लता जी मान गईं और गाना गाने के लिए तैयार हुईं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह इस गाने को अपनी शर्त पर गाएंगी। उधर फिल्म का संगीत तैयार करने वाले शंकर-जयकिशन भी लता जी को मनाने में जुटे थे।

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    आखिरकार बात बनी और लता ने इस गाने को गाने के लिए तैयार हुईं। उन्होंने कहा कि वह इस गाने को वैसा नहीं गाएंगी जैसा राज कपूर चाह रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि गाना सही तरीके से फिल्माया जाए और इसमें छेड़छाड़ ना हो।

    वह इस गाने को एक 'शिकायत' के लहजे में गाएंगी, जैसे उन्हें सच में एक बुड्ढा मिल गया है। लता जी ने गाने में अपनी आवाज को थोड़ा तीखा और चिड़चिड़ा रखा, ताकि ऐसा लगे कि एक नई नवेली दुल्हन सच में अपने पति से परेशान होकर भगवान से शिकायत कर रही है।

    रिकॉर्डिंग के बाद का धमाका

    जब गाना रिकॉर्ड हुआ और पर्दे पर वैजयंतीमाला पर फिल्माया गया, तो इसने इतिहास रच दिया। लता जी की 'नखरीली' आवाज़ ही इस गाने की सबसे बड़ी खूबी बन गई। दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया और यह साल का सबसे बड़ा चार्टबस्टर साबित हुआ।

    हालांकि जब गाना आया तो उन्हें पता नहीं था कि वो गाना ऐसा बनेगा। राज कपूर और शंकर-जयकिशन ने गाना बनवाया और लता से कहा था कि वो वैसे ही रिलीज करेंगे, जैसे वो इसे चाहती हैं, लेकिन बाद में इस गाने को वैजयंती माला पर अलग तरह से फिल्माया गया, जिससे वो काफी खफा हो गईं थीं।

    राज कपूर से नाराज रहीं लता मंगेशकर

    कहा जाता है कि इस गाने में वैजयंतीमाला (Vyjayantimala) अपने हीरो राज कपूर के साथ दिखीं। गाने में वैजयंतीमाला राज कपूर को रिझाती हुई और शिकायतें करती नजर आईं। इसके अलावा उनके कपड़े भी काफी अलग थे।

    ये देख लता मंगेशकर राज कपूर से इतनी नाराज हुईं कि, उन्होंने राज कपूर की अगली फिल्म 'मेरा नाम जोकर' (Mera Naam Joker) में गाने से इंकार कर दिया था। बाद में राज कपूर ने लता को हटाकर आशा भोंसले से गाने गवाए।

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    हालांकि लता का गाया गाना 'मैं क्या करूं राम...' हिट रहा। एक इंटरव्यू में खुद लता दीदी ने बताया था कि उन्होंने यह गाना कभी स्टेज पर भी नहीं गाया और तो और लता मंगेशकर इस गाने के चलते फिल्म संगम को कभी नहीं देखा था।

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    (फोटो सोर्स- एआई)

    गाने का संगीत शंकर-जयकिशन (Shankar Jaikishan) ने तैयार किया था और इसे लिखा था हसरत जयपुरी ने। 18 जून 1964 को रिलीज हुई राज कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म संगम में राज कपूर (Raj Kapoor) हीरो और वैजयंतीमाला हीरोइन बनकर नजर आईं और यह फिल्म खूब हिट रही थी।

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