'काफी हद तक मेरा करियर खराब हो गया था',Arshad Warsi के लिए इस फिल्म ने पलटी किस्मत
अरशद वारसी 'वेलकम टू द जंगल' के बाद अब 'धमाल 4' के साथ बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपने करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि एक स ...और पढ़ें

अरशद वारसी ने की करियर की बात/ फोटो- Instagram

समय कम है?
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स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। अभिनेता अरशद वारसी हालिया रिलीज फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में अभिनय के लिए सराहना बटोर रहे हैं। वहीं वेब सीरीज 'प्रीतम एंड पेड्रो' में पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आए हैं। दस जुलाई को रिलीज हो रही फिल्म धमाल 4 में वह दिखाई देंगे। वहीं शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) अभिनीत और सिद्धार्थ आनंद निर्देशित फिल्म किंग में भी अभिनय कर रहे हैं। खास बात है कि फिल्म किंग में उनके बेटे जीक वारसी (zeke) बतौर असिस्टेंट काम कर रहे हैं।
अब कॉम्पिटिशन पहले से ज्यादा बढ़ गया है- अरशद वारसी
बेटे की सेट पर ज्यादा की मौजूदगी में काम करने को लेकर अरशद कहते हैं, "एक्चुअली बड़ा अजीब सा माहौल हो जाता है। पिता-पुत्र का संबंध बहुत अलग होता है। सिद्धार्थ को बचपन से जानता है। तो उनके साथ काम करने में सहज है। अच्छा है, उसको काम करना अच्छा लग रहा है। हम लोगों के बच्चे इसी माहौल से ज्यादा वाकिफ हैं तो और कहां जाएंगे, यही करेंगे और क्या करेंगे। मुझे पर्सनली लगता है कि इससे अच्छा प्रोफेशन नहीं है। मुझे बहुत अच्छा लगता है जो मैं करता हूं और चाहूंगा कि मेरे जितने करीब के लोग हैं, सब इसी प्रोफेशन में आए। यह वाकई खूबसूरत प्रोफेशन है।
अब देखते हैं वो आगे क्या करना चाहता है मुझे नहीं पता। बस उम्मीद यही है जो भी करे मेरा और अपना नाम नहीं खराब करें। (हंसते हैं) हालांकि ये नई जेनरेशन के बच्चे बड़े सुलझे हुए हैं, पता है क्या कितनी मेहनत लगती है किसी चीज को हासिल करने के लिए और किस हद तक इंसान को जाना पड़ता है। अपने काम के प्रति गंभीर हैं। हमारे समय में शायद जिंदगी थोड़ी आसान थी, अब कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया है। अब हर चीज परफेक्ट होनी चाहिए।
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अपनी अगली फिल्म जीवन बीमा में अरशद डबल रोल कर रहे हैं। एक एक्टर की रेंज को परखने के लिए सबसे कठिन जरिया क्या डबल रोल होता है?
अरशद कहते है, " मेरे लिए तो अगर आप दो अलग फिल्में कर रहे हैं तो दो अलग कैरेक्टर होंगे। अगर वो दोनों कैरेक्टर एक फिल्म में डाल दें तो डबल रोल हो जाएगा, कैरेक्टर तो कैरेक्टर है। दो हो, दस हो उसमें अगर लिखे हुए हैं और पता है अलग-अलग हैं, तो निभाना बहुत आसान है।
अब मुन्नाभाई सीरीज की अगली फिल्म लिखी जा रही है। हालांकि, उस वक्त मुन्नाभाई एमबीबीएस करने को लेकर अरशद ने कहा था कि यह उनकी आखिरी फिल्म हो सकती है। जबकि सर्किट की भूमिका ने उन्हें लोकप्रिय बनाया?
इस बात का जवाब देते हुए अरशद कहते हैं, "काफी हद तक मेरा करियर खत्म हो गया था। जो काम आ रहे थे वो मुझे करना नहीं था। जैसा काम मैं चाहता था वो मिल नहीं रहा था। अजीब परिस्थितियां थी। उसी दौरान राजकुमार हीरानी अचानक से प्रकट हुए। फिर जिंदगी पटरी पर आ गई। हालांकि ,सर्किट करने के दौरान शुरु से अंत तक मुझे नहीं लगा था कि किरदार इतना पसंद आएगा। सच कहूं तो हीरो के पीछे पांच-छह लोगों हो तो आज तक किसी ने उसे याद नहीं रखा है। फिर फिल्म चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हो।"
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हालांकि, मेरे टेरो कार्ड रीडर दोस्त ने बताया था कि फिल्म अच्छी जाएगी, लेकिन मेरे अनुभव, समझ और संवेदनशीलता का कहना था कि अगर किसी को फायदा होगा तो हीरानी को, संजू (संजय दत्त) या विधु विनोद (फिल्म के निर्माता)या हीरोइन को। आम तौर पर इन लोगों को ही फायदा होता है। मेरे लिए एक कदम पीछे लेने जैसा था। मैंने कहा तुक्का लगा लेते है। (हंसते हुए) यह तुक्का काम कर गया।
अरशद ने अपने करियर में कॉमेडी के साथ धीर गंभीर भूमिकाएं भी की हैं। कभी लगा नहीं कि कामेडी में बाकी काम कहीं दब गया?
अरशद इससे सहमति नहीं जताते। वह कहते हैं नहीं ऐसा है। मैंने कभी ये नहीं सोचा कि मुझे अपना टैलेंट दिखाना है। मुझे तो ये पता लगाने में कि मुझमें टैलेंट है उसमें बहुत वक्त लग गया। मैंने कभी किसी एक्टिंग के जॉनर को कमतर नहीं सोचा। तो मुझे बहुत मजा आता है, जब मैं कॉमेडी करता हूं। असुर जैसा शो मिलता है तो उसे करने में भी उतना ही लुत्फ आता है। प्रीतम एंड पेट्रो शो में भी काम करने में मुझे बहुत आनंद आया। यह साइबर की दुनिया पर है।
मुझे इतना पता है कि साइबर क्राइम बहुत खतरनाक चीज है। उसे काबू में लाना है खास तौर पर बच्चों के लिए। शो में दिखाया है कि बच्चे किस हद तक जा सकते हैं। मैं चाहूंगा कि इस शो के कई सीजन आए। मैं मानता हूं कि लोगों को फिल्म से ज्यादा लोगों को पात्र पसंद आना चाहिए। अगर वो पसंद आ गए तो बार-बार देख सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि दोनों पात्र पसंद आएंगे।