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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    25 Years of Satya: वह फिल्म, जिसने दिया मुंबई को उसका 'किंग', जानें 25 साल बाद कहां है 'सत्या' की स्टार कास्ट

    By Karishma LalwaniEdited By: Karishma Lalwani
    Updated: Mon, 03 Jul 2023 09:56 AM (IST)

    25 Years of Satya सत्या राम गोपाल द्वारा बनाए गई बेस्ट बॉलीवुड फिल्म मानी जाती है। मनोज बाजपेयी उर्मिला मातोंडकर की शानदार फिल्मों में शामिल यह फिल्म ...और पढ़ें

    25 Years of Ram Gopal Verma Film Satya
    25 Years of Ram Gopal Verma Film Satya

    HighLights

    1. 1998 में रिलीज हुई थी राम गोपाल वर्मा की 'सत्या'
    2. भीकू म्हात्रे बन कर छा गए थे मनोज बाजपेयी
    3. जेडी चक्रवर्ती, उर्मिला मातोंडकर, सौरभ शुक्ला के किरदार को भी मिली थी वाहवाही

    नई दिल्ली, जेएनएन। 25 Years of Satya: हिंदी सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में बनी हैं, जिनका मुकाबला उनके बाद रिलीज होने वाली फिल्में आज तक न कर सकीं। इनमें से ही एक है फिल्म 'सत्या', जिसे आज से 25 साल पहले राम गोपाल वर्मा ने डायरेक्ट किया था। अंडरवर्ल्ड की कहानी के इर्दगिर्द घूमती यह फिल्म आज तक भारतीय सिनेमा के इतिहास की क्लासिक कल्ट मानी जाती है। आज फिल्म को रिलीज हुए 25 साल पूरे हो चुके हैं।

    'सत्या' फिल्म को 90 के दशक में हिंदी सिनेमा का टर्निंग प्वाइंट भी माना जाने लगा। यह फिल्म 25 हफ्तों तक सिनेमाघरों में टिकी रही। फिल्म में मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) का भीकू म्हात्रे वाला किरदार आज भी बॉलीवुड के बेस्ट रोल्स में से एक माना जाता है। उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) और जेडी चक्रवर्ती (JD Chakraborty) की भूमिका के बिना भी यह फिल्म अधूरी थी, और फिर कहानी को आकर्षित बनाने के लिए दमदार स्क्रिप्टिंग और 'गोली मार भेजे में' जैसे गाने, जिसका आज भी कोई जवाब नहीं। फिल्म के 25 साल पूरे होने पर एक नजर डालते हैं मेन कैरेक्टर्स पर, और जानते हैं कि कौन अब क्या कर रहा है।

    मनोज बाजपेयी

    मनोज बाजपेयी 1994 से फिल्म बिजनेस में एक्टिव हैं। एक्टिंग के क्षेत्र में उन्होंने अपना लोहा मनवाया है, और यह पूरी दुनिया ने देखा है। 25 साल पहले रिलीज हुई फिल्म 'सत्या' में उन्होंने भीकू म्हात्रे का किरदार निभाया था, जिसकी छाप आज भी लोगों के दिलों में है।

    मनोज बाजपेयी का फिल्मी सफर काफी लंबा है। अगर उनके आज के कैरियर पर ध्यान दें, तो पाएंगे कि सिल्वर स्क्रीन से ज्यादा और पिछले कुछ वर्षों से ओटीटी पर एक्टिव हैं। कमाल की बात यह है कि चाहे वेब सीरीज हों या इस प्लेटफार्म पर रिलीज होने वाली उनकी फिल्में, मनोज बाजपेयी का काम आज भी उनके फैंस को शानदार लगता है।

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    (Manoj Bajpayee in Satya. Photo Credit: Film History Pics)

    हाल ही में मनोज बाजपेयी की फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई। इसके पहले 'द फैमिली मैन' और 'गुलमोहर' जैसी वेब सीरीज भी रिलीज हुईं। 'द फैमिली मैन' मनोज बाजपेयी की बेस्ट वेब सीरीज में से एक मानी जाती है।

    जेडी चक्रवर्ती

    'सत्या' में सत्या का किरदार निभाने वाले जेडी चक्रवर्ती तमिल एक्टर हैं। तमिल के अलावा कन्नड़, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी अभिनय के लिए जाने जाते हैं। जेडी निर्देशक, निर्माता, संगीतकार, गायक और स्क्रीन राइटर भी हैं। आज भी वह हमेशा की तरह तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में सक्रिय हैं।

    10 साल बाद उन्होंने एक बार फिर हिंदी फिल्मों में वापसी की। 2022 में रिलीज हुई मोहित सूरी की 'एक विलन रिटर्न्स' में पुलिस की भूमिका में नजर आए थे।

    (JD Chakraborty in Satya: Photo Credit: Film History Pics)

    उर्मिला मातोंडकर

    'रंगीला' फेम एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने भी सत्या मूवी में अहम रोल प्ले किया था। कई सारी फिल्मों का हिस्सा बनने के बाद उर्मिला ने बॉलीवुड से दूरी बना ली, राजनीति में शामिल हो गईं। हालांकि, एक्टिंग में वह आझ भी सक्रिय हैं।

    बतौर लीड एक्ट्रेस उर्मिला की आखिरी फिल्म 'ईएमआई' थी। यह मूवी 2008 में रिलीज हुई थी। इसके बाद 2019 में एक्ट्रेस ने राजनीति ज्वाइन करके सभी को चौंका दिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद वह शिवसेना पार्टी में शामिल हो गई थीं। आज उर्मिला एक अभिनेत्री होने के साथ-साथ पॉलिटिकल पर्सन और सोशल वर्कर भी हैं।

    जानें इन कैरेक्टर्स के बारे में भी

    राम गोपाल की 'सत्या' में सौरभ शुक्ला (Saurabh Shukla) और परेश रावल (Paresh Rawal) ने भी काम किया था। उर्मिला की तरह परेश रावल ने भी आगे चलकर राजनीति ज्वाइन कर ली। पद्मश्री सम्मानित अभिनेता परेश रावल लीडिंग पॉलीटिकल पार्टी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। हालांकि, उन्होंने बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव न लड़ते हुए अपने फिल्मी कैरियर को ज्यादा तवज्जो दी। परेश रावल बीजेपी के एक्टिव मेंबर हैं।

    सौरव शुक्ला फिल्म अभिनेता, निर्देशक और साथ ही पटकथा लेखक भी हैं। इन्होंने ही सत्या फिल्म की कहानी को लिखी थी। इस फिल्म से वह बतौर अभिनेता भी जुड़े रहे। तुनक मिजाज भीखू म्हात्रे के गैंग में दिमाग वाले भाई का रोल (कल्लू मामा) बनकर आज भी सौरभ शुक्ला मशहूर हैं। 

    (Saurabh Shukla as Kallu Mama from Satya)

    सौरभ शुक्ला ने 'मोहब्बतें' में टॉम अंकल, 'नायक' में पांडुरंग, 'जौली एलएलबी' में जस्टिस सुंदरलाल त्रिपाठी का रोल प्ले किया था। उनके फिल्मी करियर में ऐसी और भी शानदार फिल्में और उनके रोल शामिल हैं।