कौन हैं Toxic की डायरेक्टर Geetu Mohandas, सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा; 5 साल की उम्र से कर रही हैं कमाल
फिल्म 'टॉक्सिक' के टीजर रिलीज के बाद फिल्म निर्माता गीतू मोहनदास चर्चा में हैं। यश अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन गीतू ने किया है, जिसका टीज़र खूब वायरल ...और पढ़ें
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कौन हैं टॉक्सिक की डायरेक्टर (फोटो-इंस्टाग्राम)
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व मलयालम एक्ट्रेस और जानी-मानी फिल्म निर्माता गीतू मोहनदास टॉक्सिक के टीजर रिलीज के बाद से ही चर्चा में है। कन्नड़ सुपरस्टार यश अभिनीत इस फिल्म का टीजर 8 जनवरी, 2024 को यश के जन्मदिन के मौके पर जारी किया गया। तब से इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट की है फिल्म
टीजर में यश अपने आकर्षक अंदाज में बेहद खूबसूरत लग रहे हैं, वहीं लोग इसकी कहानी को लेकर उत्सुक हैं, जो काफी गंभीर प्रतीत होती है। दुनिया भर के लोग यश की जमकर तारीफ कर रहे हैं। वहीं, टीजर ने फिल्म निर्माता गीतू मोहनदास को भी सुर्खियों में ला दिया है जिन्होंने एक बेहद इंटेंस सीन के साथ टीजर की शुरुआत की। लोग अब उनके बारे में सर्च कर रहे हैं।
केरल में मोहनदास और उनकी पत्नी लता के घर गीतू मोहनदास का जन्म हुआ जहां उनका नाम गायत्री दास रखा गया। उन्होंने भारत, मलेशिया और कनाडा में शिक्षा प्राप्त की। फिल्म 'ओन्नू मुथल पूज्यम वारे' में अभिनय करने के बाद उन्होंने 'गीतू' नाम अपनाया और यही नाम उनकी पहचान बन गया।
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कौन हैं गीतू मोहनदास?
गीतु मोहनदास ने 1986 में मोहनलाल के साथ अभिनय की शुरुआत की। उस समय उनकी उम्र मात्र 5 वर्ष थी। समीक्षकों और दर्शकों ने उनकी पहली फिल्म की खूब तारीफ की और गीतू ने खूब प्रसिद्धि हासिल की। अपने अभिनय के लिए गीतू को सर्वश्रेष्ठ चाइल्ड आर्टिस्ट का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने सयम संध्या, वींडम, रारेराम और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म एन बोम्मुकुट्टी अम्मावुक्कू जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2000 में, गीतु मोहनदास ने मोहनलाल के साथ फिल्म 'लाइफ इज ब्यूटीफुल' में एक अभिनेत्री के रूप में अपने अभिनय की शुरुआत की। उन्होंने 'थेनकासीपट्टनम', 'कन्नाकी', 'शेषम वलकन्नाडी', 'रप्पाकल', 'आकाश गोपुरम', 'नम्मल थम्मिल' और अन्य फिल्मों में भी काम किया। फिल्म 'अकाले' में अपनी भूमिका के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ मलयालम अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
साल 2009 में रखा निर्देशन में कदम
2009 में अपनी आखिरी फिल्म 'नम्मल थम्मिल' के बाद, गीतू ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और उसी वर्ष अपनी पहली मलयालम शॉर्ट फिल्म 'केल्कुन्नुंडो' का निर्देशन किया। इस फिल्म का प्रीमियर रॉटरडैम अंतरर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हुआ और इसे सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट फिल्म के लिए तीन अंतरर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। साल 2013 में, गीतू ने फीचर फिल्म 'लायर्स डाइस' का निर्देशन करके निर्देशक के रूप में डेब्यू किया, जिसने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। इतना ही नहीं, इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी में 87वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री की।