कौन हैं माधव गोपाल अग्रवाल जिनकी वजह से जेल गए थे Rajpal Yadav, कहा- 'मैं उनके घर जाकर बच्चों की तरह रोया...'
राजपाल यादव 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में सुर्खियों में हैं, जिसके लिए उन्हें अंतरिम जमानत मिली है। यह मामला उनकी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए बिजनेस ...और पढ़ें
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राजपाल यादव को किसने दिया लोन (फोटो-इंस्टाग्राम)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड के स्टार कॉमेडियन राजपाल यादव (Rajpal Yadav) इन दिनों सुर्खियों में हैं। 9 करोड़ के चेक बाउंस केस की वजह से उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था। फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 16 फरवरी को अंतरिम जमानत दे दी। ऐसे में ये चर्चा है कि कौन है वो शख्स जिससे राजपाल यादव ने लोन लिया?
राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड़ का लोन लिया था। ये फिल्म फ्लॉप हो गई और राजपाल पैसे नहीं चुका पाए जिसपर इंटरेस्ट भी बढ़ता रहा।
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कौन हैं माधव अग्रवाल?
माधव गोपाल अग्रवाल, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। उनका फिल्म इंडस्ट्री से कोई कनेक्शन नहीं है। उन्हें अपने बिजनेस वेंचर्स की वजह से ही इंडस्ट्री में जाना जाता है। वे केआर पल्प एंड पेपर्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों से भी जुड़े हुए हैं।
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न्यूज पिंच को दिए एक इंटरव्यू में अग्रवाल ने खुलासा किया कि उनकी पहली मुलाकात राजपाल यादव से सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के माध्यम से हुई थी।
एक्टर ने मांगी थी पैसों की मदद
उन्होंने बताया कि राजपाल यादव ने अपनी पहली मुलाकात के दौरान, उन्हें बताया कि 'अता पता लापता' लगभग पूरी हो चुकी है और इसके लिए उन्हें तत्काल फंड्स की जरूरत है। उन्होंने मदद मांगी की अगर अभी तुरंत उन्हें फाइनेंशियल हेल्प नहीं दी गई तो उनका प्रोजेक्ट बंद हो जाएगा।
पहले तो अग्रवाल ने पैसे उधार देने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने दावा किया कि अभिनेता की पत्नी राधा ने कई बार उनसे संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। इमोशनल मैसेज से अग्रवाल का दिल पसीज गया और वो मदद के लिए राजी हो गए।
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राजपाल को वापस देनी थी उधारी
माधव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने एक औपचारिक समझौते के तहत अभिनेता को 5 करोड़ रुपये दिए। उनके अनुसार पेपर्स में ये साफ कहा गया कि पेमेंट फिल्म की सफलता, प्रमाणन या रिलीज से जुड़ा नहीं होगा। अग्रवाल ने खुद ये पैसे कई अन्य फंड्स से उधार लेकर दिया थे। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वे संकट की स्थिति में राजपाल यादव के घर गए थे, जहां वे फूट-फूटकर राजपाल यादव के सामने रोए कि समय से वो पैसे चुका दें। माधव गोपाल अग्रवाल ने कहा कि ये पहले से साफ था कि ये लोन है, निवेश नहीं, क्योंकि निवेश में पर्सनल गारंटी या चेक नहीं होते।
अता पता लापता ने सिर्फ 37 लाख रुपये कमाए। बाद में माधव के पैसे मांगने पर जब राजपाल ने नहीं चुकाए तो वो कार्ट चले गए। माधव की कंपनी ने दावा किया कि अभिनेता ने जो भी चेक दिए, वो बाउंस हो गए। कोर्ट ने एक्टर को दोषी पाया और 2018 में उन्हें 6 महीने की जेल हो गई। सुनवाई होती रही और इस पर ब्याज बढ़ता गया।