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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Zeenat Aman: बच्चों की परवरिश पर बोलीं जीनत अमान, 'सिर्फ प्यार दीजिए, अपेक्षाएं मत कीजिए'

By Manoj VashisthEdited By: Manoj Vashisth
Published: Mon, 10 Apr 2023 09:25 PM (IST)

Zeenat Aman On Her Kids जीनत अमान के दो बेटे हैं। बड़े बेटे का नाम अजान और छोटे का जहान ...और पढ़ें

Zeenat Aman Shares Photos Of Her Sons on Siblings Day. Photo- Instagram
Zeenat Aman Shares Photos Of Her Sons on Siblings Day. Photo- Instagram

नई दिल्ली, जेएनएन। सत्तर और अस्सी के दशक की ग्लैमरस अभिनेत्रियों में शामिल जीनत अमान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और अपने फैंस के साथ लगातार संवाद कर रही हैं। जीनत अपनी यादों की एल्बम से पुरानी तस्वीरें शेयर करती हैं और उनके साथ कुछ किस्से भी बताती हैं। कभी-कभी वो अपनी पोस्ट के जरिए मोटिवेशनल बातें करती हैं।

ऐसी ही एक तस्वीर जीनत ने सोमवार को पोस्ट की। इस सालों पुरानी तस्वीर में उनकी गोद में दोनों बेटे जहान और अजान नजर आ रहे हैं। इसके साथ जीनत ने लम्बा-सा नोट लिखकर पैरेंटिंग के लिए कुछ टिप्स दी हैं। पोस्ट में उन्होंने बताया कि दुनिया में ऐसी कोई गाइडबुक नहीं है, जो आपको पैरेंटहुड की तैयारियों के बारे में बता सके। 

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'मेरी प्राथमिकता मेरे बच्चे हो गये थे'

अपने अनुभव साझा करते हुए जीनत लिखती हैं- जब मेरे बच्चों का जन्म हुआ था, वो मेरी इकलौती प्राथमिकता बन गये थे। दो लड़कों की अकेली मां के तौर पर, मैं अपने बच्चों के लिए ज्यादा जिम्मेदार महसूस करती थी। किसी दूसरी चीज से ज्यादा में उन्हें सुरक्षा देना चाहती थी और उन्हें इस तरह बड़ा करना चाहती थी कि वो दयालु और मोहब्बत करने वाले इंसान बनें।

जीनत आगे लिखती हैं कि उन्हें ऐसे लोगों पर बहुत गुस्सा आता है, जो अपने बच्चों को सेक्सुअल ओरिएंटेशन, पार्टनर की च्वाइस या उनकी पसंद के पेशे के आधार पर ठुकरा देते हैं। हमें अपने बच्चों को एक अलग शख्सियत के तौर पर देखना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए।

'बच्चों के बचपन को एंजॉय कीजिए'

जीनत आगे बताती हैं कि मेरे दोनों लड़के अब तीस की अवस्था में हैं और अब ऐसा लगता है कि मैं इससे पहले सांस ले पाती, उनका बचपन फुर्र हो गया। इसलिए, नये माता-पिताओं को मैं कुछ ज्ञान दे रही हूं कि अपने बच्चों के साथ हर एक पल का आनंद लीजिए और छोटी-छोटी बातों के लिए खुद पर जुल्म मत कीजिए। कोई प्लेट टूट गयी, किसी टीचर ने नोट लिख दिया... इन सबसे दुनिया खत्म नहीं होती। हम अपने बच्चों से परफेक्शन की उम्मीद नहीं करते, बल्कि उन्हें प्यार, सहारा और गाइडेंस देते हैं।

इस तस्वीर के बारे में जीनत ने बताया कि यह 1990 में ली गयी थी, जब जहान एक साल का भी नहीं हुआ था और अजान तीन साल का था। यह फोटो इंडस्ट्री से लीजेंड्री फोटोग्राफ गौतम राजाध्यक्ष ने खींची थी। जगह थी- बांद्रा स्थित होटल सीरॉक, जो अब खत्म हो चुका है।