इस जगह अपना अंतिम संस्कार चाहते थे Zubin Garg, निधन से पहले बताई थी आखिरी इच्छा
Zubeen Garg Last Wish सिंगर जुबिन गर्ग के अचानक हुए निधन से फैंस सदमे में हैं। असम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। फैंस अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रह ...और पढ़ें

HighLights
- इस जगह पर आखिरी सांस लेना चाहते थे जुबिन गर्ग
- निधन से पहले बताई थी अपनी आखिरी इच्छा
- 52 साल की उम्र में स्कूबा डायविंग करते वक्त हुआ निधन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिंगर ज़ुबीन गर्ग की आकस्मिक मृत्यु ने असम और उसके बाहर उनके फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है। श्रद्धांजलि के साथ, उनका एक पुराना इंटरव्यू सामने आया है जिसमें गायक ने बताया था कि वह अपने अंतिम पलों में कैसा महसूस करना चाहते थे। 52 वर्षीय सिंगर ने यह भी इच्छा जाहिर की थी वे अपना अंतिम संस्कार कहां चाहते हैं।
क्या थी जुबिन की आखिरी इच्छा?
अपने आखिरी इंटरव्यू में ज़ुबीन ने ब्रह्मपुत्र नहीं और अपनी मातृभूमि के प्रति अपने गहरे लगाव को बयां किया। उन्होंने कहा, 'यह एक अच्छी जगह है। सबसे बेहतरीन जगहों में से एक। मैं वहीं रहूंगा और वहीं मरूंगा। लोगों को मुझे वहीं जला देना चाहिए। या मुझे ब्रह्मपुत्र में बहा देना चाहिए। मैं एक सिपाही हूं। मैं रैम्बो जैसा हूं'।
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फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया
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उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा जाहिर करते हुए कहा था कि वह चाहते हैं कि उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे किया जाए या फिर उनके अवशेष नदी में बहा दिए जाएं। उन्होंने अपनी जिंदगी और विरासत के बारे में भी बात की थी और कहा, 'मैं पागल हूं, मैं अपना सब कुछ लोगों को देना चाहता हूं। अपने लिए नहीं। मैं यहां खुश हूं। मेरा अपना स्टूडियो है, यह मेरा घर है'।
जुबिन को असमिया संगीत को देशभर में पहचान दिलाने के लिए जाना जाता है। बॉलीवुड में उन्होंने फिल्म 'गैंगस्टर' (2006) में 'या अली' गाकर प्रसिद्धि हासिल की। इस गायक को अक्सर 'गुनगुनाहट का बादशाह' कहा जाता था। 52 वर्षीय ज़ुबीन का शुक्रवार को सिंगापुर में एक दुखद स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में निधन हो गया।
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अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी फैंस की भीड़
एक्स पर एक पोस्ट में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'ज्यादा से ज्यादा लोग हमारी प्यारे ज़ुबीन को आखिरी बार देखना चाहते हैं और हम उनकी भावनाओं को गहराई से समझते हैं। इसलिए, भोगेश्वर बरुआ स्टेडियम आज पूरी रात जनता के लिए ज़ुबीन को श्रद्धांजलि देने के लिए खुला रहेगा। कल भी, ज़ुबीन का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शन के लिए सरुसजाई में रखा जाएगा'।