यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Srikanth Day 1 Box Office: '12वीं फेल' से कम नहीं 'श्रीकांत' का जलवा, छप्परफाड़ कमाई से रच डाला इतिहास
राजकुमार राव की गिनती बॉलीवुड के टैलेंटेड और हार्ड वर्किंग एक्टर्स में होती है। वह अपनी फिल्मों और रोल्स को लेकर अक्सर ही लाइमलाइट में बने रहते हैं। र ...और पढ़ें

HighLights
- राजकुमार राव की फिल्म है 'श्रीकांत'
- 'श्रीकांत' ने बॉक्स ऑफिस पर ली तगड़ी ओपनिंग
- क्रिटिक्स की तरफ से भी 'श्रीकांत' को हरी झंडी
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। Srikanth Box Office Collection Day 1: राजकुमार राव की फिल्मों का फैंस में अलग ही लेवल का क्रेज बरकरार रहता है। उनके रोल्स हमेशा लीक से हटकर होते हैं। अपने दमदार अभिनय के लिए फेमस राजकुमार राव फिल्म 'श्रीकांत' के साथ थिएटर्स में एंट्री ले चुके हैं।
'श्रीकांत' का दिखा जबरदस्त बज
तुषार हीरानंदानी के डायरेक्शन में बनी 'श्रीकांत' को लेकर फैंस में काफी बज देखने को मिला। फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो देख नहीं सकता, लेकिन उसका हौसला इतना बड़ा है कि उसकी परेशानियां भी उसके आगे घुटने टेक देती हैं। मूवी को क्रिटिक्स और ऑडियंस से पॉजिटिव रिस्पांस मिला है। इस बीच फिल्म का फाइनल कलेक्शन सामने आ चुका है।
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पिछले महीने 'बड़े मियां छोटे मियां' और 'मैदान' रिलीज हुई। लेकिन इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाई नहीं की। वहीं, पिछले साल अक्टूबर में रिलीज हुई विक्रांत मेसी का '12वीं फेल' का क्रेज अभी तक लोगों में बरकरार है। इस बीच 10 मई को आई राजकुमार राव की 'श्रीकांत' ने न सिर्फ लोगों का दिल जीता है, बल्कि एक रिकॉर्ड भी बनाया है।
ये ओपनिंग लेने वाली पहली फिल्म बनी 'श्रीकांत'
राजकुमार राव की श्रीकांत ने 2.41 करोड़ का कलेक्शन किया है। फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक 'श्रीकांत' इस साल की पहली फिल्म हिंदी है, जिसने 2 करोड़ से ओपनिंग ली है। इतने नंबर्स की ओपनिंग 'बड़े मियां छोटे मियां' और 'मैदान' से की जा रही थी, लेकिन ये फिल्में उम्मीद पर खरी नहीं उतर सकीं। 'श्रीकांत' का कम्पैरिजन अगर विक्रांत मेसी की '12वीं फेल' ने 1.1 करोड़ से ओपनिंग ली थी।
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क्या है 'श्रीकांत' की कहानी
'श्रीकांत' मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट श्रीकांत बोला की बायोपिक है, जो बचपन से नेत्रहीन हैं। फिल्म में उनकी पूरी जर्नी को बयां किया गया है। वह देख नही सकते, लेकिन दिमाग का तेज होने के कारण अपने रास्ते खुद ही बनाते चले जाते हैं। 10वीं के बाद वह साइंस की पढ़ाई करना चाहते थे, लेकिन उन्हें किसी भी जूनियर कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता और फिर वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं। यहां से उनके संघर्ष और जीत की कहानी शुरू होती है।