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39 साल पहले थम जाता था देश... टीवी पर चलती थी Ramayan... 5 कारणों से कालजयी बना शो

Published: Sun, 25 Jan 2026 03:43 PM (IST)

39 Years Of Ramayan: निर्देशक रामानंद सागर की रामायण को आज 39 साल का सफर पूरा हो गया है। 80s ...और पढ़ें

टीवी की रामयाण को पूरे हुए 39 साल (फोटो क्रेडिट- जागरण)

टीवी की रामयाण को पूरे हुए 39 साल (फोटो क्रेडिट- जागरण)

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 25 जनवरी 1987 को टीवी चैनल दूरदर्शन पर पहली बार रामायण शो का टेलीकास्ट किया गया था। निर्देशक रामानंद सागर के निर्देशन में बने इस शो को खुद ये नहीं मालूम था कि रिलीज के लगभग 4 दशक बाद भी ये मनोरंजन जगत का सबसे चर्चित और पसंद किया जाने वाला माइथोजॉकिल धारावाहिक बना रहेगा। 

टीवी की रामयाण के 39 साल पूरे होने के खास अवसर पर शो के मेकर्स सागर वर्ल्ड द्वारा इसकी खासियत के बारे में अहम जानकारी दी गई है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं-

5 कारणों से कालजयी बनी रामायण

रामानंद सागर रामायण को आज भी काफी पसंद किया जाता है। टीवी के बाद यूट्यूब पर इस पौराणिक कहानी वाले धारावाहिक को खूब देखा जाता है।

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सागर वर्ल्ड ने रामायण की 39वीं सालगिरह पर एक स्पेशल पोस्ट ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है, जिसमें इस शो को लेकर कई अहम किस्से बताए गए हैं। जिनमें ये भी जानकारी दी गई है किन 5 कारणों से आज भी रामायण कालजयी बनी हुई है-

  1. डायलॉग्स जो आज भी जीवन सिखाते हैं।

  2. शो को म्यूजिक जो आत्मा को भी छू जाता है।

  3. कलाकारों का अभिनय जो सिर्फ अभिनय नहीं लगता।

  4. सीन जो धर्म का दर्शन बन जाते हैं।

  5. संदेश जो वाकई समय से परे हैं।

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इस वजह से रिलीज के 39 साल बाद भी रामानंद सागर की रामायण को दर्शक पसंद करते हैं। मालूम हो कि इस शो की कास्ट भी काफी कल्ट रही हैं, जिनमें अरुण गोविल (राम), दीपिका चिखलिया (सीता), सुनील लहरी (लक्ष्मण), दारा सिंह (हनुमान), और अरविंद त्रिवेदी (रावण) जैसे कई शानदार कलाकारों के नाम शामिल रहे। 

जब थम जाता था देश

1987 में आज ही के दिन रामायण का पहला एपिसोड टेलीकास्ट किया गया था। उस दौर में टीवी मनोरंजन का प्रमुख साधन माना जाता था। कहा जाता है कि जब रविवार सुबह 9:30 बजे दूरदर्शन पर रामायण शो को प्रसारित किया जाता था, लोग इसे देखने के लिए अपने-अपने घरों टीवी सेट के सामने बैठ जाते थे। सड़कें सुनसान हो जाती थीं और हर तरफ सन्नाटा सा छा जाता था। मानों की एक तरह से देश थम सा जाता था। कुछ तरह की लोकप्रियता इस धारावाहिक ने हासिल की थी।

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