Doordarshan ने 'रामायण' के बाद बड़े भक्ति शो को किया था रिजेक्ट, मॉरिशस में हुआ प्रीमियर; संसद तक पहुंची थी बात
रामानंद सागर के एक शो को 33 साल पहले दूरदर्शन ने रिजेक्ट कर दिया था। जिसके बाद मॉरिशस में शो ...और पढ़ें

रामानंद सागर के भक्ति शो को दूरदर्शन ने किया था रिजेक्ट/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
दूरदर्शन ने रामानंद सागर के शो को किया था रिजेक्ट
शो का वर्ल्ड प्रीमियर मॉरीशस में वीडियो कैसेट पर हुआ
संसद में सवाल उठने के बाद दूरदर्शन ने किया प्रसारित
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 90 के दशक में एक ऐसा समय आया था, जब दूरदर्शन पर रामानंद सागर के शोज छाए रहते थे। उन्होंने ऑडियंस को रामायण से लेकर जय गंगा मैया, जय महालक्ष्मी, विक्रम बेताल और अलिफ लैला जैसे कई शोज आए।
जिनमें से लगभग सभी शोज दूरदर्शन पर आए। हालांकि, साल 1993 में रामानंद सागर ने एक ऐसा भक्ति शो बनाया, जिसे पहले तो दूरदर्शन ने चैनल पर ऑनएयर करने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन बाद मैं वीडियो कैसेट से शो की लोकप्रियता इतनी ज्यादा बढ़ गई की, दूरदर्शन पर भी सरकार की तरफ से दबाव आने लगा और आगे चलकर वह टेलीविजन के इतिहास में सबसे यादगार शो बना।
रामानंद सागर के भक्ति शो को किया था रिजेक्ट
दरअसल, रामांनद सागर को रामायण और उत्तर रामायण के बाद रामानंद सागर को ये पूरा भरोसा था कि उनके अगले माइथोलॉजिकल शो को आराम से दूरदर्शन पर स्लॉट मिल जाएगा। हालांकि, तब तक नियम काफी बदल चुके थे। संडे मॉर्निंग का सबसे बड़े स्लॉट को मिलने में मेकर्स को काफी हाथ पैर मारने पड़ते थे।
दूरदर्शन ने रामानंद सागर को उनके अगले ऐतिहासिक शो 'श्री कृष्ण' के लिए स्लॉट देने से मना कर दिया। हालांकि, निर्माता ने ये ठान लिया था कि कृष्ण भक्ति पर बने वह इस शो को दर्शकों तक पहुंचाकर रहेंगे। उन्होंने ये शो बनाते वक्त इस बात का पूरा ध्यान रखा कि उन्हें अपने सीरियल में किसी ऐसे कलाकार को लेना है, जिसमें दर्शकों को श्री कृष्ण की छवि नजर आए। इसलिए उन्होंने सीरियल में स्वप्निल जोशी और सर्वदमन बनर्जी को कास्ट किया।

वीडियो कैसेट में रिलीज किया था श्री कृष्ण
एक इंस्टाग्राम पेज की जानकारी के मुताबिक, शो तो रामानंद सागर ने शुरु कर दिया था, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये था कि वह इसे कहां दिखाए। ऐसै में उन्होंने एक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी अपनाते हुए इसे वीडियो कैसेट पर रिलीज कर दिया। इसकी निर्माता ने कुल 26 वीडियो कैसेट बनाई। हर कैसेट में 3 एपिसोड थे, यानी कि 78।
रामायण की सफलता को देखते हुए कई बड़ी कंपनिया भक्ति सीरियल से जुड़ गए और उन्होंने इसे 1 लाख प्रति मिनट का स्पॉन्सरशिप दिया। देखते ही देखते 2 करोड़ 64 लाख रुपये रामानंद सागर ने वीडियो कैसेट की स्पॉनसरशिप से इकट्ठा किए। श्री कृष्ण सीरियल का पहला एपिसोड उज्जैन में बड़े परदे पर पब्लिक में दिखाया गया। यह बात उस समय के बड़े-बड़े अखबारों में छपी।

मॉरिशस में हुआ था श्री कृष्ण का वर्ल्ड प्रीमियर
इटली के रेमिनी सिनेमा में श्री कृष्ण को मेडल मिला और फिर यह बात भारत में आग की तरह फैली, जहां लोगों ने इस बात पर सवाल उठाए कि हमारे आराध्य कान्हा के सीरियल को भारत में क्यों नहीं रिलीज किया जा रहा। हालांकि, प्रेम सागर ने अपना तुरुप का इक्का तब फेंका, जब उन्होंने मॉरिशियस में फोन मिला दिया और वहां इस शो का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ।
दरअसल, रामानंद सागर ने मॉरिशियस को उनके पॉपुलर शो विक्रम-बेताल के राइट्स फ्री में दिए थे। जिसके बाद उन्होंने भी एहसान चुकाया। हालांकि, भारत में इस बात को लेकर काफी बवाल मचा।

दूरदर्शन ने टेके रामानंद सागर के सामने घुटने
श्री कृष्ण सीरियल न दिखाने का ये सवाल पार्लियामेंट में पहुंच गया। जहां ये सवाल उठे कि श्री कृष्ण पर बना सीरियल जब मॉरिशियस में दिखाया जा रहा है, तो भारत में क्यों नहीं। उस समय ही दूरदर्शन का नया चैनल आया था डीडी 2, जिसमें आरके स्वामी ने अपना स्लॉट बुक कर लिया। जब दूरदर्शन के अधिकारियों ने उनसे पूछा कि वह कौन सा शो दिखाएंगे, तो उन्होंने कहा श्री कृष्ण।
यह सुनकर दूरदर्शन में चैनल हैंडल करने वाले लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। यह शो पहले से ही सेंसर था ऐसे में 22 अगस्त 1993 में जिस शो को दूरदर्शन ने टेलीकास्ट करने से मना किया था। उसी शो को उन्हें सेम स्लॉट देना पड़ा। यह शो पहले डीडी मेट्रो पर आया, जहां ये 4 साल तक चला। उसके बाद शो को मेन डीडी पर 1997 में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद श्री कृष्ण को मेकर्स ने जी टीवी पर प्रसारित किया।
