The Mandalorian and Grogu Review: ना तो Star Wars जैसी चमक, ना ही रोमांच; कहां चूकी है फिल्म?
'स्टार वार्स: द मंडालोरिएन एंड ग्रोगू' आखिरकार सिनेमाघरों में आ गई है लेकिन स्टार वार्स फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है। ...और पढ़ें

पढ़ें 'स्टार वार्स: द मंडालोरिएन एंड ग्रोगू' का रिव्यू
HighLights
फिल्म स्टार वार्स फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती
जॉन फेवरो का निर्देशन और कहानी में रोमांच की कमी
अच्छे विजुअल इफेक्ट्स और मंडालोरिएन-ग्रोगू का भावनात्मक रिश्ता
प्रियंका सिंह, मुंबई: इस हफ्ते साई-फाई लवर्स के लिए नई फिल्म 'स्टार वार्स : द मंडालोरिएन एंड ग्रोगू' (star wars the mandalorian and grogu review) आखिरकार रिलीज हुई है। अब ये फिल्म कैसी है और क्या आप फिल्म देखने जा रहे हैं, तो उससे पहले ये रिव्यू जरूर पढ़ें

लगभग 50 सालों से चली आ रही स्टार वार्स (Stars Wars) फिल्म फ्रेंचाइज की फिल्में दर्शकों के लिए हमेशा से चर्चा का विषय रही हैं। इस बार इस फ्रेंचाइज का हिस्सा होते हुए फिल्म स्टार वार्स : द मंडालोरिएन एंड ग्रोगू (star wars the mandalorian and grogu) साल 2019 से 2023 तक चली द मंडालोरिएन सीरीज की कहानी को भी आगे बढ़ाती है। हालांकि यह स्टार वार्स की फ्रेंचाइज के साथ न्याय नहीं कर पाती है।
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क्या है कहानी?
कहानी है मंडालोरिएन और ग्रोगू को न्यू रिपब्लिक की कर्नल वार्ड (Sigourney Weaver) ओर से सौंपे गए एक मिशन की। न्यू रिपब्लिक वही सत्ता है, जिसने स्टार वार्स : एपिसोड 6 – रिटर्न्स ऑफ द जेडी में गैलेक्टिक एम्पायर की हार के बाद उसकी जगह ली थी। उनका काम अब उस संगठन के बचे हुए लोगों को ढूंढना है।
उसी में से एक वारलार्ड क्वाइन को ढूंढने का जिम्मा मंडालोरिएन को सौंपा जाता है। उसकी जानकारी हट ट्विंस से मिलेगी, लेकिन वह जानकारी देने से पहले शर्त रखते हैं कि मंडालोरिएन को पहले उसके भतीजे रोटा द हट (जिसकी आवाज Jeremy Allen White ने दी है) को क्रिमिनल संगठन के लॉर्ड जानू से बचाकर लाना होगा। मंडालोरिएन और ग्रोगू उस मिशन पर निकल पड़ते हैं।
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क्या रह गई कमी?
जहां स्टार वॉर्स का नाम जुड़ जाता है, वहां दर्शकों की उम्मीदें भी फिल्म से बढ़ जाती हैं। लेकिन इसमें स्टार वॉर्स फ्रेंचाइज की भव्यता नहीं है। आयरन मैन, द जंगल बुक, द लॉयन किंग जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन कर चुके जॉन फेवरो (Jon Favreau) इसके सहलेखक भी हैं, लेकिन वह अपनी पिछली फिल्मों की तरह कहानी में कोई रोमांचक मोड़ नहीं ला पाते हैं। कहानी बिल्कुल सपाट तरीके से चलती है, और जो ट्विस्ट और टर्न आता है, उसका खुलासा भी उसी समय हो जाता है।
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हॉलीवुड की उन्हीं तमाम फिल्मों जिसमें इंसान और क्रिएचर के बीच लड़ाई होती है, अंत में हवाई जहाज का उड़कर आना और दुश्मन के साम्राज्य को ध्वस्त कर देने वाले सीन घिसे-पिटे से लगते हैं। बैकग्राउंड स्कोर बेहद तेज है, जो कानों को तकलीफ पहुंचाता है। हालांकि फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स कमाल के हैं, जो हॉलीवुड की फिल्मों के लिए नई बात नहीं।
हट ट्विंस की दुनिया में पानी के भीतर कई मुंह वाले बड़े सांप से मंडालोरिएन की लड़ाई वाले सीन अच्छे हैं। एक्शऩ और वीएफएक्स के बीच मुख्य किरदारों मंडालोरिएन और ग्रोगू के बीच के रिश्ता ताजगी भरा लगता है। दोनों के बीच कईभावनात्मक दृश्य हैं, जो इस कहानी में ठहराव लाते हैं।

कैसा है सितारों का अभिनय?
अभिनय की बात करें, तो कहानी के दायरों में हेलमेट के पीछे छुपे पेड्रो पास्कल (Pedro Pascal) का काम अच्छा है। भले ही उनके चेहरे के भाव न दिखे हों, लेकिन जबरदस्त एक्शन करने का मौका जरूर मिला है। छोटी सी भूमिका में सगौनी विवर के पास कुछ खास करने के लिए नहीं है। एनिमेशन से बना ग्रोगू भले ही बोलता न हो, लेकिन जब तक पर्दे पर रहता है, ध्यान खींचता है।
कुल मिलाकर अगर इस हफ्ते आप साई-फाई ड्रामा देखने के प्लान बना रहे हैं तो ये फिल्म देख सकते हैं, लेकिन पिछली फिल्मों की तुलना में शायद इस बार स्टार वॉर्स की ये फिल्म आपको निराश कर सकती है।
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