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    सातवें आसमान पर मेसी, केन का कमाल; बहुत पीछे छूट गए रोनाल्डो

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 07:38 PM (IST)

    फीफा विश्व कप लीग मैचों में लियोन मेसी और हैरी केन ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ...और पढ़ें

    मेसी और केन के आगे फीके रहे रोनाल्डो

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    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : 25 मई 1965 को खेलों के इतिहास की सबसे मशहूर तस्वीरों में से एक खिंची थी। मोहम्मद अली खड़े होकर चिंघाड़ रहे थे और जमीन पर पड़े थे उस दौर से सबसे खतरनाक मुक्केबाज सनी लिस्टन। लिस्टन के सामने रिंग में उतरना तो दूर की बात थी। बड़े-बड़े हैवीवेट चैंपियंस यहां तक कहते थे कि वो नहीं चाहते कि सनी लिस्टन रास्ते में आते-जाते भी उनके सामने पड़े।

    ऐसे डरावने मुक्केबाज को युवा कैसियस क्ले (इस फाइट के बाद वह कनवर्ट होकर मोहम्मद अली बने) ने 25 फरवरी 1964 को सातवें राउंड में नॉकआउट करके हैवीवेट चैंपियन का खिताब जीत लिया। गुस्साए लिस्टन ने तुरंत दोबारा मैच की मांग कर दी। साल भर जमकर तैयारी की। देखने वालों ने कहा कि उन्होंने लिस्टन को इतना बेहतर कभी नहीं देखा। फिर खिंची वो तस्वीर, जिसके पीछे की कहानी ये है कि अली ने इतनी तैयारी के साथ आए लिस्टन को दो मिनट में धूल चटा दी, ऐसा मुक्का मारा कि वह पहले राउंड की शुरुआत में ही धराशायी हो गए।

    मेसी ने किया रोनाल्डो का बुरा हाल

    आप सोच रहे होंगे कि फीफा विश्व कप के माहौल में हम मुक्केबाजी की बात क्यों कर रहे हैं। असल में विश्व कप के लीग मैचों के आखिरी दिन लियोन मेसी ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ कुछ ऐसा ही किया है। पुर्तगाल की सर्वश्रेष्ठ टीम, अपने सर्वश्रेष्ठ शेप में रोनाल्डो, लेकिन ऐतिहासिक होती जा रही हर तस्वीर में चिंघाड़ रहे हैं मेसी। फीफा विश्व कप लीग मैचों के आखिरी दिन लियोन मेसी, हैरी केन और क्रिस्टियानो रोनाल्डो अलग-अलग टीमों के विरुद्ध अलग-अलग तीन स्टेडियम में थे। लोगों ने जादू और दबदबा देखने के लिए एक के बाद एक टीवी चैनल बदले लेकिन जलवा मेसी और केन का ही दिखा।

    केन और मेसी तो गोल करने वालों के बीच अपना नाम लिखा गए लेकिन रोनाल्डो का हाल सनी लिस्टन वाला होता दिख रहा है। कोई भी तैयारी उन्हें जिताना तो दूर, मेसी के बगल में खड़ा भी नहीं होने दे रही। मेसी लगातार सातवें विश्व कप में गोल करने वाले फुटबॉलर बने।

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    जादूगर एक ही है

    लियोन मेसी जॉर्डन के विरुद्ध शुरुआत से नहीं खेलेंगे, ये बात अर्जेंटीना के मैनेजर लियोन स्कालोनी ने मैच से पहले ही बता दी थी। अर्जेंटीना ने डलास में हुए इस मैच में बहुत सारे बदलाव करते हुए पिछले मैच में शुरुआत करने वाले नौ खिलाड़ियों को बेंच पर बिठा दिया। स्ट्राइकर लुटारो मार्टिनेज और गोल कीपर एमिलियानो मार्टिनेज के अलावा पूरी टीम ही नई थी। जियोवानी लो सेल्सो ने मिले मौके का सबसे पहले फायदा उठाया। उन्होंने 19वें मिनट में ही अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी।

    मिडफील्डर लो सेल्सो के इस गोल के कुछ ही देर बाद अर्जेंटीना को पेनाल्टी भी मिल गई और लुटारो ने 31वें मिनट में बड़ी आसानी से अपनी टीम को 2-0 से आगे कर दिया। पहला हाफ इसी स्कोर पर खत्म हुआ।दूसरे हाफ में जॉर्डन ने दो बदलाव कर मैच में वापसी की कोशिश शुरू की और 55वें मिनट में एक गोल भी कर दिया। स्थानापन्न उतरे स्ट्राइकर मूसा अल तामरी ने एहसान हद्दाद के असिस्ट पर गोल करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल के पांच मिनट बाद ही स्कालोनी ने लुटारो की जगह मेसी को उतार दिया। मेसी आते ही तो जादू नहीं कर पाए लेकिन मैच के 80वें मिनट में दर्शकों की ये मुराद भी पूरी हो गई।

    अर्जेंटीना को जार्डन के बॉक्स के पास फ्री किक मिली और मेसी ने गेंद को अपने इशारों पर नचाते हुए जॉर्डन के डिफेंडरों और गोलकीपर सबको चकमा दे दिया। अर्जेंटीना 3-1 से आगे हो गया और अंत में यही निर्णायक स्कोर रहा। अर्जेंटीना अपने तीनों मैच जीतते हुए, सिर्फ एक गोल खाकर अंतिम-32 में पहुंच गई जहां वह शनिवार, 4 जुलाई को सुबह 3:30 बजे केप वर्दे से खेलेंगे।

    सबसे आगे निकले केन

    वहीं न्यूयार्क में हुए ग्रुप एल के मैच में इंग्लैंड ने पनामा को 2-0 से हराया। 22 साल के मिडफील्डर जूड बेलिंगम इस जीत के हीरो रहे जिन्होंने एक गोल करने के साथ हैरी केन के गोल को असिस्ट भी किया। बेलिंगम अब फीफा विश्व कप में गोल और असिस्ट करने वाले सबसे कम उम्र के इंग्लिश खिलाड़ी बन गए हैं। जबकि हैरी केन के नाम अब फीफा विश्व कप में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा (11) गोल हो गए हैं। उन्होंने गैरी लिनेकर (10 गोल) को पीछे छोड़ा। पनामा ने मैच के पहले हाफ में बेहतरीन खेल दिखाते हुए इंग्लैंड को एक भी गोल नहीं करने दिया। इस हाफ की समाप्ति पर दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मैच के दूसरे हाफ में इंग्लैंड के अटैकर्स को थोड़ा भाग्य का साथ मिला और एक कॉर्नर पर लपकते हुए बेलिंगम ने स्कोर 1-0 कर दिया। मैच के 62वें मिनट में गोल करने के बाद उन्होंने छह मिनट बाद हैरी केन के गोल में मदद भी की।

    बेलिंगम ने बॉक्स के अंदर एक सटीक क्रॉस डाला और हैरी केन ने सबसे ऊंचा उछलते हुए गेंद को गोल में डाल दिया। इस जीत के बाद इंग्लैंड की टीम अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए अंतिम-32 में गई जहां बुधवार 1 जुलाई, रात 9:30 बजे उनका मुकाबला डीआर कांगो से होगा।

    फिर निराश रोनाल्डो

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल ने ग्रुप चरण में एक और ड्रॉ खेला। मियामी में हुए ग्रुप-के के मैच में कोलंबिया ने उन्हें 0-0 की बराबरी पर रोकते हुए ग्रुप के शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया जबकि पुर्तगाल दूसरे नंबर पर रही। इस मैच में आते हुए कोलंबिया के खाते में छह अंक थे और उन्हें शीर्ष पर रहने के लिए बस इस मैच को ड्रा कराना था, वह अपने मकसद में कामयाब भी रहे। दूसरी ओर पुर्तगाल को शीर्ष पर आने के लिए हर हाल में ये मैच जीतना था लेकिन उनका प्रदर्शन देखकर लगा मानो वो जीतना ही नहीं चाहते। पुर्तगाल तो इस मैच में हार ही जाती लेकिन डिफेंडर डेविंसन सांचेज द्वारा 90वें मिनट में हेडर पर किए गए गोल को रेफरी ने अमान्य करार देते हुए कोलंबिया को जीत से वंचित कर दिया।

    पुर्तगाल के लिए मिडफील्डर ब्रूनो फर्नांडेज भी गोल करने के बहुत करीब थे लेकिन पहले हाफ में उनके जमाए बेहतरीन शॉट को कोलंबियन गोलकीपर कमीलो वर्गास ने थाम लिया। ब्रूनो ने इस मैच में मिडफील्ड से कई मौके बनाए और डिफेंस में रूबेन नवास ने काफी कंट्रोल दिखाया लेकिन कोलंबिया ने अनुशासन से भरा डिफेंस दिखाते हुए उन्हें गोल नहीं करने दिया।

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