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दुनिया के सबसे महान फुटबॉलर लियोनल मेसी को किस चीज का है पछतावा? खुद किया बड़ा खुलासा

Updated: Fri, 27 Feb 2026 01:32 PM (IST)

अर्जेंटीना के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान लियोनेल मेसी ने एक मैक्सिकन पॉडकास्ट में अपने जीवन के कई अहम पहलुओं पर बात की। उन्होंने बचपन में अंग्रेजी न सीख पाने को अपना सबसे बड़ा पछतावा बताया।

लियोनल मेसी

लियोनल मेसी

HighLights

  1. बचपन में अंग्रेजी न सीख पाने का सबसे बड़ा पछतावा

  2. एंटोनेला को रोमांटिक अंदाज में प्रपोज करने का खुलासा किया

  3. स्पेन के बजाय अर्जेंटीना के लिए खेलने पर हमेशा गर्व

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अर्जेंटीना के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान लियोनेल मेसी ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़े कई अहम पहलुओं पर खुलकर बात की है। एक मैक्सिकन पॉडकास्ट के दौरान मेसी ने स्वीकार किया कि बचपन में अंग्रेजी न सीख पाना उन्हें अब भी खलता है। उनका कहना है कि इंग्लिश नहीं बोल पाने की वजह से वे लोगों से खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। मेसी ने इसके अलावा भी कई बड़े खुलासे किए हैं।

मेसी ने अपनी लव स्टोरी को लेकर खुलासे किए हैं। बता दें कि मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने 2022 में फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। मेसी अमेरिका के लिए इंटरमियामी के लिए फुटबॉल खेलते हैं। 2026 फीफा वर्ल्ड कप में भी वे हिस्सा हो सकते हैं लेकिन अब तक इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन वर्ल्ड कप से मेसी ने कई खुलासे किए हैं।

लियोनल मेसी का बड़ा खुलासा

मेक्सिकन पॉडकॉस्ट में बात करते हुए मेसी ने कहा, "मुझे कई बातों का अफसोस है। बचपन में इंग्लिश नहीं सीख पाने का सबसे बड़ा पछतावा है। मेरे पास समय था मैं पढ़ सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करियर के दौरान मुझे दुनिया की कई बड़ी हस्तियों से मिलने का मौका मिला लेकिन भाषा की कमी के कारण मैं उनसे खुलकर बात नहीं कर सका। जब मैं किसी ऐसे व्यक्ति से बात करता था, तो खुद को आधा अनजान महसूस करता था।"

मेसी ने अपने प्यार के बार में बात करते हुए कहा, "मैंने एंटोनेला को बार्सिलोना में डिनर के दौरान प्रपोज किया था। हम कई साल से साथ थे और हमारे दो बच्चे भी थे। यह अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि स्वाभाविक कदम था। यह थोड़ा फिल्मी और रोमांटिक अंदाज में था।"

स्पेन में बीता शुरूआती दिन

मेसी 13 साल की उम्र में अपने शहर रोसारियो से स्पेन पहुंचे और बार्सिलोना की प्रसिद्ध एकेडमी ला मासिया से जुड़े। उन्होंने भावुक होकर याद किया, "पूरा मोहल्ला हमें एयरपोर्ट छोड़ने आया था। वे लियो मेसी को नहीं, बल्कि मेसी परिवार को विदा कर रहे थे।' स्पेन में उनका पहला साल बहुत कठिन था। ट्रांसफर नियमों के कारण वे छह महीने तक नहीं खेल पाए और जब खेलने का मौका मिला, तो चोटिल होकर 3 महीने के लिए बाहर हो गए थे।

स्पेन से मिला खेलने का ऑफर

स्पेन में पले-बढ़े और पूरा क्लब करियर वहीं बनाने के कारण मेसी के पास स्पेन की नेशनल टीम से खेलने का विकल्प भी था। उस समय स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने उन्हें मनाने की कोशिश की। लेकिन मेसी ने साफ किया कि उनके मन में कभी भ्रम नहीं था। उनका दिल हमेशा अर्जेंटीना के साथ था। करियर के कठिन दौर में जब अर्जेंटीना बड़े टूर्नामेंटों के फाइनल हार रहा था, तब कुछ आलोचकों ने सवाल उठाए थे कि शायद स्पेन के साथ खेलते तो मेसी ज्यादा ट्रॉफी जीतते। लेकिन मेसी ने फैसले पर कभी पछतावा नहीं किया।

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