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    अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, फायर एनओसी घोटाले का खुलासा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 07:02 PM (IST)

    अहमदाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित कुमार डोंगरे को फायर एनओसी के लिए 36 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

    अहमदाबाद के मुख्‍य अग्निशमन अधिकारी रिश्‍वत लेते पकड़ा गया।     (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    अहमदाबाद के मुख्‍य अग्निशमन अधिकारी रिश्‍वत लेते पकड़ा गया। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    HighLights

    1. मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित डोंगरे रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

    2. फायर एनओसी के लिए 36 हजार रुपये की रिश्वत ली।

    3. राजकोट आग त्रासदी के बाद भी भ्रष्टाचार जारी रहा।

    डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। राजकोट के गेमिंग जोन, सूरत के शिक्षा संस्‍थान व अहमदाबाद के अस्‍पताल में आग लग जाने से दर्जनों की मौत के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है। अहमदाबाद के मुख्‍य अग्निशमन अधिकारी को भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो ने 36 हजार रुपए की रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। मामला अहमदाबाद के 6 भवनों को फायर एनओसी से जुड़ा है।

    गुजरात के विविध शहरों में आग की घटनाओं के बाद राज्‍य सरकार ने अग्निशमन सेवाओं को लेकर काफी सख्‍त नियम बनाये थे लेकिन फायर विभाग के अधिकारियों की मिली भगत ने एक बार फिर राज्‍य में अग्निशमन व्‍यवस्‍थाओं को मजाक बनाकर रख दिया।

    वडोदरा रेंज एसीबी के प्रभारी उपनिदेशक बलदेव देसाई ने बताया कि एसीबी को मिली शिकायत के आधार पर अहमदाबाद के विजय चार रास्‍ता पर निगरानी लगाकर बिचौलिए भाव सिंह झाला को गिरफ्तार किया। इससे पूछताछ के बाद इसमें मुख्‍य अग्निशमन अधिकारी अमित कुमार डोंगरे के लिप्त होने की पुष्टि होने पर उनको भी गिरफ्तार कर लिया गया।

    एसीबी को शिकायत मिली थी कि अहमदाबाद में भवनों को अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए रिश्‍वत की मांग की जाती है।

    देसाई ने बताया कि गुजरात सरकार के पोर्टल पर एनओसी के लिए 6 आवेदन किये गये थे, बिचौलिए के माध्‍यम से आवेदनकर्ताओं से प्रति एनओसी 6 हजार रु की मांग की गई थी। किसी ने एसीबी को इसकी जानकारी दी और जाल बिछाकर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

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    गौरतलब है कि वर्ष 2025 में राजकोट के गेमिंग जोन में आग लग जाने से करीब तीन दर्जन बच्‍चों की आग में जलकर मौत हो गई थी, इससे पहले सूरत में शिक्षण संस्‍थान में लगी आग के चलते भी करीब दो दर्जन बच्‍चे जलकर मर गये थे।

    कोरोना महामारी के दौरान अहमदाबाद के अस्‍पताल में आग लग जाने से तीन दर्जन मरीजों की जलने से मौत हो गई थी। ऐसी घटनाओं के बाद राज्‍य सरकार ने इस मामले में सख्‍त कदम उठाते हुए एनओसी व अग्निशमन उपकरणों की अनिवार्यता को लेकर कड़े नियम बनाये लेकिन अहमदाबाद में मुख्‍य चीफ फायर ऑफिसर के ही लिप्त होने से समूची व्‍यवस्‍था को पलीता लग गया।

    विवि के 10 अस्‍थाई प्राध्‍यापक निलंबित

    गुजरात विश्‍वविद्यालय प्रभारी कुलपति डॉ. जगदीश जोशी ने लाखों का वेतन पा रहे 10 प्राध्‍यापकों को निलंबित कर दिया है। पूर्व कुलपति नीरजा के कार्यकाल में ये प्राध्‍यापक नियुक्‍त किये गये थे।

    डॉ. जोशी ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई है। जीयूसेक के ग्रुप सीईओ श्रीनिवास रेडडी को ऑडिट के लिए लाया गया था लेकिन उनको ही बाद में सीईओ बना दिया गया। इन प्राध्‍यापकों पर कानूनी कार्यवाही तथा वेतन रिकवरी के सवालों पर प्रभारी कुलपति ने बताया कि यह राज्‍य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।