यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gujarat Assembly Election 2022: गुजरात में सत्ता में आई तो 15 लाख संविदा कर्मियों को नियमित करेगी कांग्रेस
Gujarat Assembly Election 2022 कांग्रेस ने कहा कि अगर पार्टी गुजरात में सत्ता में आई है तो अनुबंध पर या विभिन्न सरकारी संस्थाओं और विभागों में आउटसोर् ...और पढ़ें

अहमदाबाद, एजेंसी। Gujarat Assembly Election 2022: कांग्रेस (Congress) ने रविवार को कहा कि अगर पार्टी गुजरात (Gujarat) में सत्ता में आई है तो अनुबंध पर या विभिन्न सरकारी संस्थाओं और विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों के रूप में काम करने वाले करीब 15 लाख युवाओं को नियमित सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
मुफ्त में नियमित होंगे अवैध निर्माण
प्रेट्र के मुताबिक, राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के उद्देश्य से नियमों को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद विपक्षी पार्टी की राज्य इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक हिम्मत सिंह पटेल ने यह घोषणा की। कांग्रेस ने यह भी वादा किया कि जो लोग अवैध निर्माण को नियमित करना चाहते हैं, उन्हें मुफ्त में ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी।
इतने संविदाकर्मी होंगे नियमित
हिम्मत सिंह पटेल ने कहा कि राजस्थान सरकार के इस निर्णय से लगभग 1.10 लाख युवाओं को लाभ होगा। उसी तर्ज पर हमारी पार्टी अगर गुजरात में सत्ता में आई, तो लगभग पांच लाख संविदाकर्मी और 10 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस चुनाव पूर्व इस तरह का वादा करके आम आदमी पार्टी (AAP) का मुकाबला करने की कोशिश कर रही है, पटेल ने कहा कि लोग अच्छी तरह जानते हैं कि कौन सी पार्टी देने में सक्षम है।
जीतू पटेल ने कही ये बात
गुजरात कांग्रेस उपाध्यक्ष जीतू पटेल ने कहा कि नई कांग्रेस सरकार अपने अवैध निर्माण को नियमित करने के इच्छुक लोगों से कोई शुल्क नहीं लेगी। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह शहरी क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों को नियमित करने के लिए प्रभाव शुल्क वसूल कर एक अध्यादेश लागू करेगी। यह भाजपा सरकार की इम्पैक्ट फीस के माध्यम से लोगों से 20,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की दुर्भावनापूर्ण योजना है।
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कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व भाजपा विधायक बालकृष्ण पटेल
इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के पूर्व विधायक बालकृष्ण पटेल (Balkrishna Patel) रविवार को विपक्षी कांग्रेस में शामिल हो गए और दावा किया कि कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के बावजूद उन्हें सत्ता में दरकिनार कर दिया गया। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर और पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने यहां पार्टी मुख्यालय में बालकृष्ण पटेल (66) का कांग्रेस में स्वागत किया। बालकृष्ण पटेल ने भाजपा विधायक के रूप में 2012 और 2017 के बीच वडोदरा जिले की दभोई सीट का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2012 में कांग्रेस के सिद्धार्थ पटेल को हराकर विधायक बने थे।
भाजपा पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि मैंने कई वर्षों तक जिला और तालुका स्तर पर भाजपा को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। मुझे 2017 के चुनावों के लिए टिकट नहीं दिया गया था, हालांकि मैं एक मौजूदा विधायक था। मेरे बेटे को भी टिकट से वंचित कर दिया गया था। मैंने भाजपा छोड़ दी, क्योंकि मुझे लगातार उपेक्षित और दरकिनार किया जा रहा था। 2017 में भाजपा के शैलेश मेहता कांग्रेस के सिद्धार्थ पटेल को हराकर दभोई सीट से चुने गए थे। बालकृष्ण पटेल ने कहा कि वह इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने या अपने बेटे के लिए टिकट की उम्मीद किए बिना कांग्रेस में शामिल हो गए।