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    गुजरात: वलसाड में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, 31 ब्रांड की एलोपैथिक दवाइयां जब्त

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 04:03 PM (IST)

    गुजरात पुलिस ने वलसाड के कपराड़ा में एक फर्जी डॉक्टर जयकरण प्रजापत को गिरफ्तार किया है, जो बिना डिग्री के क्लिनिक चला रहा था। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. वलसाड में बिना डिग्री के इलाज कर रहा फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार।

    2. पुलिस ने 31 ब्रांड की ₹53,000 से अधिक की दवाएं जब्त कीं।

    3. आरोपी के खिलाफ BNS और मेडिकल प्रैक्टिसनर्स एक्ट में केस।

    डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात पुलिस ने वलसाड जिले के कपराड़ा तालुका में बिना किसी मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहे एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी किराए के मकान में क्लिनिक चलाकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसके कब्जे से 53,000 से अधिक मूल्य की 31 विभिन्न ब्रांडों की एलोपैथिक दवाइयां जब्त की हैं।

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान जयकरण प्रजापत के रूप में हुई है। वह वर्तमान में कपराड़ा तालुका के वालवेरी फाटक के पास रह रहा था, जबकि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के घाटमपुर तालुका का निवासी है।

    सूरत डिवीजन के पुलिस महानिरीक्षक प्रेम वीर सिंह, वलसाड के पुलिस अधीक्षक डॉ. युवराजसिंह जडेजा और एएसपी धर्मपुर डिवीजन डॉ. संदीप टी. के निर्देशों के बाद बिना योग्यता प्रैक्टिस करने वाले लोगों को चिन्हित कर यह कार्रवाई की गई।

    स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी

    कपराड़ा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डी.एन. वंझा के मार्गदर्शन में गश्त के दौरान सहायक हेड कांस्टेबल आशीषभाई अर्जुनभाई को गुप्त सूचना मिली कि जयकरण बिना किसी डिग्री के डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस कर रहा है।

    सूचना के आधार पर रोहियाल जंगल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी और एक फार्मासिस्ट के साथ पुलिस टीम ने नरनभाई देवरामभाई के किराए के मकान पर छापा मारा। पुलिस ने जयकरण को रंगे हाथों मरीजों का इलाज करते और दवाइयां देते हुए पकड़ा।

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    BNS और मेडिकल प्रैक्टिसनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने बताया कि बिना डिग्री के इलाज करने से आम जनता की जान को गंभीर खतरा था। मौके से ₹53,751.20 मूल्य की 31 तरह की एलोपैथिक दवाइयां बरामद की गईं। आरोपी के खिलाफ कपराड़ा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 125 और मेडिकल प्रैक्टिसनर्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    गुजरात में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई कोई अकेली घटना नहीं है। जुलाई में दाहोद जिले में बिना आवश्यक योग्यता या लाइसेंस के प्रैक्टिस कर रहे एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया था।

    जून में आनंद जिले के बोरसद में 58 वर्षीय नितिन दाह्या परमार को गिरफ्तार किया गया था, जो बिना गुजरात मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के 20 से अधिक वर्षों से क्लिनिक चला रहा था। मार्च में वडोदरा के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने गजरावाड़ी इलाके से धवल कावड़ नामक व्यक्ति को पकड़ा था, जिसके पास से एंटीबायोटिक, कफ सिरप, ग्लूकोज बोतलें और स्टेथोस्कोप जब्त किए गए थे।

    गुजरात सरकार ने मार्च में विधानसभा में जानकारी दी थी कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच राज्य में फर्जी डॉक्टरों से जुड़ी 2,724 शिकायतों की जांच की गई थी। इस दौरान 169 लोग फर्जी डिग्री के साथ प्रैक्टिस करते पाए गए और 154 एफआईआर दर्ज की गईं।