महिलाओं के लिए गुजरात आज भी सुरक्षित, राष्ट्रीय औसत की तुलना में अपराध कम
गुजरात महिलाओं के लिए देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है, जहां अपराध दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में ...और पढ़ें

महिलाओं के लिए गुजरात आज भी सुरक्षित।
HighLights
गुजरात महिलाओं के लिए देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में।
एनसीआरबी रिपोर्ट: गुजरात की अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम।
महिलाओं के खिलाफ अपराध का औसत गुजरात में प्रति लाख 22।
शत्रुघ्न शर्मा,गांधीनगर। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के मामले में गुजरात आज भी सबसे सुरक्षित राज्य माना जाता है, हाल ही जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट में देश में हाने वाले गंभीर अपराधों के मामलों में गुजरात का दर आधे से भी कम है।
भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध का प्रति लाख औसत जहां 64 है वहीं गुजरात में यह औसत 22 है। हत्या, बलात्कार व लूट जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में भी गुजरात देश में 31वें स्थान पर है।
एनसीआरबी क्राइम इन इंडिया, वर्ष 2024 की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के विविध राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में गुजरात में अपराध का ग्राफ काफी कम है। महिलाओं के लिए आज भी गुजरात पहले की तरह सुरक्षित है, इनके अलावा हत्या, बलात्कार, अपहण व संपत्ती संबंधी मामलों में भी देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है।
अपराध का राष्ट्रीय औसत प्रति लाख 252.3 है जबकि गुजरात का अपराध दर 227.7 है लेकिन राज्य सरकार का दावा है कि गुजरात में बडी संख्या में नशाबंदी के मामले दर्ज होने के कारण मुकदमें दर्ज होने का ग्राफ अधिक है लेकिन महिलाओं, संपत्ती, हत्या, दुष्कर्म व अपहरण जैसे शरीरी संबंधी गंभीर अपराध के मामलों में गुजरात का ग्राफ काफी नीचे है।
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आंकडे बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध का औसत प्रति लाख भारत में जहां 64.6 है वहीं गुजरात में 22 है। इसके अलावा हत्या, दुष्कर्म व अपहरण जैसे हिंसक अपराध के मामले में देश का औसत 62 है वहीं गुजरात का औसत 25 है।
शरीर के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों में गुजरात देश के 29 राज्य व 7 केंद्र शासित प्रदेशों में 31वें स्थान पर है जबकि हत्या, दुष्कर्म व अपहरण के मामले में 29वें स्थान पर है। संपत्ती के मामले में होने वाले अपराध के मामले में भी गुजरात 23वें स्थान पर तथा घरों में चोरी के मामले में 27वें स्थान पर है। बालकों के खिलाफ होने वाले अपराध के मामले में भी गुजरात 29वें स्थान पर है।
सांसद के बंदूक लेकर जुलूस निकालने की जांच एसपी करेंगे
गुजरात में पंचायत व पालिका चुनाव के बाद नये पदाधिकारियों के चयन व शपथग्रहण से पहले विजय जुलूस में हाथ में बंदूक लहराने के चलते भाजपा सांसद जसुभाई राठवा घिरते नजर आ रहे हैं। छोटा उदेपुर में भाजपा के विजेता प्रत्याशियों के साथ जुलूस निकालते समय राठवा कार में खडे होकर हाथ से बंदूक लहरा रहे थे और उनके गले में कारतूस का पट्टा लटक रहा था।
इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढता देख पहले सांसद ने नकली बंदूक होने का दावा किया लेकिन वीडियो में असल बंदूक नजर आने पर पुलिस प्रशासन ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले की जांच सौंप दी।
राठवा ने एक बार इसे आदिवासी परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा था कि उनके समाज में तीर कमान व बंदूक का प्रदर्शन करने का रिवाज है लेकिन उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का गत वर्ष का ही एक बयान सांसद की मुसीबत बन गया। संघवी ने तब स्पष्ट कहा था कि लाईसेंसी बंदूक का भी सार्वजनिक प्रदर्शन अपराध है इसलिए उसे लहराकर प्रदर्शन करने व रील बनाने वालों पर सख्त कार्यवाही होगी।