ऑस्ट्रेलिया में पति का कनाडा में बैठी पत्नी से वीडियो कॉल पर तलाक, 11 साल पहले हुई थी शादी
सूरत न्यायालय ने वीडियो कॉल के माध्यम से एक ऐसे जोड़े का तलाक मंजूर किया, जिसमें पति ऑस्ट्रेलिया और पत्नी कनाडा में रह रही थी। ...और पढ़ें

(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शत्रुघ्न शर्मा, अहमदाबाद। सूरत के न्यायालय ने दो अलग देशों में रह रहे पति व पत्नी के आपसी सहमति से की गई तलाक के आवेदन को मान्य रखते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से उनका तलाक मंजूर कर लिया।
पति भारत में था जबकि पत्नी कनाडा में रह रही है,युगल विवाह के कुछ वर्ष बाद मतभेद के चलते तीन वर्ष से भी अधिक समय से दोनों अलग रह रहे थे।
2023 में दी थी तलाक की अर्जी
सूरत के महीधरपुरा निवासी 35 वर्षीय युवक का नवंबर 2015 में उत्राण सूरत की 32 वर्षीय युवती से हिन्दू रीति रिवाज के साथ संपन्न हुआ था, कुछ वर्ष साथ रहने के बाद इन दोनों के बीच मतभेद शुरु हो गये तथा दोनों ने मार्च 2023 में सूरत के स्थानीय न्यायालय में तलाक का आवेदन किया और विदेश चले गये।
इस दंपत्ती को कोई संतान नहीं है और दोनों ही नौकरीपेशा हैं। एक दूसरे को समय नहीं दे पाने तथा मतभेद उभर आने के चलते अलग होने का फैसला आपसी सहमति से किया था।
हाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पति ने जहां अपनी मां को पावर ऑफ अटार्नी का अधिकार दिया जबकि कनाडा में रह रही पत्नी ने अपने पिता को पावर ऑफ अटार्नी बनाकर उसकी ओर से कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर का अधिकार सौंप दिया था।
वीडियो कॉल पर हुआ तलाक
कोर्ट में तलाक पर फैसले के दौरान दोनों भारतीय दूतावास में उपस्थित रहे और वीडियो कॉल के माध्यम से तलाक के लिए अपनी सहमति दी। कोर्ट ने हिन्दू मैरिज एक्ट की धारा 13बी के तहत दोनों सहमति से मांगे गये तलाक पर अपनी मुहर लगा दी।
वकील अश्विन जोगडिया ने बताया कि अप्रेल 2026 में ही गुजरात उच्च न्यायालय ने अपने एक अहम दिशा निर्देश में ट्रायल कोर्ट को तकनीकी सेवी होने तथा मानवीय, संवेदनशील तथा त्वरित निर्णय पर ध्यान देने का निर्देश दिया था।