'पैसे नहीं हैं तो मर जाओ', सूरत में कारोबारी को सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले 3 दोस्त गिरफ्तार
सूरत के सरथाणा में एक कढ़ाई व्यवसायी राजेशभाई कुंजड़िया ने अपने तीन दोस्तों द्वारा 17.32 लाख रुपये की धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्य ...और पढ़ें

दोस्तों ने कारोबारी के साथ 17.32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी

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डिजिटल डेस्क, सूरत। सूरत के सरथाणा इलाके में दोस्ती के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक कढ़ाई (एम्ब्रॉयडरी) व्यवसायी को उसके अपने ही तीन दोस्तों ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दोस्ती के नाम पर उन्होंने दगा किया, उन्हीं तीनों आरोपियों को पुलिस ने 'फ्रेंडशिप डे' के दिन ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से जूनागढ़ के विसावदर (मोणिया गांव) के निवासी और सूरत के सरथाणा में रहने वाले राजेशभाई कुंजड़िया ने बीती 30 जुलाई को जहरीली दवा पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक के तीन दोस्तों—घनश्याम अहीर, निक्षित उर्फ रिकी और दाढ़ी अहीर ने उनके साथ कुल 17.32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
कनाडा जाने के बहाने की लाखों की ठगी
राजेशभाई ने व्यापार में मंदी के कारण अपनी एम्ब्रॉयडरी मशीनें बेच दी थीं, जिससे उन्हें 14 लाख रुपये मिले थे। उनके मित्र घनश्याम ने कनाडा जाने का झांसा देकर उनसे ये 14 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके अलावा, दो अन्य दोस्तों निक्षित और दाढ़ी ने भी क्रमशः 2 लाख और 1.32 लाख रुपये उधार लिए थे।
जब राजेशभाई ने अपनी जरूरत के समय यह पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
साइबर क्राइम की धमकी और बैंक खातों का जाल
सुसाइड नोट और जांच से पता चला है कि घनश्याम ने राजेशभाई को धोखे में रखकर उनके नाम पर फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, कालूपुर बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, भारत बैंक और केनरा बैंक जैसे 6 अलग-अलग बैंकों में 'म्यूल अकाउंट' (फर्जी लेनदेन के लिए खाते) खुलवा लिए थे।
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जब राजेशभाई को अहसास हुआ कि वे फंस गए हैं और उन्होंने विरोध किया, तो घनश्याम ने उन्हें साइबर क्राइम में फंसाने की धमकी दी। आरोपी उन्हें यहां तक कहते थे कि अगर पैसे नहीं हैं तो मर जाना चाहिए।
बेटी को घर छोड़कर पिया जहर
दोस्तों के विश्वासघात और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर राजेशभाई ने 30 जुलाई को एक सुसाइड नोट लिखा और उसे अपने मोपेड में छिपा दिया। इसके बाद वे अपनी छोटी बेटी को घर छोड़कर बाहर गए और जहरीली दवा पी ली। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस को जांच के दौरान वह सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें राजेशभाई ने अपनी पूरी आपबीती लिखी थी। इसी आधार पर सरथाणा पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों दगाबाज दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
राजेशभाई के पीछे उनकी पत्नी भाविकाबेन और दो मासूम बच्चे रह गए हैं, जिन्होंने अपने पिता का साया खो दिया है।
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