सूरत: बाढ़ के चलते कपड़ा कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान, CM ने किया ₹500 करोड़ के राहत पैकेज का एान ल
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत में भारी बारिश से हुए जान-माल के नुकसान का जायजा लिया और बाढ़ नियंत्रण के लिए 500 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की। ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
HighLights
मुख्यमंत्री ने सूरत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया
बाढ़ नियंत्रण और विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का अनुदान
सूरत के कपड़ा कारोबारियों को 800 करोड़ रुपये का भारी नुकसान
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दक्षिण गुजरात के सूरत में लगातार दो दिन तक हुई भयंकर वर्षा के चलते हुए जान माल के नुकसान का जायजा लिया, जिला कलक्टर, जिला विकास अधिकारी तथा पुलिस व मनपा आयुक्त व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में एक उच्चस्तरीय बैठक में सूरत में आए बाढ व नुकसान का आंकलन करने के बाद खाडी क्षैत्र में बाढ नियंत्रण के लिए 500 करोड रु के अनुदान की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने नवसारी पहुंचकर वहां वलसाड व नवसारी में हुए नुकसान का भी जायजा लिया। इस अतिव्रष्टी में सूरत के टेक्सटाइल कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पडा है। करीब दस हजार दुकानों के पानी में डूब जाने से करोडों का नुकसान हो गया। एक अनुमान के मुताबिक सूरत में अब तक 800 करोड का नुकसान हो चुका है, जबकि वर्षा जन्य हादसों में 24 की मौते हुई है।
CM ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से चर्चा में प्रशासनिक खामियों पर खास चर्चा की तथा भविष्य में इसका पुनरावर्तन ना हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में दक्षिण गुजरात के सांसद, विधायक शामिल रहे इनमें उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल, सूरत जिला प्रभारी एवं वित्तमंत्री कनुभाई देसाई, स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया शामि
ल थे। मुख्यमंत्री ने सूरत के खाडी क्षैत्र उधना, पलसाणा, कामरेज में जलभराव की समस्या के लिए एक्शन प्लान बनाने के साथ इसके विकास के लिए पांच सौ करोड रु की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले इलाकों में लोगों को पेयजल, मेडिकल व्यवस्था के साथ उनके फूड पैकेट की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिये साथ ही इन क्षैत्रों में किसी तरह की मौसमी बीमारी ना फैले इसके लिए तत्काल कदम उठाने को कहा।
खबरें और भी
कपडा कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान
मुख्यमंत्री ने नवसारी पहुंचकर कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक आदि अधिकारियों से नवसारी व वलसाड में हुए नुकसान का भी जायजा लिया। भारी बारिश के कारण टेक्सटाइल कारखानों व कपडा बाजार को भारी नुकसान हुआ है, कपडा की दस हजार दुकाने पानी में डूबी हैं इससे करीब 150 करोड रु की साडी, कुर्ती का नुकसान हुआ इसके अलावा मशीनों, कंप्यूटर, वाहनों समेत अन्य ईलेक्ट्रॉनिक सामान भी पानी में डूबकर खराब हो गये। व्यापारी, दिनेश कटारिया, जिज्ञासा कुमारी आदि ने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि अभी तक उनके बाजारों सेपानी तक नहीं निकाला गया है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि महानगर पालिका, जिला प्रशासन या अन्य सरकारी विभागों की ओर से सडक, नाली, सीवरेज आदि के निर्माण में गुणवत्ता में खामी पाए जाने पर उसकी संपूर्ण जांच कराकर इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। संघवी ने कहा कि इस आपत्ति के समय में लोगों ने आपसी सहयोग का उदाहरण पेश किया। उन्होंने महानगर पालिका, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा गुजरात पुलिस के कामकाज की भी प्रशंसा की।
5000 स्वयंसेवकों ने किया सेवा
गौरतलब है कि पुलिस अधिकारियों ने कंधे तक पानी में चलकर लोगों को सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाया तथा कई जगह बुजूर्गों को कंधे पर बिठाकर पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। संघवी ने बताया कि शहर के करीब 5000 स्वयंसेवकों ने इस विपत्ती के समय सेवा व सहयोग के साथ लोगों को जरुरत की चीजें मुहैया कराकर प्रशंसनीय कार्य किया।
सूरत महानगर पालिका आयुक्त एम नागराजन ने बताया कि इस सप्ताह सीजन की 30 फीसदी वर्षा हुई, 3600 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जबकि 4 हजार से अधिक को राहत शिविर में पहुंचाया गया।
जिला कलक्टर तेजस परमार ने बताया कि पलसाणा एवं कामरेज में सबसे अधिक वर्षा हुई, प्रशासन की ओर से नुकसान का सर्वे किया जा रहा है तथा प्रभावित परिवारों को कैशडॉल के अलावा आवश्यक वस्तुओं कीसहायता दी जा रही है। शहर एवं जिले में करीब 40 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है उनकी भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।