वनवासी शब्द के उपयोग को लेकर भाजपा पर भड़के राहुल गांधी, लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने वडोदरा में भाजपा और आरएसएस पर आदिवासियों के लिए 'वनवासी' शब्द के इस्तेमाल को लेकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यह शब्द जल, जंगल औ ...और पढ़ें

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा
HighLights
राहुल गांधी ने 'वनवासी' शब्द के प्रयोग पर भाजपा-आरएसएस को घेरा।
दावा किया कि यह शब्द आदिवासियों के मूल स्वामित्व को नकारता है।
जातिगत जनगणना और पीएम मोदी के व्यापार समझौते पर भी बोले।
राज्य ब्यूरो, वडोदरा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आदिवासियों के लिए वनवासी शब्द के इस्तेमाल को लेकर सोमवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा। दावा किया कि उन्होंने इस शब्द को इसलिए गढ़ा है, ताकि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के मूल स्वामित्व को नकारा जा सके।
वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने जाति आधारित गणना की अपनी मांग को दोहराया। उन्होंने इसे आदिवासियों के लिए देश की सत्ता और संपदा में अपना हिस्सा पाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस समझौते के तहत कृषि क्षेत्र को उस देश के लिए खोल दिया गया है, ऐसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि अब, 21वीं सदी में एक नया शब्द सामने आया है। आरएसएस और भाजपा द्वारा गढ़ा गया एक शब्द वनवासी। वनवासी शब्द का तात्पर्य है कि आप इस भूमि के मूल स्वामी नहीं थे। दूसरी ओर आदिवासी शब्द का अर्थ है कि यह देश आपका था, इसका जल, जंगल और जमीन सही मायने में आपकी थी।
उन्होंने कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और पूज्य आदिवासी नेता बिरसा मुंडा पर हमला है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की संस्थाओं पर आरएसएस का नियंत्रण है और प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति का नियंत्रण हो गया है। इसीलिए, प्रधानमंत्री देश के किसानों, गरीबों, आदिवासियों की भलाई की बात नहीं कर पा रहे।
खबरें और भी
कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो हुक्म करते हैं, मोदी उसके अनुसार काम करते जाते हैं। भाजपा सरकार देश के संसाधन और पैसे को अदाणी को देते जा रही है। अदाणी कोई सामान्य कंपनी नहीं है, वह भाजपा और इस सरकार का आर्थिक ढांचा है।