अंबाला में 17 करोड़ की योजना में 'कागजी मकानों' का खेल, विजिलेंस ने 16 पर कसा शिकंजा; अधिकारी और एजेंट भी शामिल
अंबाला में डॉ. भीमराव अंबेडकर मकान नवीनीकरण योजना में 17 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है, जिसमें 16 लोगों पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। ...और पढ़ें
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भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस ने 16 पर कसा शिकंजा। फाइल फोटो
HighLights
डॉ. अंबेडकर मकान नवीनीकरण योजना में 17 करोड़ का घोटाला।
16 लोगों पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
अपात्रों को लाभ पहुंचाने में अधिकारी-एजेंटों की मिलीभगत।
जागरण संवाददाता, अंबाला। अनुसूचित जाति एवं बीपीएल परिवारों के कच्चे मकानों के नवीनीकरण के लिए चलाई गई डा. भीमराव आंबेडकर मकान नवीनीकरण अनुदान योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने करीब तीन वर्ष की जांच के बाद वीरवार को 16 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जांच में आरोप है कि विभागीय नियमों की अनदेखी कर अपात्र लोगों को योजना का लाभ पहुंचाया गया, जबकि पात्रता की जांच और मौके का निरीक्षण जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह मामला वर्ष 2018-19 से 2021-22 के बीच जिला अंबाला में संचालित योजना से जुड़ा है। जांच मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार के निर्देश पर 15 जून 2022 को शुरू हुई थी।
बाद में साहा निवासी रामस्वरूप की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एजेंटों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से योजना का लाभ अपात्र लोगों तक पहुंचाया गया। आरोप यह भी था कि एजेंट लाभार्थियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड अपने कब्जे में रखते थे और अनुदान राशि आने पर कथित तौर पर अपना हिस्सा निकालने के बाद ही कार्ड वापस करते थे।
मौके का निरीक्षण कर करनी थी पात्रता सुनिश्चित
एसीबी की जांच में सामने आया कि योजना के तहत लाभार्थियों के आवेदन आनलाइन प्राप्त होने के बाद संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी को दस्तावेजों की जांच और मौके पर मकान का निरीक्षण कर पात्रता सुनिश्चित करनी थी। इसके बाद ही आवेदन स्वीकृत किया जाना था। लेकिन जांच में आरोप है कि बड़ी संख्या में मामलों में यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही आवेदन स्वीकृत कर दिए गए।
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2018-19 से शुरू हुआ खेल
जांच के दौरान वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक स्वीकृत आवेदनों की पड़ताल की गई। रिकार्ड के अनुसार इस अवधि में 3922 लाभार्थियों को 17 करोड़ 3 लाख 34 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जारी किए गए।
वर्ष 2018-19 में 1367 लाभार्थियों को 5.02 करोड़ रुपये, वर्ष 2019-20 में 1045 लाभार्थियों को 5.20 करोड़ रुपये, वर्ष 2020-21 में 819 लाभार्थियों को 4.09 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 में 691 लाभार्थियों को 2.71 करोड़ रुपये जारी किए गए।
यह राशि संबंधित तहसील कल्याण अधिकारियों की सिफारिश पर तत्कालीन जिला कल्याण अधिकारियों द्वारा स्वीकृत की गई थी। जांच में तत्कालीन जिला कल्याण अधिकारी कमल कुमार और शीशपाल के अलावा तत्कालीन तहसील कल्याण अधिकारी दीपिका और रूमाल कौर की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
जांच में पाया गया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थी के मकान, भूमि, बीपीएल पात्रता और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य था, लेकिन कई मामलों में इन शर्तों का पालन नहीं किया गया।
एक ही मकान में रहने वालों को जारी कर दी अलग-अलग अनुदान राशि
शिकायत में गांव ठाकुरपुरा के कुछ मामलों का भी उल्लेख किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि एक ही मकान में रहने वाले परिवार के अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग अनुदान जारी कर दिया गया। आरोप यह भी था कि कई लाभार्थियों ने मकानों की मरम्मत तक नहीं कराई, जबकि सरकारी अनुदान जारी हो चुका था।
इन आरोपों की भी जांच की गई। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम 50 वर्ग गज और शहरी क्षेत्र में 35 वर्ग गज के प्लाट पर बने पात्र मकानों को ही लाभ दिया जाना था। वर्ष 2018 में अनुदान राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार और वर्ष 2021 में 80 हजार रुपये कर दी गई थी। जांच में यह भी देखा गया कि बढ़ी हुई राशि के वितरण के दौरान भी नियमों के पालन में गंभीर लापरवाही बरती गई।
इनपर दर्ज हुआ केस
कमल कुमार, तत्कालीन व शीशपाल वर्तमान जिला कल्याण अधिकारी, दीपिका, तत्कालीन तहसील बराड़ा कल्याण अधिकारी, रूमाल कौर, तत्कालीन तहसील बराड़ा कल्याण अधिकारी, सुषमा उप अधीक्षक, जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय, सतीश कुमार उर्फ रवि एजें, गांव अधोया मुसलमान, समीर बक्शी उर्फ मन्नु – एजेंट, गांव कम्बासी, जसविंद्र सिंह उर्फ बिंदर (पूर्व पंच) एजेंट, गांव कम्बासी, गुरचरण सिंह एजेंट गांव साबांपुर, राजेश कुमार एजेंट, गांव खानपुर ब्राह्मणा, सुभाष चंद एजेंट गांव सुरगल, राम कुमार एजेंट गांव बिंजलपुर, सुरेश कुमार एजेंट गांव जलबेहड़ा अश्वनी उर्फ विक्की एजेंट, गांव धूलकोट, लवली कुमार व रामेश्वर गांव ठाकुरपुरा