दो साल से विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर ट्रेन मे झाड़ रहा था रौब, TTE की सतर्कता से हुआ बेनकाब
अंबाला कैंट में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया जो दो साल से खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर ट्रेनों में रौब झाड़ रहा था। टीटीई की सतर्कता से प ...और पढ़ें
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दो साल से विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर ट्रेन मे झाड़ रहा था रौब। फोटो जागरण
HighLights
अंबाला में फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर गिरफ्तार।
दो साल से ट्रेनों में कर रहा था धोखाधड़ी।
टीटीई की सतर्कता से हुआ खुलासा।
जागरण संवाददाता, अंबाला। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सफर के दौरान सोमवार रात चेकिंग स्टाफ और टीटीई जय प्रकाश की सतर्कता ने खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर ट्रेनों में रौब झाड़ने वाले शातिर को बेनकाब कर दिया।
आरोपित की पहचान बागपत के खेकड़ा गांव निवासी, हाल बसंत विहार (नई दिल्ली) निवासी 53 वर्षीय सुधीर कुमार के रूप में हुई है। सुधीर रेलवे में सफाई कर्मी में भर्ती हुआ था। बाद में वह प्वाइंट मैन बन गया था। करीब 14 साल पहले रेलवे से आरोपित बर्खास्त किया जा चुका है।
जीआरपी ने मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। सोमवार रात ट्रेन संख्या 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सफर के दौरान सुधीर रेलवे कर्मचारियों से खाने को लेकर उलझ गया। टीटी जयप्रकाश मौके पर पहुंचे। सुधीर ने खुद को विजिलेंस इंस्पेक्टर बताते हुए आइकार्ड और अधिकारियों की सूची दिखाई तथा एसी कोच में सीट की मांग की।
टीटीई को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उन्होंने तुरंत आरपीएफ व अधिकारियों को सूचना दे दी। अंबाला कैंट स्टेशन पर पूछताछ में पूरा राज खुल गया। आरोपित ने स्वीकार किया कि वह करीब दो साल से फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर ट्रेनों में टीटीई को धमकाता, रुपये वसूलता और मुफ्त सुविधाओं का लाभ उठाता रहा। अब पुलिस उसके फर्जी आइकार्ड, वाकी-टाकी और इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।