किसानों का दिल्ली कूच आंदोलन टला, शंभू बॉर्डर से छंटने लगी भीड़; गुरनाम सिंह चढ़ूनी हुए रिहा
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को रिहा कर दिया गया है, जिसके बाद शंभू बॉर्डर से किसानों का जमावड़ा हटने लगा है। ...और पढ़ें

गुरनाम सिंह चढ़ूनी हुए रिहा (फाइल)
HighLights
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने रिहा किया
शंभू बॉर्डर से किसानों का जमावड़ा अब हटने लगा
हरियाणा सरकार से बातचीत के बाद आंदोलन स्थगित हुआ
डिजिटल डेस्क, अंबाला। पंजाब-हरियाणा सीमा पर जारी किसान आंदोलन के बीच हरियाणा पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह को रिहा कर दिया है। वहीं, सीमा पर तैनात किसान शंभू बॉर्डर से वापस लौटने लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने सोमवार को हिरासत में लिया था। आज उन्हें रिहा कर दिया है। उनकी रिहाई के साथ ही किसानों का हौसला और बुलंद नजर आ रहा है।
दिल्ली कूच को आगे बढ़े किसान
इसी बीच, मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर शंभू बॉर्डर पर सैकड़ों की तादाद में किसान एक बार फिर से इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ विरोध जताया। बॉर्डर पर बढ़ते तनाव और किसानों के जमावड़े को देखते हुए हरियाणा सरकार भी हरकत में आई है। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसान नेता सरवन सिंह पंढेर के साथ मुलाकात की और उनके साथ अहम मुद्दों पर बातचीत की। इस बीच दो मांगों को माना गया। पहली गुरनाम सिंह चढ़ूनी को रिहा करना और दूसरी केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात।
क्या बोले किसान नेता पंढेर?
वहीं, इस पर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि बैठक का नतीजा बाद की बात है। दूसरी बात, हमने सभी किसान नेताओं और किसानों की रिहाई की मांग की। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री से सलाह-मशविरा करने के बाद वे गुरनाम सिंह चढूनी और बीएम सिंह को रिहा कर देंगे।
ये दोनों मांगें मान ली गईं। उनके रिहा होने के बाद, हम इस मामले पर चर्चा करेंगे और इस आंदोलन के लिए आगे की कार्रवाई तय करेंगे कि क्या यहां धरना जारी रखा जाए या बातचीत के बाद ही आगे बढ़ा जाए।- सरवन सिंह पंढेर, किसान नेता
शंभू बॉर्डर पर किसानों के विरोध-प्रदर्शन के बारे में किसान नेता तेजवीर सिंह कहते हैं कि हमारे सभी साथियों को रिहा कर दिया गया है, इसलिए हमने गतिरोध खत्म करके वापस जाने का फैसला किया है।
किसान ने कहा कि हमने सभी प्रदर्शन स्थलों से अपने मोर्चों को वापस बुला लिया है। अब हम वापस जा रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों ने हमें रोकने की कोशिश की, लेकिन सब कुछ बहुत शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। हमने अब सड़कें खोल दी हैं और शांतिपूर्वक अपने घरों की ओर वापस जा रहे हैं।
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किसान क्यों कर रहे विरोध?
किसान भारत अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं। किसानों को आशंका है कि इस समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद जैसे सोयाबीन, सूखे मेवे और अनाज भारत में आयात किए जाएंगे।