अंबाला में कंपनी में निवेश का झांसा देकर 64 लाख रुपये ठगे, आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
अंबाला में एक व्यक्ति ने अपने मामा के बेटे पर कंपनी में निवेश के बहाने 64 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ईशान वासुदेव के अनुसार, अभिषे ...और पढ़ें
-1775981582799_m.webp)
कंपनी के निवेश का झांसा देकर 64 लाख रुपये ठगे, केस दर्ज।
HighLights
मामा के बेटे ने 64 लाख रुपये की ठगी की
कंपनी में निवेश का झांसा देकर ऋण दिलवाया
अभिषेक रान्याल के खिलाफ अंबाला में केस दर्ज
जागरण संवाददाता, अंबाला। कंपनी में निवेश का झांसा देकर मामा के बेटे ने ही 64 लाख रुपये ठगी को अंजाम दे दिया। पुलिस ने शिकायत पर मध्यप्रदेश के भोपाल के मिनल रेजिडेंसी जेके रोड मोहनी राज अपार्टमेंट के अभिषेक रान्याल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जानबूझकर और सोची-समझी चाल से लाखों रुपये का चूना लगाया है।
छावनी के तोपखाना बाजार के ईशान वासुदेव ने बताया कि वह एफआईएसआरवी नोएडा में कार्यरत है। उसे अन्य भत्तों के अतिरिक्त 85 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता है। उसके मामा का बेटा अभिषेक रान्याल अमेरिकन एक्सप्रेस गुरुग्राम में कार्यरत है। वह उससे से मिलने आता है। मार्च 2025 में उसके पास अभिषेक रान्याल नोएडा में आए और कंपनियों में लाखों की रकम निवेश की बात कही।
अभिषेक ने कहा कि वह बैंकों से ऋण दिलवा दे। ऋण की पूरी किश्तें वह खुद उसको चुका देगा। फिर वह ऋण की किश्तें जमा कर ले। उसे बहकाया कि वह अपने खाते में छह महीने के लगातार लेनदेन दिखाने के बाद ही बड़ी रकम का ऋण ले सकता है।
व्यावसायिक ऋण लेने के बाद वह सभी ऋण की राशि लौटा देगा। अभिषेक ने बताया कि वह लोन की राशि एबेकस क्लाउड कंपनी में निवेश करेगा। खाते में ऋण की राशि का ब्याज जमा करता रहेगा। इसके बाद अभिषेक उसके डिजिटल हस्ताक्षर लेता था और वह बैंकों से उसके ऋण स्वीकृत करवाता था।
खबरें और भी
उसे केवल नोएडा स्थित बंधन बैंक शाखा में ले जाता था, जहां उसके कई हस्ताक्षर किए थे। इस तरह 5 अप्रैल 12 लाख रुपये, 11,92,920 रुपये, 10 अप्रैल को 13,72,184 रुपये, 13,42,130 रुपये, 10 अप्रैल को 13,35,765 रुपये, 12,99,880 रुपये, 16 अप्रैल को 12 लाख, 11,89,130 रुपये, 24 अप्रैल को 13 लाख रुपये, 12,85,585 रुपये लिये। कुल लोन की राशि 64,07,949 रुपये थी और 63,09,645 रुपये जमा कर दिए थे।
अप्रैल से अगस्त तक ही ऋण पर ब्याज का भुगतान किया और उसके बाद उसने ब्याज का भुगतान बंद कर दिया। जब उससे ब्याज का भुगतान बंद करने का कारण पूछा, तो उसने भुगतान को टालता रहा, जिससे वह सितंबर 2025 से अब तक उक्त ऋण राशि का ब्याज जमा करने के लिए मजबूर हो गया।