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    न्यूजीलैंड वर्क परमिट दिलाने के नाम पर 18.50 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी चंडीगढ़ से गिरफ्तार

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 03:15 PM (IST)

    मुलाना पुलिस ने न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 18.50 लाख रुपये ठगने के आरोप में दिल्ली के अभिमन्यु कुमार सिंह को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. अभिमन्यु कुमार सिंह न्यूजीलैंड वीजा धोखाधड़ी में गिरफ्तार।

    2. 18.50 लाख रुपये की ठगी का आरोप।

    3. चंडीगढ़ से हुई गिरफ्तारी, 3 दिन का रिमांड।

    जागरण संवाददाता, मुलाना। विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अभिमन्यु कुमार सिंह को चंडीगढ़ सुखना लेक के पास से गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी एएसआई सुशील कुमार ने बताया कि 18 जून को मुलाना थाने में मुलाना एरिया के गांव तलहेड़ी निवासी नवीन कुमार ने शिकायत दी थी कि अभिमन्यु ने साथियों संग मिलकर विदेश भेजने के नाम पर उससे 18 लाख 50 हजार रुपये हड़प लिए।

    आरोपितों ने न तो उसे विदेश भेजा और न ही उसे रुपये लौटाए। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिमन्यु को गिरफ्तार किया। अभिमन्यु पर पहले भी पंजाब के पटियाला में धोखाधड़ी के 2 केस दर्ज हैं। मामले में पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उससे अन्य आरोपितों के बारे में जानकारी व हड़पी गई राशि बरामद की जानी है।

    ये था मामला

    मुलाना थाने में 18 जून को नवीन कुमार ने दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अभिमन्यु कुमार सिंह, अभिमन्यु की पत्नी पुष्पा व कुलदीप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। शिकायत में बताया था कि वह खेतीबाड़ी करता है। कुलदीप सिंह की उसके रिश्तेदार नारायण सिंह के साथ जान-पहचान थी। अप्रैल 2023 में उसकी मुलाकात नारायण सिंह के पानीपत कार्यालय स्थित कुलदीप सिंह से हुई थी। कुलदीप ने उसे बताया था कि वह इम्रीग्रेशन कंपनी में काम करता है और न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया के वर्क परमिट दिलाने का काम करता है। नवीन ने शिकायत में बताया था कि उसका चचेरा भाई संजीव कुमार विदेश जाना चाहता था तो उससे सलाह की।

    अप्रैल 2023 के दूसरे सप्ताह कुलदीप से पानीपत में दोबारा मुलाकात की। कुलदीप ने न्यूजीलैंड के वर्क परमिट का 20 लाख रुपए खर्च बताया। उस दौरान कुलदीप को 4 लाख रुपये और पासपोर्ट दे दिए। कुलदीप ने 3 महीने में काम होने का वादा किया। 5 महीने बाद कुलदीप विदेश भाग गया। पता चला कि अभिमन्यु के माध्यम से कुलदीप लोगों को विदेश भेजता था। जनवरी 2024 में वह दिल्ली गए तो वहां अभिमन्यु व उसकी पत्नी पुष्पा ने कहा कि कुलदीप ने उन्हें रुपये नहीं दिए। अगर विदेश जाना है तो दोबारा रुपये दे। इन पर भरोसा करके 12.50 लाख रुपए बैंक से ट्रांसफर व 2 लाख रुपये और नकद दिए।

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    आरोपितों ने 3 महीने में वीजा लगवाने का वादा किया और नकली दस्तावेज भेजकर रुपये लेते रहे। 2 साल बाद भी वीजा नहीं लगा तो रुपये वापस मांगने पर आरोपितों ने गाली-गलौज की। इसके बाद पासपोर्ट लौटाए, लेेकिन रुपये देने से मना कर दिया।