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    नग्न अवस्था में बनाया वीडियो, एक घंटा दुष्कर्म की कोशिश करता रहा आरोपी; निर्वस्त्र भागी छात्रा ने बताई आपबीती

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 10:06 PM (IST)

    बाल कल्याण समिति ने काउंसिलिंग के लिए बुधवार को छात्रा को बुलाया। डेढ़ घंटा हुई बातचीत में उसका दर्द फूट पड़ा और रोने लगी। दूसरे दिन भी डरी-सहमी दिखी। ...और पढ़ें

    छात्राओं की काउंसिलिंग करती बाल कल्याण समिति। फोटो जागरण

    छात्राओं की काउंसिलिंग करती बाल कल्याण समिति। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, अंबाला। स्कूल जाते समय मंगलवार सुबह सातवीं कक्षा की छात्रा को नेशनल हाईवे से जबरदस्ती झाड़ियों में खींचकर आरोपित बदमाश एक घंटा दुष्कर्म का प्रयास करता रहा। नग्न अवस्था में वीडियो भी बनाया। शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होने से चिल्लाने के बावजूद पीड़िता की आवाज हाईवे तक भी नहीं पहुंच पाई। बेबसी में उसे निर्वस्त्र अवस्था में ही भागना पड़ा।

    यह बातें बुधवार को बाल कल्याण समिति की ओर से डेढ़ घंटा की गई काउंसिलिंग में सामने आईं। पीड़िता को आठ हजार रुपये की सहायता राशि दी गई। उधर, पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। उसकी बाइक बरामद कर ली है। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और कभी भी गिरफ्तारी दिखा सकती है।

    पीड़िता ने यह बताई आपबीती

    बाल कल्याण समिति ने काउंसिलिंग के लिए बुधवार को छात्रा को बुलाया। डेढ़ घंटा हुई बातचीत में उसका दर्द फूट पड़ा और रोने लगी। दूसरे दिन भी डरी-सहमी दिखी। उसने बताया कि सुबह करीब आठ बजे एक स्कूल जाते समय निजी अस्पताल के पास एक व्यक्ति ने उसके मुंह पर हाथ रख उसे जबरदस्ती झाड़ियों में खींच लिया।

    वह लंबाई में उससे बड़ा और उम्र करीब 21-22 साल का था। उसने जबरदस्ती उसके कपड़े उतारे और छेड़छाड़ की। एक घंटा तक आरोपित दुष्कर्म का प्रयास करता रहा। वह घबरा गई और चिल्लाने लगी तो आरोपित ने मुंह पर हाथ रखकर दबा दिया।

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    कहा कि किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देगा और मार देगा। वह उसे नहीं जानती। उसने ग्रे टी-शर्ट, जींस व सफेद जूते पहने थे। सांवले रंग का था। इस दौरान आरोपित के फोन पर काल भी आई थी। वह जैसे-तैसे निर्वस्त्र अवस्था में ही हाईवे पर दौड़ पड़ी तो एक महिला ने चुन्नी दी और उसके घर पहुंचाया।

    कमरे से बाहर नहीं निकली आवाज

    छात्रा शारीरिक तौर पर बहुत कमजोर है। काउंसिलिंग के दौरान जब जोर से चिल्लाने के लिए कहा गया तो उसकी आवाज सिर्फ उन्हीं सदस्यों तक पहुंच सकी जो उसके साथ बैठे थे। कमरे से बाहर नहीं निकल पाई। छात्रा का वजन 28 किलो है।

    किशोरी दूसरे दिन भी बहुत सहमी है। उसने बताया कि वह आरोपित को नहीं जानती। सरकार की हिदायतों अनुसार किशोरी को भरण-पोषण और पढ़ाई में मदद के लिए आठ हजार रुपये की सहायता दी गई है। आरोपित की घिनौनी हरकतों के डर से उसका वही मलमूत्र भी निकल गया था।

    - रंजीता सचदेवा, चेयरपर्सन सीडब्ल्यूसी अंबाला।