बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस से भिड़े... अनिल विज के घर का घेराव करने पहुंचे हजारों रोडवेज कर्मचारी, जानिए क्या हैं मांगें
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने अंबाला छावनी में अपनी मांगों को लेकर न्याय मार्च निकाला और परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास पर प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें
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रोडवेज कर्मियों का न्याय मार्च: बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास, विज बोले- 15 दिन में होगी वार्ता।
HighLights
अंबाला में रोडवेज कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया
मंत्री अनिल विज ने 15 दिन में बैठक का आश्वासन दिया
कर्मचारियों की मुख्य मांगें वेतन वृद्धि और नियमितीकरण हैं
जागरण संवाददाता, अंबाला। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने शनिवार को अपनी मांगों को लेकर अंबाला छावनी में न्याय मार्च निकाला। प्रदेशभर के डिपो और सब-डिपो से पहुंचे कर्मचारियों ने बस अड्डे से परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास तक मार्च किया। मंत्री आवास के बाहर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया और आगे बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, बाद में परिवहन मंत्री अनिल विज स्वयं प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे, ज्ञापन लिया और 15 दिन के भीतर अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। सुबह से ही अंबाला कैंट बस अड्डे पर प्रदेशभर से आए कर्मचारी एकत्र होने लगे।
नारेबाजी करते हुए उन्होंने रेलवे स्टेशन के सामने से मंत्री आवास की ओर कूच किया। पुल के नीचे से गुजरते समय अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ देर जाम की स्थिति बनी, जबकि मंत्री आवास के बाहर गली में करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
वहीं, कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 5 सितंबर को पूरे हरियाणा में सांकेतिक हड़ताल के साथ रोडवेज बसों का चक्का जाम किया जाएगा।
बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास, कूलर भी क्षतिग्रस्त
मंत्री आवास के गेट के बाहर पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेड्स लगाए थे। कर्मचारियों ने घेराव करने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने पहली पंक्ति के बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया।
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प्रदर्शन स्थल पर लगे टेंट का कूलर भी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। टेंट को बांधने में लगी इंटरलाकिंग टाइलें और डंडे भी कर्मचारियों ने निकाल लिए। इसी दौरान सूचना मिली कि परिवहन मंत्री अनिल विज स्वयं प्रदर्शनकारियों से मिलने आ रहे हैं, जिसके बाद माहौल शांत हो गया।
भर्ती नहीं होने से बढ़ा कर्मचारियों पर बोझ
मोर्चा के नेताओं निशान सिंह, जयबीर घणघस, वीरेंद्र सिंगरौहा, दिनेश हुड्डा, जगदीप लाठर, चिमन स्वामी, मायाराम उनियाल, बलदेव मामू माजरा, नीरज शर्मा, विजय सिंह, श्रीभगवान लाठर, संजीव कुमार और देवेंद्र कुमार ने कहा कि रोडवेज में लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन वर्षों से नियमित भर्ती नहीं हुई। चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर, धुलाई और सफाई कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है और यात्रियों को भी पर्याप्त बस सेवा नहीं मिल पा रही।
प्रमुख मांगें
- चालक और परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाया जाए।
- एचकेआरएन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से नियमित किया जाए।
- अर्जित अवकाश की पुरानी व्यवस्था बहाल हो।
- धुलाई भत्ता और लंबित बोनस का भुगतान किया जाए।
- 2018 के ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति मिले। पारदर्शी तबादला नीति लागू की जाए।
- 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से नियमित किया जाए।
- एक्सग्रेशिया नीति की शर्तें समाप्त कर जोखिम भत्ता लागू किया जाए।