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    अंबाला में हनीट्रैप मामले में महिला ASI निलंबित, खाकी को दागदार कर चल रहा था वसूली का खेल

    Updated: Wed, 20 May 2026 08:58 AM (IST)

    अंबाला में एक महिला एएसआई को हनीट्रैप मामले में संदिग्ध भूमिका के चलते निलंबित किया गया है। ...और पढ़ें

    महिला एएसआई सस्पेंड (AI Generated फोटो)

    महिला एएसआई सस्पेंड (AI Generated फोटो)

    HighLights

    1. महिला एएसआई हनीट्रैप मामले में निलंबित।

    2. बिना रिकॉर्ड शिकायतें निपटाने का आरोप।

    3. झूठी शिकायतों में समझौता कराने में भूमिका।

    जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। हनी ट्रैप के मामले में खाकी पर भी दाग लग गए हैं। जिसके चलते महिला एएसआइ पर विभागीय कार्रवाई कर दी गई और उसे सस्पेंड कर दिया गया है। क्योंकि इस मामले में महिला कर्मी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी।

    जिस थाना क्षेत्र में महिला कर्मी की तैनाती होती थी, उसी थाना में शिकायत करने के लिए आरोपित महिला पहुंचती थी और बिना रिकार्ड में चढ़ाए मामले में समझौता हो जाता था। ऐसे में खाकी पर छीटें पड़ने तय थे। फिलहाल मामले में विभागीय जांच चल रही है।

    बता दें कि अंबाला शहर के गांव माजरी के गुरमीत सिंह ने शिकायत पर रणजीत नगर की महिला अलावा दो महिलाओं और एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 14 जुलाई 2024 को रणजीत नगर की आरोपित महिला ने कुलदीप सिंह के खिलाफ शिकायत दी, जिसमें महिला एएसआइ ने फोन करके बुलाया था। जिसके बाद मान सिंह के जरिये 2 लाख 75 हजार रुपये लेकर फैसला करवा दिया गया।

    शिकायत दर्ज होने के बाद हुआ था एक्शन

    इसके बाद 27 नवंबर 2025 को दुर्गा नगर की महिला ने कुलदीप सिंह की शिकायत कर दी। सेक्टर नौ थाना से उसी महिला पुलिस कर्मी का फोन आया। इस बार भी थाना से बाहर ही मान सिंह व अन्य के जरिये 2 लाख 55 हजार लेकर शिकायत वापस करवा दी गई थी।

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    इस दौरान सेक्टर 9 के थाना के बाहर ही बाहर फैसला लिखकर कर साइन करवाए गए। इसके बाद 7 फरवरी 26 को मटेड़ी जट्टां के और माजरी के व्यक्ति के खिलाफ रणजीत नगर की महिला ने सदर थाना में उक्त महिला पुलिस कर्मी को ही शिकायत दी थी।

    जिसमें उन्हें थाना बुलाया गया और 20 हजार रुपये लेकर समझौता करवा दिया था। जबकि महिला पुलिस कर्मी वाकिफ थी कि रणजीत नगर की महिला नाम बदलकर झूठी शिकायतें देती हैं।

    डीएसपी हितेश मैहला ने जांच में साफ कर दिया था कि आशा वर्कर के साथ दो महिलाएं व मान सिंह मिलीभगत करने हनी ट्रैप कर रहे हैं। जिसमें यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाकर शिकायतें देते हैं। इसके बाद आपसी बातचीत के जरिये रुपये लेकर राजीनामा करते हैं।

    थाना में दर्ज नहीं होती थी प्राथमिकी और करवा दिया जाता था समझौता

    इस मामले में खाकी तक भी छीटों से नहीं बच पाई। क्योंकि शिकायत मिलने के बाद महिला पुलिस कर्मी ही काल करके थाना बुलाती थी। जिसमें शिकायत बिना रिकार्ड में चढ़ाए फैसला करवा दिया जाता था। झूठी शिकायत के बाद दबाव बनाया जाता था। बाद में दलाल समझौता करवा देता था।

    इसी खेल में निर्दोष लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिये जाते थे। महिला पुलिस कर्मी के खिलाफ संदेहास्पद आचरण को लेकर डीएसपी ने जांच में विभागीय कार्यवाही करने की सिफारिश कर दी थी। महिला पुलिस कर्मी कोई प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करती थी, जबकि अच्छी तरह से वाकिफ थी कि शिकायतकर्ता बार बार नाम बदल कर शिकायत देती है।