अंधविश्वास की हद! बहादुरगढ़ में सर्पदंश से 4 वर्षीय मासूम की मौत, सपेरे के इंतजार में बैठे रहे स्वजन
बहादुरगढ़ में सर्पदंश से चार वर्षीय मासूम अंशज की मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद भी परिजन सपेरे का इंतजार करते रहे, जबकि चिकित्सकों ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
चार वर्षीय मासूम अंशज की सर्पदंश से मौत हुई।
परिजन डॉक्टरों की घोषणा के बाद भी सपेरे का इंतजार करते रहे।
चिकित्सकों ने सर्पदंश में तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी।
जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। टीकरी बर्डर क्षेत्र में सर्पदंश से चार वर्षीय मासूम अंशज की मौत हो गई। स्वजन उसे अचेत अवस्था में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद भी स्वजन काफी देर तक सपेरे के आने का इंतजार करते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि सपेरा उपचार कर बच्चे की जान बचा देगा।
अस्पताल में काफी समय तक स्वजनों के इंतजार करने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।
पुलिस मामले की कार्रवाई में जुटी है। बच्चे को घर के पास ही सांप ने काट लिया था। इससे पहले बहादुरगढ़ में सांप के काटने के हाल ही में दो मामले आ चुके हैं। उनमें दोनों की अस्पताल में जान बच गई थी।
चिकित्सक बोले- सर्पदंश में झाड़-फूंक नहीं, तुरंत इलाज जरूरी
चिकित्सकों के अनुसार सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या सपेरे के भरोसे रहने के बजाय पीड़ित को बिना देरी निकटतम अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) और चिकित्सकीय उपचार मिलने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है। ऐसे मामलों में अंधविश्वास से बचने और तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की जरूरत होती है।