बहादुरगढ़ बीसीसीआई चुनाव में बढ़ा तनाव, उद्योग विकास मंच ने विरोधियों पर लगाए गंभीर आरोप
बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के चुनाव में खींचतान बढ़ गई है। ...और पढ़ें

मंच के बैनर तले 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 24 उम्मीदवारों ने दाखिल किए हैं नामांकन पत्र
HighLights
बीसीसीआई चुनाव में खींचतान बढ़ी, आरोप-प्रत्यारोप का दौर
उद्योग विकास मंच ने 24 सदस्यों के नामांकन दाखिल किए
मंच ने उद्योगों के विकास और समस्याओं के समाधान का दावा किया
जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। यहां के उद्योगों की सबसे पुरानी संस्था बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) की चुनाव प्रक्रिया के बीच अब खींचतान बढ़ गई है।
आरोप प्रत्यारोप के बीच दूसरे ग्रुप ने कहा कि कुछ लोग संगठन को बदनाम कर रहे हैं। हमारी ही टीम ने उद्योगों के विकास को आगे बढ़ाया है। इस बीच उद्योग विकास मंच के पैनल की ओर से 24 सदस्यों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।
संस्था की 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 11 मई को मतदान होगा। मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में उद्योग विकास मंच से बीसीसीआई के निवर्तमान प्रधान सुभाष जग्गा, विकास आनंद सोनी, नरेंद्र छिकारा, अखिल मित्तल, पवन कुमार जैन, मनोज कुमार सिंघल, नरेश बंसल, अजय खट्टर, अर्पण गुप्ता, राजेश अग्रवाल, कमल कांत वर्मा, अनिल सरीन, रविंद्र कुमार, सत्यनारायण दीक्षित, वीरेंद्र कुमार, जेके अग्रवाल, नवीन कुमार मल्होत्रा, कमल कांत सेठ, विनोद कुमार जैन, अनिल कुमार चानना, राजेश कुमार, संजय नरंग, राजेश चुघ व रविंद्र गोयल उचाना ने नामांकन किया है।
इस मौके पर बीसीसीआई के पूर्व प्रधान रामकिशन सिंघल, दिनेश गुप्ता, विकास लाटियान, सुभाष ग्रोवर, वीके जैन, पन्ना लाल वैद, राज कुमार गुप्ता, दर्शन सिंह, भारत भूषण, रमेश गुप्ता, सतीश रांचल, सुभाष गुप्ता व सत्यप्रकाश छिकारा मौजूद रहे।
उद्योग विकास मंच के उम्मीदवार सुभाष जग्गा, नरेंद्र छिकारा व विकास आनंद सोनी ने टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस फ्रंट से कुछ लोग ऐसे जुड़े हुए हैं, जिन्होंने बहादुरगढ़ के उद्यमियों की एकजुटता को खत्म करने का काम किया है।
बीसीसीआई जैसे बड़े और पुराने संगठन के विरोध में काम करते हुए अलग से संगठन बनाया है। ऐसे लोग स्वयंभू संगठन से जब शासन-प्रशासन के माध्यम से उद्यमियों के हित के लिए कोई काम नहीं कर पाए तो वे दोबारा अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं।
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इन लोगों का उद्योगों के हित से कोई लेना-देना नहीं है। हमने बीसीसीआई कार्यकारिणी में रहते हुए अपने कार्यकाल के दौरान उद्योगों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया और समाधान की दिशा में ठोस पहल की। सड़कों, सीवरेज, बिजली आपूर्ति, सुरक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुधार के लिए लगातार प्रयास किए।
यहां सबसे बड़ी समस्या ट्रांसपोर्ट यूनियन थी। मंच की ओर से सक्रियता दिखाते हुए ट्रांसपोर्ट यूनियन को खत्म किया, जिससे उद्यमियों ने काफी राहत महसूस की है।
शहर में करोड़ों रुपये की लागत से सीसीटीवी सिटी सर्विलांस सिस्टम स्थापित करवाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय इस तरह के आरोप लगाकर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करना उचित नहीं है। संस्था किसी एक व्यक्ति या समूह की नहीं, बल्कि पूरे औद्योगिक समुदाय की है।
इसे बदनाम करने की बजाय सभी को मिलकर इसे और मजबूत बनाना चाहिए। मंच उम्मीदवारों ने दावा किया कि उनके पास न केवल अनुभव है, बल्कि सरकार और प्रशासन के साथ मजबूत तालमेल भी है, जिससे उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है।
उद्योगपतियों से अपील की कि वे किसी भी तरह के भ्रम में न आएं। हमारा लक्ष्य बहादुरगढ़ और झज्जर जिले को एक सशक्त औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है।