यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana: जज्बे को सलाम! 107 साल की दादी रामबाई ने हैदराबाद में जीते दो गोल्ड मेडल, 'उड़नपरी' नाम से इलाके में हैं मशहूर
चरखी दादरी के कादमा निवासी 107 वर्षीय दादी रामबाई हैदराबाद के मैदान पर युवाओं को प्रेरित कर रही हैं। हैदराबाद में आठ से 11 फरवरी तक आयोजित पांचवीं नेश ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। दिल में जज्बा हो, जीत का जुनून हो, दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। यह बात चरितार्थ की गांव कादमा निवासी 107 वर्षीय रामाबाई ने। विशेष तौर पर 80 साल की आयु के बाद बुजुर्ग दूसरों पर आश्रित हो जाता है।
लेकिन चरखी दादरी जिले के कादमा निवासी 107 वर्षीय दादी रामबाई हैदराबाद के मैदान पर फर्राटा भर रही हैं। हैदराबाद में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में बुजुर्ग एथलिट ने ना केवल भागीदारी की है बल्कि हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर दो गोल्ड मेडल हासिल कर साबित कर दिया कि उम्र पर जीत का जज्बा कितना भारी है।
हैरानी की बात तो यह है कि बुजुर्ग खिलाड़ी ने बिना थके हारे छह व सात फरवरी को अलवर में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के बाद सीधा हैदराबाद पहुंचकर जीत का सिलसिला बरकरार रखा है। वहीं उनके साथ प्रतियोगिता में भागीदारी कर रही उनकी बेटी ने भी दो मेडल हासिल किए है।
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डिस्कस थ्रो व शॉटपुट में हासिल किए दो गोल्ड मेडल
गांव कादमा निवासी रामबाई हैदराबाद में आठ से 11 फरवरी तक आयोजित पांचवीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी भाग ले रहे है। इस प्रतियोगिता में चरखी दादरी जिले के गांव कादमा निवासी 107 वर्षीय बुजुर्ग एथलिट रामबाई ने 105 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए डिस्कस थ्रो व शाटपुट में प्रथम स्थान हासिल कर दो गोल्ड मेडल हासिल किए है।
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वहीं, रामबाई 11 फरवरी को 100 मीटर फर्राटा दौड़ में अपनी चुनौती पेश करेंगी। इसके अलावा उनके साथ झोझू कलां निवासी उनकी बेटी संतरा देवी ने भी अपने आयु वर्ग में शिरकत करते हुए 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल व शाटपुट में ब्रांज मेडल हासिल किया है।
अलवर में भी हासिल की थी सफलता
उड़नपरी दादी के नाम से विख्यात रामबाई ने हाल ही में छह व सात फरवरी को अलवर राजस्थान में आयोजित ओपन नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी सफलता के झंडे गाड़े थे। उन्होंने इस प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़, शॉटपुट व डिस्कस थ्रो में तीन गोल्ड मेडल हासिल किए थे।