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    चरखी दादरी में तीन माह में 249 ट्रांसफार्मर जले, बिजली निगम को तीन करोड़ की चपत

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 02:46 PM (GMT+05:30)

    चरखी दादरी जिले में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने से पिछले तीन माह में 249 ट्रांसफार्मर जल गए हैं, जिससे बिजली निगम को करीब तीन करोड़ रुपये क ...और पढ़ें

    तीन माह में 249 ट्रांसफार्मर जले, बिजली निगम को तीन करोड़ की चपत।

    तीन माह में 249 ट्रांसफार्मर जले, बिजली निगम को तीन करोड़ की चपत।

    HighLights

    1. तीन माह में 249 बिजली ट्रांसफार्मर जलकर खराब

    2. बिजली निगम को करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान

    3. गर्मी से बढ़ी मांग, फीडर-सबस्टेशन ओवरलोड

    सोनू जांगड़ा, चरखी दादरी। जिले में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग अब बिजली निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। भीषण गर्मी के चलते बिजली खपत बढ़ने से पावर सब स्टेशनों और फीडरों पर क्षमता से अधिक लोड पड़ रहा है। ओवरलोड के कारण पिछले तीन माह के दौरान दादरी व बाढड़ा में 249 बिजली ट्रांसफार्मर जल चुके हैं।

    इन ट्रांसफार्मरों को बदलने और मरम्मत करने में बिजली निगम को करीब तीन करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। दूसरी ओर, ट्रांसफार्मर जलने से कई क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    भीषण गर्मी के चलते घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एसी, कूलर, पंखे और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक प्रयोग से बिजली की मांग बढ़ी है। जिस कारण बिजली की खपत 1,70,090 यूनिट से बढ़कर 2,20,650 यूनिट तक पहुंच गई है। बढ़े लोड के कारण कई फीडर और पावर ट्रांसफार्मर ओवरलोड की स्थिति में चल रहे हैं, जिससे ट्रांसफार्मर जल रहे है।

    बिजली निगम के अधिकारियों के बढ़ी गर्मी व उमस में बिजली की मांग बढ़ी है। इस दौरान पावर सब स्टेशन ओवरलोड हो जाते हैं। पावर ट्रांसफार्मरों को बड़े नुकसान से बचाने के लिए पावर कट लगाने पड़ते है। निगम के कर्मचारी लगातार ट्रांसफार्मरों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी खराबी को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।

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    जानिए...किस माह जले कितने ट्रांसफार्मर

    बिजली निगम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल, मई और जून माह में दादरी में 69 तथा बाढड़ा उपमंडल में 180 ट्रांसफार्मर जले हैं। सबसे अधिक 71 ट्रांसफार्मर मई माह में बाढड़ा उपमंडल में खराब हुए।

    अधिकारियों ने बताया कि कृषि (एपी) ट्रांसफार्मर बदलने पर करीब 60 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि घरेलू फीडर के ट्रांसफार्मर को बदलने में करीब डेढ़ लाख रुपये तक की लागत आती है। बाढड़ा उपमंडल में जले ट्रांसफार्मरों में करीब 60 प्रतिशत एपी ट्रांसफार्मर हैं, जबकि दादरी उपमंडल में लगभग 70 प्रतिशत घरेलू और 30 प्रतिशत एपी ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं।

    खपत बढ़ने से ओवरलोड चल रहे बिजली फीडर: एसडीओ

    बिजली निगम के एसडीओ आशीष सोढ़ी ने कहा कि गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से फीडर ओवरलोड चल रहे है। जहां भी बिजली फाल्ट संबंधी समस्याएं आ रही है वहां कर्मचारियों को भेजकर बिजली आपूर्ति शुरू करवाई जा रही है।

    वहीं, उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक बिजली खपत से बचें। बिजली कर्मचारी 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लोड की हर घंटे जांच की जा रही है।