हरियाणा में हत्या के बाद बन गया साधु, 2 साल बाद पुलिस ने आरोपी को दबोचा; ऐसे सुलझी ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी
चरखी दादरी के रासीवास गांव में सवा दो साल पुराने ब्लाइंड मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। डेयरी संचालक और उसके वर्कर ने मृतक संजय की चोरी व गाली-ग ...और पढ़ें
-1781456358448_m.webp)
चरखी दादरी: रासीवास ब्लाइंड मर्डर केस सुलझा, डेयरी मालिक और वर्कर गिरफ्तार।
HighLights
रासीवास में सवा दो साल पुराना ब्लाइंड मर्डर सुलझा
डेयरी संचालक और वर्कर ने मिलकर की थी हत्या
मृतक की चोरी और गाली-गलौच से थे परेशान
जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। जिले के गांव रासीवास में हुए करीब सवा दो साल पुराने ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को एवीटी स्टाफ ने सुलझा लिया है। टीम ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। रासीवास निवासी डेयरी संचालक व झज्जर जिला निवासी उसके वर्कर ने चोरी व गाली-गलौच से परेशान होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
शव को बोरी में डालकर जोहड़ में डालकर पत्थर से दबा दिया था। बाद में खोपड़ी व शरीर के दूसरे अंग मिलने पर डीएनए के आधार पर मृतक की पहचान हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाई है। आरोपितों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, डंडे, स्कूटी बरामद किए गए हैं।
डीएसपी कप्तान सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सदर थाना पुलिस को आठ फरवरी 2024 को गांव रासीवास निवासी भतेरी ने अपने बेटे संजय के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि संजय घर से जाने के बाद वापस नहीं लौटा। जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान 25 फरवरी 2024 को पुलिस को सूचना मिली कि रासीवास स्थित गांगलीदास मंदिर के पास मानव खोपड़ी और अन्य अस्थियां पड़ी हुई हैं। जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने उनको कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के के लिए रोहतक पीजीआइ भेजा।
खबरें और भी
प्रारंभिक जांच, समीप रखे कपड़े और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बरामद अवशेषों की पहचान गुमशुदा युवक संजय के रूप में हुई। बाद में स्वजनों का डीएनए करवाया तो इसकी पुष्टि भी हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या और सबूत मिटाने की धाराएं जोड़कर जांच शुरू की।
परेशान होकर की थी हत्या
डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपितों से जो पूछताछ की गई है उसमें सामने आया है कि संजय शराब पीने का आदी थी और वह छोटी चोरियां व गाली-गलौच करता रहता था। वारदात के दिन भी उसने शराब के नशे में गालियां दी थी। जिसके चलते गुस्से में आकर डेयरी संचालक संजय उर्फ संजू व जितेंद्र उर्फ ढिल्लू ने डंडों व कुल्हाड़ी से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। बाद में शव को जोहड़ में डाल आए।
पहले परिवार के लोगों पर था शक
मृतक संजय की मां ने परिवार के नजदीकी लोगों पर ही उसकी हत्या कर शव फेंकने का शक जाहिर किया था। जिसके चलते पुलिस ने पहले उसी एंगल पर जांच की और परिवार के लोगों का पालीग्राफ टेस्ट भी करवाया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
उसके बाद मामले में घटना के बाद से एकदम लापता हुए डेयरी पर काम करने वाले झज्जर जिले के सिलाना निवासी जितेंद्र को शक के दायरे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया और डेयरी संचालक को काबू कर उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि उसने अपने वर्कर जितेंद्र के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। उसके बाद पुलिस ने सिलानी बाइपास झज्जर से जितेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की।
साधु वेश धारण कर घूमता रहा आरोपित
एवीटी स्टाफ टीम ने बताया कि हत्या के अगले ही दिन आरोपित जितेंद्र उर्फ ढिल्लू रासीवास से चला गया। उसने साधु का वेश धारण कर लिया और व अलग-अलग स्थानों पर घूमता रहा। वहीं, डेयरी संचालक संजय ने अपने व्यवहार को सामान्य रखा और पहले की भांति अपनी डेयरी को चलाता रहा ताकि किसी को उस पर शक ना हो।
स्कूटी व डंडे बरामद
लंबे समय तक चली जांच के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर पहले रासीवास निवासी संजय उर्फ संजू को गिरफ्तार किया गया। रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर दो डंडे और एक स्कूटी बरामद की गई।
इसके अगले दिन झज्जर जिले के गांव सिलाना निवासी जितेंद्र उर्फ ढिल्लू को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई। पुलिस ने सीन आफ क्राइम रिक्रीयट करके साक्ष्य जुटाए हैं और मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
महिला ने शिकायत में ये बताया था
मृतक संजय की मां रामभतेरी ने सदर थाना पुलिस को उस दौरान जो शिकायत दी थी उसमें उसने बताया था कि उसका बेटा शराबी व आवारा किस्म का है। उसने बताया था कि वह गांव में एक शादी कार्यक्रम में गई थी और जब वह वापस लौटी तो संजय गायब मिला और घर के आंगन में खून के निशान भी थे।
सदर थाना पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। उसके करीब 17 दिन बाद कंकाल खोपड़ी, हडि्डयां इत्यादि अलग-अलग मिले थे और जंगली जानवरों कुत्ते-बिल्ली द्वारा शव को खाने की आशंका जताई गई थी। बाद में मृतक की पहचान संजय के रूप में हुई थी।