हरियाणा में हाईवे जाम लगाने वाले 207 लोगों पर केस, मुकदमा दर्ज होने पर ग्रामीणों में रोष; डीसी से रद करने की मांग
बिजली समस्या को लेकर NH-334B पर जाम लगाने वाले 207 ग्रामीणों पर केस दर्ज होने से रोष है। फोगाट खाप की अगुवाई में ग्रामीणों ने डीसी से मुलाकात कर मामला ...और पढ़ें
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चरखी दादरी में बिजली जाम पर दर्ज मुकदमे से ग्रामीण आक्रोशित, डीसी से मिलकर की रद करने की मांग।
HighLights
बिजली समस्या पर NH-334B जाम करने वाले 207 पर केस
फोगाट खाप की अगुवाई में ग्रामीणों ने डीसी से मुलाकात की
डीसी ने मुकदमा रद करने और बिजली सुधार का आश्वासन दिया
जागरण संवाददाता, चरखी दादरी। बिजली समस्या को लेकर नेशनल हाईवे 334 बी पर समसपुर में जाम लगाने वाले 207 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने पर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। उसी के चलते सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे।
ग्रामीणों ने फोगाट खाप प्रधान की अगुवाई में डीसी से मिलकर पूरे मामले से अवगत करवाया और दर्ज मामला रद करने की मांग उठाई। डीसी से मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने बताया कि डीसी ने दर्ज मामला रद करवाने और गांव में बिजली आपूर्ति दादरी शहर से ही देने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद ग्रामीण शांत होकर वापस गांव लौट गए।
उल्लेखनीय है कि पुलिस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं सहित ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान फोगाट खाप के प्रधान सुरेश फोगाट और गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मनदीप कौर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और अपना मांगपत्र भी सौंपा।
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली संकट के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। गांव में लगातार बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बार-बार बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों को मजबूर होकर एनएच-334बी पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और किसी भी प्रकार की हुड़दंगबाजी, तोड़फोड़ या कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसी घटना नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और बिजली निगम के अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर बिजली समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था।
अधिकारियों के भरोसे के बाद ही ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त करते हुए सड़क से जाम हटा लिया था। ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि प्रशासन और बिजली निगम के संयुक्त प्रयासों से अब गांव समसपुर की बिजली व्यवस्था में सुधार हो गया है और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कर दिया गया है। ऐसे में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमों को जारी रखना उचित नहीं है।
207 लोगों पर दर्ज किया गया है केस
सदर थाना पुलिस ने जाम लगाने वाले 207 ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसमें 27 नामजद सुरेंद्र, सुभाष पंच, पवन पंच, जय किशन पंडित, संदीप, ओमप्रकाश, सज्जन, ललित पंडित, नसीब, संजय, काला, मोटू, अंकित, कासिम नाई, मंगल डीजे वाला, जीतू, बोका, सोनू, संडू, अमित, संदीप, नंदू छिप्पी टैंट वाला, दया, बिमला, निशा, सूरती, कमला शामिल हैं। इनके अलावा 100 पुरुष व 80 अन्य महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा होगा रद: प्रधान
डीसी से मिलने के बाद फोगाट खाप के प्रधान सुरेश फोगाट ने बताया कि उपायुक्त मनदीप कौर ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आंदोलन के संबंध में दर्ज मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही डीसी ने कहा है कि जाम लगाना समस्या का हल नहीं है इसलिए भविष्य में जाम ना लगाए। खाप प्रधान ने कहा कि फोगाट खाप पूरी तरह से ग्रामीणों के साथ है और यदि मुकदमा रद नहीं होता है तो धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।
बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रहे तैनात
ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज होने को लेकर पहले गांव में बैठक का आयोजन किया। उसके बाद उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर दादरी लघु सचिवालय कूच किया। पुलिस को जैसे ही ग्रामीणों के आने की सूचना मिली लघु सचिवालय में बैरिकेड्स लगाए गए और डीएसपी कप्तान सिंह व सदर एसएचओ एसआई सतबीर सिंह की अगुवाई में काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
पुलिस ने लघु सचिवालय में व्यवस्था प्रभावित ना हो इसको देखते हुए ग्रामीणों के वाहनों को विश्रामगृह में खड़ा करवा दिया और उसके बाद वे शांतिपूर्वक लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान काफी संख्या में महिला व पुरुष पुलिस कर्मचारी तैनात रहे।
एसपी से बात करने के लिए बोला था: डीसी
डीसी मनदीप कौर ने कहा कि मामले को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है। उनको बताया है कि वे एसपी से इसको लेकर बात करेंगी उसके बाद ही कोई आगामी प्रक्रिया के लिए विचार किया जाएगा। वहीं, सदर एसएचओ सतबीर सिंह ने सोमवार सायं करीब चार बजे बताया कि अभी तक उनको केस रद करने के संबंध में किसी प्रकार के निर्देश नहीं मिले हैं।
ये था मामला
गांव समसपुर में बिजली समस्या को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 334-बी पर जाम लगाया था। ग्रामीणों की मांग थी कि उनके गांव को मोरवाला से हटाकर दादरी शहर पावरहाउस से जोड़ा जाए। करीब पांच घंटे तक हाईवे जाम रखने के कारण बिजली निगम के सिटी एसडीओ अनुराग की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
एसडीओ की शिकायत के अनुसार 18 जुलाई को सुबह करीब 10:45 बजे उन्हें एक्सईएन से सूचना मिली कि गांव समसपुर बस स्टैंड पर ग्रामीण बिजली संबंधी मांगों को लेकर एनएच-334बी पर धरना देकर सड़क जाम किए हुए हैं। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे तो वहां करीब 150 पुरुष और 70-80 महिलाएं सड़क पर दरी व गद्दे बिछाकर बैठे हुए थे। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
मौके पर पहले से ही सदर थाना के एएसआई मंजीत पुलिस बल के साथ मौजूद थे। बिजली विभाग के जेई विनय कुमार व पवन भी वहां पहुंचे हुए थे। बाद में तहसीलदार सन्नी दलाल, एसडीएम तथा अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाते हुए हाईवे से जाम हटाने की अपील की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
शिकायत के अनुसार ग्रामीण गांव समसपुर की बिजली आपूर्ति को 33 केवी मोरवाला सब स्टेशन से हटाकर दादरी शहर की बिजली लाइन से जोड़ने की मांग कर रहे थे। दोपहर करीब 2:30 बजे बिजली निगम के एक्सईएन अविनाश यादव भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
उन्होंने नियमानुसार उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस के प्रयासों से शाम करीब चार बजे जाम खुलवाया जा सका। पुलिस द्वारा जाम के दौरान मौके पर प्रदर्शन और जाम की वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी कराई गई। इसी आधार पर जाम में शामिल लोगों की पहचान की गई। सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 190, 191(2), 285 तथा नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 की धारा 8 (बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।