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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: बिजली निगम काट रहा उपभोक्ताओं की जेब, जान लीजिए क्या कहता है बीआर-5 नियम?

    Updated: Sun, 26 May 2024 12:38 PM (IST)

    अगर आपका बिल भी खर्च बिजली से ज्यादा आ रहा है तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल बिजली निगम ने उपभोक्ताओं को बिना बताए ही नए नियम के तहत जेब काटनी शुरू क ...और पढ़ें

    बिजली निगम काट रहा उपभोक्ताओं की जेब (सांकेतिक)।
    बिजली निगम काट रहा उपभोक्ताओं की जेब (सांकेतिक)।

    सुरेश मेहरा, भिवानी। बिजली निगम (Electricity Corporation) ने उपभोक्ताओं के साथ बड़ा खेला किया है। बिजली निगम ने नया नियम बनाकर चुपके से उपभोक्ताओं की जेब काटनी शुरू कर दी है। बिजली निगम ने गलती से आपको कुछ बिल आपकी यूनिट से ज्यादा थमा दिए या आपका मीटर जंप कर गया।

    इससे आपका बिल ज्यादा राशि का आएगा। आपने इस तरह के बिल भर भी दिए। आपको पता चलने पर निगम में शिकायत की तो आपको आपका ही रुपया वापस नहीं मिलेगा।

    नए नियम के तहत आपको जब आपने शिकायत की है उस अंतिम बिल की राशि ही वापस मिल सकेगी। आपने चाहे कितनी ही बड़ी राशि जमा करवाई हो वह आपको नहीं मिलेगी। नए नियम से पहले आप अपना रुपया वापस ले सकते थे।

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    ये है बीआर-5 नियम

    बिजली बिल रिवीजन होता है। रीडिंग गलत हैं तो ठीक करवा सकते हैं। आपका कोई केस कोर्ट में है तो कोर्ट के आदेशों की पालना इस नियम के तहत ही होती है।

    कैसे उपभोक्ता का बिल ज्यादा

    • मीटर रीडिंग लेने वाली एजेंसी की लापरवाही के कारण।
    • कई माह तक औसत बिल देना।
    • बाद में अचानक रीडिंग का बल देना।
    • किसी फाल्ट की वजह से मीटर की डिस्पले बंद हो जाना।
    • मीटर की डिस्पले ठीक होने के बाद एक साथ मीटर रीडिंग का बिल देना।

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